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विज्ञान

किसानों के लिए वैज्ञानिकों का ये व्यवसाय बना वरदान, एक किलो टिड्डियों से मिलते हैं 33.14 रुपए

Chandravati Verma
23 Feb 2021 5:48 PM GMT
किसानों के लिए वैज्ञानिकों का ये व्यवसाय बना वरदान, एक किलो टिड्डियों से मिलते हैं 33.14 रुपए
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वैज्ञानिकों काकेन्या की संस्था द बग पिक्चर (The bug picture) ने टिड्डियों की मार से आहत किसानों की जिंदगी बदल दी है

वैज्ञानिकों काकेन्या की संस्था द बग पिक्चर (The bug picture) ने टिड्डियों की मार से आहत किसानों की जिंदगी बदल दी है. इस संस्था ने सराहनीय कदम उठाते हुए किसानों से कहा कि तुम टिड्डी जमा करके लाओ, हम तुम्हें इसके बदले पैसे देंगे. आपको बता दें कि अगर किसान एक किलोग्राम टिड्डी लेकर इस संस्था में जाए तो उसे पचास केन्यन शिलिंग यानी 33.14 रुपए मिलते हैं

इस पहल के बाद किसानों ने टिड्डियों को रात में टॉर्च की रोशनी (Locusts Accumulate In Flashligh) में जमा करना शुरू किया. इस बिजनेस से किसान को थोड़ा फायदा जरूर हुआ और इसलिए ये किसान कई-कई घंटे काम करके कई किलोग्राम टिड्डियां जमा करते हैं. फिर इन्हें बेचकर अच्छा पैसा कमा लेते हैं. रात में गांव के लोगों से सामुदायिक कार्य के तहत खेतों, पेड़ों और घरों से टिड्डियों को जमा करवाया जाता है और फिर इसे कुचला जाता है.
गौरतलब है कि अफ्रीका के तटीय इलाकों में समुद्री गर्मी की वजह से खूब बारिश हो रही है. इसकी वजह से टिड्डियों की तादात बहुत ज्यादा बढ़ गई है. द बग पिक्चर नाम की ये संस्था इस समय मध्य केन्या के लाइकिपिया, इसिओलो और सामबुरू में किसानों से टिड्डी जमा करा रही है. और उनसे इन्हें खरीद रही है.
केन्या की संस्था द बग पिक्चर इन टिड्डियों को मारकर प्रोटीन से भरपूर पशु आहार बना रही है. इस प्रक्रिया से किसान भी खुश हैं और पशु आहार खरीदने वाले भी खुश हैं. और इस तरह से केन्या में टिड्डियों से हुए नुकसान की भरपाई भी हो रही है.
केन्या के लाइकिपिया (Laikipia) इलाके में तो ऐसे लगता है कि टिड्डियों का बादल आया है. यहां टिड्डियों का आतंक इतना है कि पूरी की पूरी फसल खराब हो जाता है. लेकिन अब जिन इलाकों में केमिकल स्प्रे नहीं हो सकता है, वहां से ये संस्था टिड्डियों को खरीदती है. टिड्डियों का ये इलाका कम से कम पांच हेक्टेयर का होना चाहिए.
केन्या की संस्था द बग पिक्चर इन टिड्डियों को मारकर प्रोटीन से भरपूर पशु आहार बना रही है. इस प्रक्रिया से किसान भी खुश हैं और पशु आहार खरीदने वाले भी खुश हैं. और इस तरह से केन्या में टिड्डियों से हुए नुकसान की भरपाई भी हो रही है.


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