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स्पोर्ट्स: क्रिकेट के मैदान पर इतिहास ने एक बार फिर खुद को दोहराया है। साउथ अफ्रीका ने ऑस्ट्रेलिया को केपटाउन के न्यूलैंड्स मैदान पर खेले गए तीसरे और निर्णायक टेस्ट मुकाबले में 176 रनों से करारी शिकस्त देकर तीन मैचों की टेस्ट सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली। इस हार के साथ ऑस्ट्रेलिया को वही जख्म मिला है, जो करीब 25 साल पहले भारतीय क्रिकेट टीम ने दिया था। साल 2001 के बाद यह पहला मौका है, जब ऑस्ट्रेलिया ने किसी तीन मैचों की टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला जीतने के बावजूद पूरी सीरीज गंवा दी है।
साउथ अफ्रीका की इस ऐतिहासिक जीत में तेज गेंदबाज कगिसो रबाडा और ऑफ स्पिनर साइमन हार्मर की अहम भूमिका रही। दोनों गेंदबाजों ने पांचवें दिन ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी क्रम को तहस-नहस कर दिया। 288 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम दूसरी पारी में महज 111 रन पर सिमट गई। हार्मर ने छह विकेट लेकर कंगारुओं की उम्मीदों पर पानी फेर दिया, जबकि रबाडा ने शुरुआती झटके देकर मुकाबले का रुख दक्षिण अफ्रीका की ओर मोड़ दिया।
मैच का पूरा लेखा-जोखा
केपटाउन टेस्ट में साउथ अफ्रीका ने पहली पारी में 329 रन बनाए थे। टीम की ओर से मार्को अकर्मन ने 95 रन और एडेन मार्करम ने 78 रनों की महत्वपूर्ण पारियां खेलीं। ऑस्ट्रेलिया की ओर से मिचेल स्टार्क ने शानदार गेंदबाजी करते हुए छह विकेट हासिल किए।
इसके जवाब में ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी में 429 रन बनाकर 100 रनों की बढ़त हासिल कर ली। ऑस्ट्रेलिया की ओर से जोश इंग्लिस ने 102 और एलेक्स कैरी ने 80 रन बनाए। इस समय मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया की स्थिति मजबूत दिखाई दे रही थी।
हालांकि, साउथ अफ्रीका ने दूसरी पारी में जबरदस्त वापसी की। टीम ने 387 रन बनाकर ऑस्ट्रेलिया के सामने जीत के लिए 288 रनों का लक्ष्य रखा। वियान मुल्डर ने 115 रनों की शानदार पारी खेली, जबकि रयान रिकेल्टन ने 101 रन बनाए। मार्क अकर्मन ने भी 62 रनों का योगदान दिया।
ऑस्ट्रेलिया को जीत के लिए अंतिम पारी में 288 रन बनाने थे, लेकिन दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाजों के सामने उसकी बल्लेबाजी पूरी तरह बिखर गई।
रबाडा ने पहले ही ओवर में पलट दिया मैच
पांचवें दिन ऑस्ट्रेलिया जब लक्ष्य का पीछा करने उतरी तो उसे शुरुआत से ही बड़े झटके लगने लगे। कगिसो रबाडा ने नई गेंद से शानदार गेंदबाजी की और शुरुआती ओवरों में ही ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी।
रबाडा ने ट्रेविस हेड, मैट रेनशॉ और मार्नस लाबुशेन को पवेलियन भेजकर ऑस्ट्रेलिया को बैकफुट पर धकेल दिया। शुरुआती विकेट गिरने के बाद ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज दबाव से बाहर नहीं निकल सके।
इसके बाद साइमन हार्मर ने अपनी स्पिन गेंदबाजी का जादू दिखाया। उन्होंने एक के बाद एक विकेट लेकर ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को क्रीज पर टिकने का मौका नहीं दिया। हार्मर ने दूसरी पारी में केवल 16 रन देकर छह विकेट हासिल किए। उन्होंने पूरे मुकाबले में 10 विकेट अपने नाम किए।
