खेल

दोहा में भारतीय निशानेबाजों की अग्निपरीक्षा, दांव पर ओलंपिक कोटा

Ratna Netam
2 Nov 2026 7:07 PM IST
दोहा में भारतीय निशानेबाजों की अग्निपरीक्षा, दांव पर ओलंपिक कोटा
x
दोहा। लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 में भारत की मजबूत दावेदारी पेश करने के लिए भारतीय निशानेबाजों ने अपनी तैयारियों को अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अंजाम देना शुरू कर दिया है। कतर की राजधानी दोहा में 1 नवंबर से शुरू हुई आईएसएसएफ विश्व चैंपियनशिप में भारतीय शूटिंग टीम का लक्ष्य शुरुआती दौर में ही ओलंपिक कोटा हासिल करना है। इस प्रतियोगिता में भारत के 54 निशानेबाज हिस्सा ले रहे हैं, जिनमें अनुभवी ओलंपिक पदक विजेता से लेकर उभरते हुए खिलाड़ी तक शामिल हैं।राइफल, पिस्टल और शॉटगन स्पर्धाओं वाली यह विश्व चैंपियनशिप भारतीय खिलाड़ियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इसकी खास वजह यह है कि दोहा में होने वाली प्रतियोगिता लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक के लिए निशानेबाजी की पहली और सबसे बड़ी क्वालिफिकेशन प्रतियोगिता है। यहां कुल 36 ओलंपिक कोटा स्थान दांव पर हैं। प्रत्येक 12 व्यक्तिगत ओलंपिक स्पर्धाओं में तीन-तीन कोटा दिए जाएंगे। भारत के पास अलग-अलग स्पर्धाओं में अधिकतम 12 कोटा हासिल करने का अवसर है। हालांकि, प्रत्येक देश एक व्यक्तिगत स्पर्धा में अधिकतम एक ही कोटा प्राप्त कर सकता है।
3 नवंबर से शुरू होंगी पदक स्पर्धाएं
दोहा के लुसैल शूटिंग कॉम्प्लेक्स में प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। चैंपियनशिप 1 से 14 नवंबर तक चलेगी, जबकि पदक मुकाबले 3 से 13 नवंबर के बीच आयोजित किए जाएंगे। भारतीय निशानेबाजों के लिए यह केवल विश्व चैंपियन बनने की प्रतियोगिता नहीं है, बल्कि लॉस एंजिल्स ओलंपिक की ओर पहला बड़ा कदम भी है।भारत ने हाल ही में जापान में आयोजित आइची-नागोया एशियाई खेलों में निशानेबाजी में कुल 15 पदक जीते थे। इनमें तीन स्वर्ण, आठ रजत और चार कांस्य पदक शामिल थे। हालांकि, पिछले एशियाई खेलों के मुकाबले इस बार भारत के कुल पदकों की संख्या में गिरावट आई है। ऐसे में भारतीय निशानेबाज दोहा में बेहतर प्रदर्शन करके अपनी क्षमता साबित करना चाहेंगे।
मनु भाकर और नीरू ढांडा पर रहेंगी निगाहें
भारतीय टीम की सबसे बड़ी उम्मीदों में दो बार की ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर शामिल हैं। मनु पिस्टल स्पर्धाओं में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। उनके अनुभव और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रदर्शन को देखते हुए उनसे अच्छे परिणाम की उम्मीद की जा रही है। मनु के साथ ईशा सिंह, सुरuchi सिंह, सायनम और कमलजीत जैसी निशानेबाज भी भारतीय चुनौती को मजबूत करेंगी।शॉटगन स्पर्धा में नीरू ढांडा भारत की प्रमुख दावेदारों में शामिल हैं। उन्होंने हाल ही में एशियाई खेलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए महिलाओं की ट्रैप व्यक्तिगत स्पर्धा में भारत को पहला स्वर्ण पदक दिलाया था। इसके अलावा उन्होंने मिश्रित टीम स्पर्धा में भी स्वर्ण और महिला टीम स्पर्धा में रजत पदक जीता था। उनके इस प्रदर्शन ने भारतीय शूटिंग टीम की उम्मीदों को बढ़ाया है।नीरू के अलावा जोरावर सिंह संधू भी ट्रैप स्पर्धा में भारतीय चुनौती पेश करेंगे। वह 2025 विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीत चुके हैं। वहीं स्कीट स्पर्धा में अनंतजीत सिंह नरुका, भवतेघ सिंह गिल, मैराज अहमद खान, रायजा ढिल्लों और परीनाज़ धालीवाल जैसे खिलाड़ी भारत की ओर से मैदान में उतरेंगे।
राइफल स्पर्धा में भी भारत को पदक की उम्मीद
राइफल वर्ग में एलावेनिल वालारिवन और हिमांशु धिल्लों भारतीय टीम के प्रमुख चेहरों में शामिल हैं। दोनों ने एशियाई खेलों में व्यक्तिगत स्पर्धाओं में रजत पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया था। उनके साथ सोनम उत्तम मस्कर और युवा निशानेबाज शांभवी क्षीरसागर भी चुनौती पेश करेंगी।पुरुषों की राइफल स्पर्धा में पार्थ माने, पार्थ मखीजा और हिमांशु धिल्लों से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है। वहीं 50 मीटर राइफल थ्री पोजीशन स्पर्धा में अनुभवी निशानेबाज अंजुम मौदगिल, अखिल श्योराण, ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर और नीरज कुमार भारत की दावेदारी को मजबूत करेंगे।अखिल श्योराण और ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर जैसे खिलाड़ियों के पास बड़े अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों का अनुभव है। ऐसे में उनसे उम्मीद होगी कि वे दबाव की परिस्थितियों में बेहतर प्रदर्शन करते हुए देश के लिए ओलंपिक कोटा हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ें।
किस दिन मिलेंगे ओलंपिक कोटा?
