
Sports स्पोर्ट्स: मई 2025 में प्रोफेशनल स्नूकर की दुनिया में ऐसे नतीजे देखने को मिले, जिन्हें खेल इतिहास में लंबे समय तक याद रखा जाएगा। चीन के झाओ शिंटोंग ने मैच फिक्सिंग के कारण 20 महीने के बैन के बाद शानदार वापसी करते हुए वर्ल्ड स्नूकर चैंपियनशिप जीतकर एक असाधारण उपलब्धि दर्ज की।
जनवरी में प्रोफेशनल सर्किट में वापसी करने के बाद झाओ शिंटोंग ने क्वालिफायर के तौर पर मुख्य ड्रॉ में जगह बनाई और लगातार बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए खिताब तक का सफर तय किया। उन्हें इस सफलता के बाद स्नूकर इतिहास के सबसे बड़े “कमबैक स्टोरी” में से एक माना जा रहा है।
सेमीफाइनल में झाओ ने दिग्गज रॉनी ओ’सुलिवन को 17-7 के बड़े अंतर से हराकर सभी को चौंका दिया। इसके बाद फाइनल मुकाबले में उन्होंने अनुभवी मार्क विलियम्स को 18-12 से मात देकर वर्ल्ड चैंपियनशिप ट्रॉफी अपने नाम की। इस जीत के साथ झाओ इस प्रतिष्ठित खिताब को जीतने वाले पहले एशियाई खिलाड़ी बन गए।
यह जीत उस खेल में एक बड़े बदलाव का संकेत मानी जा रही है, जहां लंबे समय तक इंग्लैंड और यूरोप के खिलाड़ियों का दबदबा रहा है। क्रूसिबल थिएटर में एक सदी से अधिक समय तक चले इस वर्चस्व के बाद झाओ की जीत को एक “ऐतिहासिक ब्रेकथ्रू” कहा जा रहा है।
इसी साल चीन के युवा खिलाड़ियों ने भी स्नूकर में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई। रिकॉर्ड 11 चीनी खिलाड़ियों ने वर्ल्ड चैंपियनशिप के 32 खिलाड़ियों के मुख्य ड्रॉ में जगह बनाई, जिससे यह साफ हुआ कि चीन अब इस खेल में एक नई ताकत बनकर उभर रहा है।
इसी कड़ी में वू यिज़े ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए वर्ल्ड चैंपियनशिप का खिताब जीत लिया। 22 वर्षीय वू, जिन्हें “द प्रीस्ट” के नाम से जाना जाता है, स्नूकर के दिग्गज स्टीफन हेंड्री के बाद सबसे कम उम्र में खिताब जीतने वाले खिलाड़ियों में शामिल हो गए।
फाइनल मुकाबला बेहद रोमांचक रहा, जिसमें वू यिज़े ने शॉन मर्फी को 18-17 के करीबी अंतर से हराया। मैच के दौरान कई बार स्थिति पलटी, लेकिन वू ने दबाव में भी शानदार संयम दिखाया और निर्णायक फ्रेम जीतकर खिताब अपने नाम किया।
इस जीत के साथ स्नूकर की दुनिया में चीन का प्रभाव तेजी से बढ़ता दिखाई दे रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में चीनी खिलाड़ी इस खेल पर और भी अधिक हावी हो सकते हैं, क्योंकि युवा प्रतिभाओं की संख्या और उनका प्रदर्शन लगातार बेहतर हो रहा है।
रॉनी ओ’सुलिवन जैसे दिग्गजों ने भी पहले वू यिज़े को “अगली बड़ी ताकत” बताया था, जो अब सच साबित होता दिख रहा है।
झाओ शिंटोंग और वू यिज़े की इन ऐतिहासिक जीतों ने स्नूकर की दुनिया में एक नए युग की शुरुआत कर दी है, जहां पारंपरिक शक्ति संतुलन बदलता नजर आ रहा है।





