यशस्वी जायसवाल की अनदेखी पर भड़के अश्विन, चयनकर्ताओं को सुनाई खरी-खोटी

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के न्यूजीलैंड दौरे के लिए वनडे और टेस्ट टीम की घोषणा के बाद युवा सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। शानदार बल्लेबाजी और सीमित मौकों में प्रभावशाली प्रदर्शन के बावजूद जायसवाल को पांच मैचों की वनडे सीरीज में जगह नहीं मिली है। इस फैसले पर भारतीय टीम के पूर्व दिग्गज ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने नाराजगी जताते हुए चयनकर्ताओं और टीम प्रबंधन के रवैये पर सवाल उठाए हैं। अश्विन का मानना है कि लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाले युवा खिलाड़ियों को पर्याप्त अवसर मिलना चाहिए।
दो शतक लगाने के बावजूद वनडे टीम से बाहर
यशस्वी जायसवाल की हालिया वनडे पारियों पर नजर डालें तो उनके प्रदर्शन ने चयनकर्ताओं के फैसले पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने अपनी पिछली तीन वनडे पारियों में दो शानदार शतक लगाए हैं। इन पारियों में उनके बल्ले से नाबाद 116 रन, 4 रन और नाबाद 110 रन निकले।
इन आंकड़ों से साफ है कि जायसवाल को जब भी मौका मिला, उन्होंने अपनी बल्लेबाजी से प्रभावित करने का प्रयास किया। इसके बावजूद न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी वनडे सीरीज के लिए घोषित दोनों टीमों में उनका नाम शामिल नहीं किया गया।
सोशल मीडिया पर क्रिकेट प्रशंसक भी इस फैसले पर नाराजगी जता रहे हैं। कई प्रशंसकों का कहना है कि जब युवा खिलाड़ी लगातार रन बना रहा हो, तो उसे टीम से बाहर रखने के बजाय अधिक अवसर दिए जाने चाहिए।
अश्विन ने चयनकर्ताओं से पूछा बड़ा सवाल
रविचंद्रन अश्विन ने जायसवाल को वनडे टीम से बाहर रखने के फैसले पर असहमति जताई है। उनका कहना है कि जब शुभमन गिल को सीरीज के अंतिम दो वनडे मैचों से आराम दिया गया है, तो ऐसे में यशस्वी जायसवाल को मौका देने पर विचार किया जाना चाहिए था।
अश्विन के मुताबिक, यह केवल किसी खिलाड़ी को टीम में शामिल करने का मुद्दा नहीं है, बल्कि उसके आत्मविश्वास और भविष्य से भी जुड़ा हुआ मामला है।
उन्होंने कहा कि यदि वह चयन प्रक्रिया या टीम प्रबंधन का हिस्सा होते, तो जायसवाल से बातचीत करते और पूछते कि क्या वह अंतिम दो वनडे मुकाबलों में खेलना चाहते हैं।
अश्विन का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने का अनुभव किसी भी युवा खिलाड़ी के विकास में बेहद महत्वपूर्ण होता है। नियमित अवसर नहीं मिलने से खिलाड़ी की लय और आत्मविश्वास प्रभावित हो सकते हैं।
युवा खिलाड़ियों के आत्मविश्वास पर पड़ सकता है असर अश्विन ने इस बात पर भी चिंता जताई कि लगातार टीम से बाहर रहने के कारण किसी प्रतिभाशाली खिलाड़ी का आत्मविश्वास कमजोर हो सकता है।
उनका मानना है कि भारतीय क्रिकेट में जायसवाल जैसे खिलाड़ियों की अहम भूमिका है। ऐसे में चयनकर्ताओं और टीम प्रबंधन को उनके साथ संवाद बनाए रखना चाहिए।अश्विन ने यह सवाल भी उठाया कि जायसवाल को नियमित अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेलने का अवसर क्यों नहीं मिल रहा है। उनके अनुसार, एक-दो कमजोर पारियों के आधार पर किसी युवा बल्लेबाज की क्षमता का आकलन करना उचित नहीं होगा।
