
स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। क्रिकेट के इतिहास में कई ऐसे रिकॉर्ड बने हैं, जिन्हें देखकर आज भी फैंस हैरान रह जाते हैं। बल्लेबाजों के बड़े-बड़े स्कोर और शतकों की चर्चा अक्सर होती है, लेकिन गेंदबाजों के कुछ प्रदर्शन ऐसे भी हैं, जिन्होंने क्रिकेट की दुनिया में अमिट छाप छोड़ी है। ऐसा ही एक रिकॉर्ड इंग्लैंड के महान स्पिन गेंदबाज जिम लेकर के नाम दर्ज है, जिसे आज तक कोई भी गेंदबाज नहीं तोड़ पाया है।
इंग्लैंड के दिग्गज ऑफ स्पिनर जिम लेकर ने साल 1956 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एक टेस्ट मैच में ऐसा प्रदर्शन किया था, जिसे क्रिकेट इतिहास के सबसे बेहतरीन गेंदबाजी प्रदर्शनों में गिना जाता है। उन्होंने अकेले दम पर ऑस्ट्रेलियाई टीम की बल्लेबाजी को तहस-नहस कर दिया था और पूरे मैच में 19 विकेट हासिल किए थे।
यह ऐतिहासिक मुकाबला इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान पर खेला गया था। उस समय ऑस्ट्रेलियाई टीम विश्व क्रिकेट की सबसे मजबूत टीमों में गिनी जाती थी, लेकिन जिम लेकर की घातक गेंदबाजी के सामने कंगारू बल्लेबाज पूरी तरह बेबस नजर आए।
जिम लेकर ने मैच की पहली पारी में शानदार गेंदबाजी करते हुए 9 विकेट अपने नाम किए। इसके बाद दूसरी पारी में उन्होंने अपना ही प्रदर्शन और बेहतर कर दिया और सभी 10 विकेट झटक लिए। इस तरह उन्होंने पूरे टेस्ट मैच में 19 विकेट लेकर इतिहास रच दिया। वह आज भी दुनिया के इकलौते गेंदबाज हैं, जिन्होंने एक टेस्ट मैच में 19 विकेट लेने का कारनामा किया है।
टेस्ट क्रिकेट में एक पारी में 10 विकेट लेना ही बेहद दुर्लभ उपलब्धि मानी जाती है। कई महान गेंदबाजों ने एक पारी में 10 विकेट लेने का रिकॉर्ड बनाया है, लेकिन पूरे टेस्ट मैच में 19 विकेट लेने जैसा प्रदर्शन कोई दोबारा नहीं कर सका। जिम लेकर का यह रिकॉर्ड करीब सात दशक बाद भी कायम है।
इस मुकाबले में ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों के लिए जिम लेकर को खेलना बेहद मुश्किल साबित हुआ। पहली पारी में ऑस्ट्रेलियाई टीम केवल 84 रनों पर सिमट गई थी। टीम के ज्यादातर बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू सके। चार बल्लेबाज तो अपना खाता तक नहीं खोल पाए। जिम लेकर ने अपनी सटीक लाइन और शानदार स्पिन से ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को लगातार परेशान किया।
दूसरी पारी में ऑस्ट्रेलिया की टीम ने वापसी की कोशिश की। कॉलिन मैक्डोनाल्ड ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 89 रन बनाए और टीम को संभालने का प्रयास किया, लेकिन दूसरी ओर जिम लेकर लगातार विकेट चटकाते रहे। आखिरकार उन्होंने मैक्डोनाल्ड को भी आउट कर दिया और अपने 10 विकेट पूरे करते हुए क्रिकेट इतिहास में अपना नाम दर्ज करा लिया।
इस मुकाबले में इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 459 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया था। इसके जवाब में ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी केवल 84 रन पर समाप्त हो गई। दूसरी पारी में भी ऑस्ट्रेलियाई टीम 205 रन ही बना सकी। इंग्लैंड ने यह मुकाबला पारी और 170 रनों के बड़े अंतर से जीत लिया।
जिम लेकर का यह प्रदर्शन केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह गेंदबाजी कला का एक शानदार उदाहरण माना जाता है। उनकी गेंदों में नियंत्रण, फ्लाइट और टर्न का बेहतरीन मिश्रण था, जिसने दुनिया के बेहतरीन बल्लेबाजों को भी परेशान कर दिया।
आज के दौर में क्रिकेट में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और आधुनिक तकनीक के बावजूद जिम लेकर का यह रिकॉर्ड अब भी सुरक्षित है। कई महान गेंदबाज आए और गए, लेकिन कोई भी एक टेस्ट मैच में 19 विकेट लेने के इस ऐतिहासिक आंकड़े तक नहीं पहुंच पाया।
जिम लेकर का नाम क्रिकेट इतिहास के सुनहरे पन्नों में हमेशा दर्ज रहेगा। उनका 1956 का प्रदर्शन इस बात का प्रमाण है कि एक गेंदबाज अपने दम पर पूरे मैच का रुख बदल सकता है। यही वजह है कि उन्हें क्रिकेट जगत के सबसे महान गेंदबाजों में शामिल किया जाता है।