ऑस्ट्रेलिया की ओर से नाथन लायन ने नाबाद 33 रन बनाए, जबकि कैमरन ग्रीन ने 27 रनों की पारी खेली। कप्तान पैट कमिंस ने भी 90 गेंदों का सामना करते हुए 11 रन बनाए, लेकिन टीम को हार से नहीं बचा सके। पूरी ऑस्ट्रेलियाई टीम 57.1 ओवर में 111 रन पर ऑलआउट हो गई।
25 साल पहले भारत ने दिया था ऐसा ही झटका
इस सीरीज की सबसे दिलचस्प बात इसका 2001 के भारत-ऑस्ट्रेलिया टेस्ट सीरीज से जुड़ना है। उस समय ऑस्ट्रेलिया की टीम स्टीव वॉ की कप्तानी में भारत दौरे पर आई थी। कंगारू टीम ने मुंबई में खेले गए पहले टेस्ट में भारत को 10 विकेट से हराकर सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली थी।
इसके बाद कोलकाता के ईडन गार्डन्स में खेले गए दूसरे टेस्ट में भारतीय टीम ने ऐसा पलटवार किया, जिसे क्रिकेट इतिहास में आज भी याद किया जाता है। ऑस्ट्रेलिया ने भारत को फॉलोऑन दिया था, लेकिन वीवीएस लक्ष्मण और राहुल द्रविड़ की ऐतिहासिक साझेदारी ने मैच का रुख बदल दिया। लक्ष्मण ने 281 और द्रविड़ ने 180 रन बनाए। भारत ने यह मुकाबला 171 रनों से जीतकर सीरीज 1-1 से बराबर कर दी।
इसके बाद चेन्नई में खेले गए तीसरे टेस्ट में भारत ने दो विकेट से जीत दर्ज की और तीन मैचों की सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली। इस तरह पहले टेस्ट में जीतने के बावजूद ऑस्ट्रेलिया को सीरीज गंवानी पड़ी थी।
अब 2026 में साउथ अफ्रीका ने भी लगभग इसी कहानी को दोहराया है। ऑस्ट्रेलिया ने डरबन में पहला टेस्ट 214 रनों से जीता था, लेकिन इसके बाद साउथ अफ्रीका ने गकेबरहा में दूसरा टेस्ट एक पारी और 31 रनों से जीतकर वापसी की। निर्णायक तीसरे टेस्ट में 176 रनों की जीत के साथ सीरीज पर कब्जा जमा लिया।
साउथ अफ्रीका बनी टेस्ट क्रिकेट की नंबर-1 टीम
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ इस शानदार जीत का फायदा साउथ अफ्रीका को आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में भी मिला है। टीम ने ऑस्ट्रेलिया को पीछे छोड़ते हुए टेस्ट क्रिकेट में नंबर-1 स्थान हासिल कर लिया है। जनवरी 2016 के बाद पहली बार दक्षिण अफ्रीका टेस्ट रैंकिंग में शीर्ष पर पहुंची है।
इस मुकाबले में शानदार प्रदर्शन के लिए साइमन हार्मर को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया, जबकि मार्को यानसन को पूरी सीरीज में उनके बेहतरीन प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द सीरीज का पुरस्कार मिला। यानसन ने सीरीज में 146 रन बनाने के साथ 10 विकेट भी हासिल किए।
वहीं, कगिसो रबाडा ने भी इस मुकाबले में टेस्ट क्रिकेट में 350 विकेट पूरे कर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की। उन्होंने सबसे कम गेंदों में इस आंकड़े तक पहुंचने वाले गेंदबाजों में नया रिकॉर्ड बनाया।
इस तरह साउथ अफ्रीका ने न केवल ऑस्ट्रेलिया से टेस्ट सीरीज छीन ली, बल्कि विश्व क्रिकेट में अपनी ताकत का भी एहसास करा दिया। 25 साल पहले भारत ने जो कारनामा किया था, अब उसी इतिहास को साउथ अफ्रीका ने केपटाउन में दोहरा दिया है।
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