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SM कृष्णा मेमोरियल में बिरयुकोव ने इवाश्का को हराकर ATP चैलेंजर खिताब जीता

Kavita2
24 May 2026 11:18 AM IST
SM कृष्णा मेमोरियल में बिरयुकोव ने इवाश्का को हराकर ATP चैलेंजर खिताब जीता
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Sports स्पोर्ट्स: एसएम कृष्णा मेमोरियल टेनिस टूर्नामेंट में रूसी खिलाड़ी पेट्र बार बिरयुकोव ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इल्या इवाश्का को कड़े मुकाबले में हराकर ATP चैलेंजर खिताब अपने नाम किया। यह मुकाबला तीन सेट तक चला, जिसमें दोनों खिलाड़ियों ने बेहतरीन खेल का प्रदर्शन किया।

बिरयुकोव ने मैच की शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया और अपनी मजबूत सर्व के साथ विपक्षी खिलाड़ी पर दबाव बनाए रखा। उन्होंने कोर्ट पर तेज मूवमेंट और लगातार अच्छे रिटर्न्स के जरिए इवाश्का के मजबूत खेल का जवाब दिया। हालांकि कुल पॉइंट्स के मामले में वह 49 प्रतिशत पर पीछे रहे, लेकिन महत्वपूर्ण मौकों पर उनके क्लच प्रदर्शन ने मैच का रुख बदल दिया।

पहला सेट बेहद रोमांचक रहा, जो टाई-ब्रेकर तक पहुंचा। टाई-ब्रेकर में इवाश्का ने शुरुआती गलतियां कीं, जिसका फायदा उठाते हुए बिरयुकोव ने लगातार अंक हासिल किए और 7-0 की बढ़त बनाकर सेट अपने नाम कर लिया। इस सेट ने मैच में बिरयुकोव को शुरुआती बढ़त दिलाई।

दूसरे सेट में इवाश्का ने वापसी की कोशिश की और शुरुआत से ही अपने ग्राउंडस्ट्रोक्स में अधिक आक्रामकता दिखाई। 32 वर्षीय इवाश्का ने पांचवें गेम में ब्रेक हासिल कर 3-2 की बढ़त बनाई। उन्होंने हाई बॉल, डीप शॉट्स और सटीक बॉडी सर्व का इस्तेमाल करते हुए मैच पर नियंत्रण बनाना शुरू किया। उनकी रणनीति सफल रही और उन्होंने दूसरा सेट जीतकर मुकाबले को बराबरी पर ला दिया।

निर्णायक तीसरे सेट में दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिला। हर पॉइंट के लिए लंबी रैलियां खेली गईं और दोनों ने एक-दूसरे पर लगातार दबाव बनाए रखा। लेकिन महत्वपूर्ण क्षणों में बिरयुकोव ने बेहतर संयम दिखाया और अपनी रणनीति को सही तरीके से लागू किया।

बिरयुकोव की मजबूत सर्व और दबाव में सटीक शॉट चयन ने उन्हें अंतिम सेट 6-4 से जीतने में मदद की। इसके साथ ही उन्होंने यह मुकाबला 7-6 (0), 4-6, 6-4 से जीतकर खिताब अपने नाम कर लिया।

यह जीत बिरयुकोव के करियर के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि उन्होंने यहां अपना दूसरा ATP 50 चैलेंजर खिताब जीता है। उनकी इस सफलता ने उनके आत्मविश्वास को और मजबूत किया है और आने वाले टूर्नामेंट्स के लिए उन्हें एक मजबूत दावेदार के रूप में स्थापित किया है।

इवाश्का, जो पहले टॉप-40 खिलाड़ी रह चुके हैं, ने भी मैच में शानदार वापसी की कोशिश की, लेकिन निर्णायक क्षणों में गलतियां उनके लिए भारी पड़ीं।

कुल मिलाकर, यह मुकाबला उच्च स्तर की टेनिस प्रतिस्पर्धा का उदाहरण रहा, जिसमें दोनों खिलाड़ियों ने अपने कौशल और रणनीति से दर्शकों को रोमांचित किया।

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