दोहा विश्व चैंपियनशिप में अलग-अलग स्पर्धाओं के लिए ओलंपिक कोटा का कार्यक्रम भी तय किया गया है। 3 नवंबर को पुरुष और महिला 10 मीटर एयर राइफल में तीन-तीन कोटा दिए जाएंगे। 4 नवंबर को पुरुषों की 25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल स्पर्धा में तीन कोटा उपलब्ध होंगे।5 नवंबर को पुरुष और महिला 10 मीटर एयर पिस्टल में कोटा का फैसला होगा। 6 नवंबर को पुरुष और महिला स्कीट स्पर्धाओं में ओलंपिक स्थान हासिल करने का मौका मिलेगा।इसके बाद 9 नवंबर को महिलाओं की 50 मीटर राइफल थ्री पोजीशन, 10 नवंबर को महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल और 11 नवंबर को पुरुषों की 50 मीटर राइफल थ्री पोजीशन स्पर्धा में कोटा दिए जाएंगे। 12 नवंबर को पुरुष और महिला ट्रैप स्पर्धाओं के साथ दोहा में कोटा आवंटन का यह चरण पूरा होगा।
तैयारी को लेकर NRAI ने जताया भरोसा
भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ (NRAI) के अध्यक्ष कालिकेश नारायण सिंह देव ने कहा है कि भारतीय खिलाड़ियों की तैयारियां इस महत्वपूर्ण प्रतियोगिता को ध्यान में रखकर की गई हैं। एशियाई खेलों के बाद खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर में हिस्सा लिया और दोहा के लिए अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दिया।NRAI के महासचिव पवन कुमार सिंह के अनुसार, खिलाड़ियों के प्रशिक्षण को उनकी स्पर्धाओं के हिसाब से अलग-अलग चरणों में आयोजित किया गया। दिल्ली के डॉ. कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में आयोजित शिविर में राइफल, पिस्टल और शॉटगन खिलाड़ियों को उनके प्रशिक्षकों के साथ विशेष अभ्यास का अवसर दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान खिलाड़ियों के प्रदर्शन से जुड़े आंकड़ों का भी इस्तेमाल किया गया।संघ को उम्मीद है कि भारतीय खिलाड़ी अपनी तैयारी के अनुरूप प्रदर्शन करते हुए सभी प्रमुख स्पर्धाओं में चुनौती पेश करेंगे।
ओलंपिक में जगह के लिए कोटा हासिल करना जरूरी
दोहा में कोटा हासिल करना भारत के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे लॉस एंजिल्स ओलंपिक की तैयारियों को लंबा समय मिलेगा। हालांकि, किसी खिलाड़ी के देश के लिए कोटा जीतने का मतलब यह नहीं है कि उसी खिलाड़ी की ओलंपिक में भागीदारी पक्की हो जाएगी। ओलंपिक में प्रतिनिधित्व के लिए संबंधित राष्ट्रीय ओलंपिक समिति और राष्ट्रीय महासंघ के चयन नियम भी लागू होंगे।दोहा के बाद 2027 में दक्षिण कोरिया के डेगू और मिस्र के काहिरा में होने वाली विश्व चैंपियनशिप सहित अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी ओलंपिक कोटा हासिल करने के अवसर मिलेंगे। इसके अलावा ओलंपिक रैंकिंग के माध्यम से भी खिलाड़ियों को जगह मिलेगी। निशानेबाजी के लिए ओलंपिक क्वालिफिकेशन प्रक्रिया 1 मई 2028 तक चलेगी।फिलहाल भारतीय निशानेबाजों का पूरा ध्यान दोहा में बेहतर प्रदर्शन करने पर है। एशियाई खेलों के अनुभव, अनुभवी खिलाड़ियों की मौजूदगी और युवा प्रतिभाओं के दम पर भारत इस बार शुरुआती चरण में ही ज्यादा से ज्यादा ओलंपिक कोटा हासिल करना चाहेगा। अगर भारतीय खिलाड़ी अपने प्रदर्शन को पदकों और कोटा में बदलने में सफल रहते हैं तो लॉस एंजिल्स 2028 के लिए देश की तैयारियों को बड़ी मजबूती मिलेगी।
Next Story