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किंग कोहली के हीरो हैं क्रिस्टियानो रोनाल्डो, जानें क्या कहा था

Rajeshwari Nishad
5 Nov 2026 6:26 PM IST
किंग कोहली के हीरो हैं क्रिस्टियानो रोनाल्डो, जानें क्या कहा था
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स्पोर्ट्स : भारतीय क्रिकेट के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली की लोकप्रियता भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में है। अपनी शानदार बल्लेबाजी, जबरदस्त फिटनेस और मैदान पर आक्रामक अंदाज के कारण कोहली करोड़ों क्रिकेट प्रशंसकों के पसंदीदा खिलाड़ी हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिस विराट कोहली को दुनियाभर के युवा अपना आदर्श मानते हैं, वह खुद फुटबॉल के महान खिलाड़ी क्रिस्टियानो रोनाल्डो के बहुत बड़े प्रशंसक हैं? कोहली ने एक बार रोनाल्डो को लेकर ऐसा दिलचस्प बयान दिया था, जिसने खेलप्रेमियों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया था।
दरअसल, विराट कोहली ने कहा था कि अगर किसी दिन वह सुबह उठें और खुद को क्रिस्टियानो रोनाल्डो के रूप में पाएं, तो सबसे पहले अपने दिमाग का स्कैन कराएंगे। इसकी वजह बताते हुए उन्होंने कहा था कि वह जानना चाहते हैं कि रोनाल्डो के अंदर इतनी जबरदस्त मानसिक मजबूती आखिर आती कहां से है।
कोहली का यह बयान अप्रैल 2022 में इंडियन प्रीमियर लीग के दौरान सामने आया था। उस समय उनकी फ्रेंचाइजी रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) ने 'बोल्ड डायरीज' सीरीज के तहत खिलाड़ियों के साथ एक मजेदार सवाल-जवाब का वीडियो साझा किया था। इसमें विराट कोहली, मोहम्मद सिराज और फाफ डु प्लेसिस से उनके पसंदीदा खिलाड़ियों और निजी पसंद से जुड़े सवाल पूछे गए थे।
सवाल-जवाब के दौरान विराट कोहली से पूछा गया कि उनका पसंदीदा खिलाड़ी कौन है। इस पर उन्होंने बिना किसी हिचकिचाहट के क्रिस्टियानो रोनाल्डो का नाम लिया। इसके बाद उनसे सवाल किया गया कि अगर वह एक दिन के लिए रोनाल्डो बन जाएं तो सबसे पहले क्या करना चाहेंगे।
इस दिलचस्प सवाल पर कोहली ने जवाब दिया कि वह अपने दिमाग का स्कैन कराएंगे और जानने की कोशिश करेंगे कि आखिर इतनी मानसिक ताकत आती कहां से है। उनका यह जवाब रोनाल्डो के प्रति सम्मान और उनकी मानसिक दृढ़ता के प्रति प्रशंसा को दर्शाता है।
क्रिस्टियानो रोनाल्डो की पहचान दुनिया के सबसे बेहतरीन फुटबॉल खिलाड़ियों में होती है। उनकी गोल करने की क्षमता, शानदार फिटनेस, अनुशासन और जीतने की भूख ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में खास मुकाम दिलाया है। लंबे समय तक शीर्ष स्तर पर प्रदर्शन करने के लिए शारीरिक क्षमता के साथ मानसिक रूप से मजबूत होना भी जरूरी है।
यही वजह है कि कोहली रोनाल्डो की मानसिक मजबूती से विशेष रूप से प्रभावित नजर आते हैं। दोनों खिलाड़ियों के बीच एक बड़ी समानता उनकी फिटनेस को लेकर गंभीरता है। विराट कोहली ने भारतीय क्रिकेट में फिटनेस को नई अहमियत देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने अपने खानपान, अभ्यास और जीवनशैली में बदलाव करके खुद को दुनिया के सबसे फिट क्रिकेटरों में स्थापित किया।