उन्होंने जायसवाल को भारतीय क्रिकेट की महत्वपूर्ण प्रतिभाओं में से एक बताते हुए उनके विकास पर विशेष ध्यान देने की जरूरत जताई। शुभमन गिल को आराम, फिर भी जायसवाल को मौका नहीं न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच वनडे मुकाबलों की सीरीज के लिए भारतीय चयनकर्ताओं ने दो अलग-अलग टीमों की घोषणा की है।
पहले तीन मुकाबलों में शुभमन गिल भारतीय टीम की कप्तानी करेंगे, जबकि श्रेयस अय्यर उपकप्तान होंगे। वहीं अंतिम दो मैचों में गिल को आराम दिया गया है और श्रेयस अय्यर टीम की कमान संभालेंगे।
इन मुकाबलों के लिए ईशान किशन को उपकप्तान बनाया गया है। रोहित शर्मा और विराट कोहली दोनों वनडे टीमों का हिस्सा हैं। ऋतुराज गायकवाड़ को भी टीम में जगह मिली है। हालांकि, गिल के अंतिम दो मैचों में उपलब्ध नहीं होने के बावजूद जायसवाल को टीम में शामिल नहीं किया गया। यही बात अश्विन की आपत्ति का प्रमुख कारण बनी है।
टेस्ट टीम में मिली जगह, वनडे में अनदेखी यशस्वी जायसवाल के लिए राहत की बात यह है कि उन्हें न्यूजीलैंड के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय टीम में शामिल किया गया है। टेस्ट टीम की कप्तानी शुभमन गिल करेंगे। इस टीम में जसप्रीत बुमराह, केएल राहुल, रवींद्र जडेजा और मोहम्मद सिराज जैसे अनुभवी खिलाड़ी भी शामिल हैं।
जायसवाल की टेस्ट टीम में मौजूदगी बताती है कि वह भारतीय टीम की रेड बॉल क्रिकेट योजनाओं का हिस्सा बने हुए हैं। हालांकि, वनडे टीम में उनकी गैरमौजूदगी को लेकर चयनकर्ताओं की तरफ से कोई विशेष व्यक्तिगत कारण घोषित नहीं किया गया है।
संभव है कि टीम प्रबंधन अलग बल्लेबाजी संयोजन और आगामी विश्व कप की तैयारियों को ध्यान में रख रहा हो, लेकिन इसे चयनकर्ताओं का आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं माना जा सकता।
कब शुरू होगी भारत और न्यूजीलैंड की वनडे सीरीज?
भारतीय टीम न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच वनडे मैच खेलेगी। पहला मुकाबला 4 नवंबर को ऑकलैंड में होगा। इसके बाद 7 नवंबर को वेलिंगटन, 10 नवंबर को हैमिल्टन और अंतिम दो मुकाबले 13 तथा 15 नवंबर को माउंट माउंगानुई में खेले जाएंगे।
वनडे सीरीज समाप्त होने के बाद दोनों टीमों के बीच दो टेस्ट मैचों की सीरीज शुरू होगी। पहला टेस्ट 19 नवंबर को वेलिंगटन और दूसरा टेस्ट 27 नवंबर को क्राइस्टचर्च में शुरू होगा।
फिलहाल यशस्वी जायसवाल के चयन को लेकर क्रिकेट जगत में बहस तेज हो गई है। अश्विन की प्रतिक्रिया ने एक बार फिर यह सवाल सामने ला दिया है कि शानदार प्रदर्शन करने वाले युवा खिलाड़ियों को भारतीय टीम में निरंतर मौके किस आधार पर दिए जाने चाहिए। अब जायसवाल के पास टेस्ट सीरीज में अपनी प्रतिभा दिखाने और चयनकर्ताओं के सामने अपनी दावेदारी मजबूत करने का अवसर होगा।