दूसरी ओर, रोनाल्डो भी अपनी कड़ी ट्रेनिंग, अनुशासित दिनचर्या और खेल के प्रति समर्पण के लिए जाने जाते हैं। दोनों खिलाड़ियों ने अपने-अपने खेल में सफलता हासिल करने के लिए लगातार मेहनत की है। यही कारण है कि विराट कोहली को रोनाल्डो की खेल शैली के साथ उनकी मानसिकता भी प्रेरित करती है।
खास बात यह है कि विराट कोहली खुद भी कई मुश्किल परिस्थितियों से निकलकर शानदार वापसी कर चुके हैं। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उन्हें ऐसे दौर का सामना करना पड़ा, जब उनके बल्ले से लंबे समय तक शतक नहीं निकला। उस दौरान उनकी बल्लेबाजी और फॉर्म को लेकर तरह-तरह के सवाल उठे। इसके बावजूद कोहली ने मेहनत और आत्मविश्वास के दम पर अपनी लय वापस हासिल की।
खेल विशेषज्ञों के अनुसार, बड़े खिलाड़ियों को सामान्य खिलाड़ियों से अलग बनाने में मानसिक मजबूती की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। लगातार अच्छे प्रदर्शन का दबाव, प्रशंसकों की उम्मीदें और आलोचनाओं का सामना करना किसी भी खिलाड़ी के लिए आसान नहीं होता। ऐसे में मानसिक संतुलन बनाए रखना सफलता की बड़ी शर्त बन जाता है।
आरसीबी के उसी वीडियो में तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज ने भी रोनाल्डो को अपना पसंदीदा खिलाड़ी बताया था। हालांकि, जब उनसे पूछा गया कि वह रोनाल्डो बनकर क्या करना चाहेंगे, तो उन्होंने एक अलग जवाब दिया। सिराज ने कहा था कि यदि उनके पास रोनाल्डो जितनी संपत्ति हो, तो वह गरीबों के लिए अस्पताल खोलना चाहेंगे। उन्होंने इसे अपना सपना बताया था।
वहीं, दक्षिण अफ्रीका के पूर्व कप्तान फाफ डु प्लेसिस ने महान टेनिस खिलाड़ी रोजर फेडरर को अपना आदर्श बताया था। फाफ ने फेडरर के शांत स्वभाव, विनम्रता और उपलब्धियों की सराहना की थी। इस तरह तीनों खिलाड़ियों के जवाबों ने प्रशंसकों को उनके व्यक्तित्व की एक अलग झलक दिखाई थी।
विराट कोहली और क्रिस्टियानो रोनाल्डो के प्रशंसक अक्सर दोनों खिलाड़ियों की तुलना उनकी फिटनेस, खेल के प्रति जुनून और प्रतिस्पर्धी स्वभाव के आधार पर करते हैं। हालांकि, क्रिकेट और फुटबॉल दो अलग खेल हैं, लेकिन शीर्ष स्तर पर सफलता हासिल करने के लिए जरूरी अनुशासन और समर्पण दोनों में समान हैं।
कोहली का यह पुराना बयान एक दिलचस्प संदेश भी देता है। दुनिया के सबसे सफल खिलाड़ियों में शामिल लोग भी दूसरे महान खिलाड़ियों से प्रेरणा लेते हैं। अपने क्षेत्र में बड़ी उपलब्धियां हासिल करने के बावजूद वे सीखने और बेहतर बनने की इच्छा बनाए रखते हैं।
विराट कोहली के इस बयान से स्पष्ट होता है कि वह रोनाल्डो को केवल एक शानदार फुटबॉलर के रूप में नहीं देखते, बल्कि उनकी मानसिक दृढ़ता को भी असाधारण मानते हैं। यही वजह है कि रोनाल्डो बनने की काल्पनिक स्थिति में उन्होंने किसी ट्रॉफी, रिकॉर्ड या लग्जरी जीवनशैली के बजाय उनकी मानसिक ताकत का रहस्य जानने की इच्छा जताई थी।
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