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Science: क्षुद्रग्रह 2024 YR काफी चर्चा में है। ऐसा अनुमान लगाया जा रहा था कि यह 7 साल बाद पृथ्वी से टकरा सकता है। नासा समेत यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसियों ने इसके टकराने की संभावनाओं की गणना के बाद राहत भरी खबर दी है। यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ईएसए) ने मंगलवार को कहा कि फुटबॉल मैदान के आकार वाले इस क्षुद्रग्रह के 2032 में पृथ्वी से टकराने की संभावना घटकर 0.001 प्रतिशत रह गई है। आपको बता दें कि वैज्ञानिकों ने आशंका जताई थी कि अगर यह क्षुद्रग्रह पृथ्वी पर गिरा तो इससे 500 परमाणु बमों से भी ज्यादा शक्तिशाली ऊर्जा उत्पन्न हो सकती है। क्षुद्रग्रह 2024 YR4 की खोज पिछले वर्ष दिसंबर में की गई थी। जिसके बाद नासा और यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ईएसए) ने इसे अपनी निगरानी सूची में डाल दिया।
पृथ्वी से टकराने का डर था।
इस क्षुद्रग्रह के बारे में दावा किया गया था कि इसके पृथ्वी से टकराने की संभावना सबसे अधिक है। हाल ही में नासा के एक वैज्ञानिक ने इस क्षुद्रग्रह के गुजरने वाले मार्ग का मानचित्र तैयार किया था। इस दौरान उन्होंने आशंका जताई थी कि भारत, पाकिस्तान और अफ्रीका के कई इलाके इस क्षुद्रग्रह के रास्ते में आ सकते हैं। नासा की चेतावनी से पूरी दुनिया में हलचल मच गई। विशेषकर भारत में इसको लेकर काफी चिंता है। वहीं, अब नासा ने इस क्षुद्रग्रह के बारे में एक ताजा जानकारी जारी की है, जिससे इसके पृथ्वी से टकराने की संभावना नगण्य हो गई है। नासा ने क्षुद्रग्रह के मार्ग के साथ-साथ विभिन्न प्रकार के नए डेटा का विश्लेषण किया है। नासा की जेट प्रोपल्शन लैब (जेपीएल) ने क्षुद्रग्रह के सटीक पथ की गणना के आधार पर कहा है कि यह खतरा कम से कम अगली शताब्दी तक के लिए टल गया है।
कितना बड़ा और कितना शक्तिशाली?
2024 YR4 नामक यह क्षुद्रग्रह 100 मीटर तक चौड़ा है। पृथ्वी की ओर इसकी गति 38 हजार मील यानि 61,200 किलोमीटर प्रति घंटा है। यह हर सेकंड 17 किलोमीटर की दूरी तय कर रहा है और 2032 तक यह पृथ्वी के काफी करीब आ सकता है। यदि यह पृथ्वी के वायुमंडल से टकराएगा या उसके किसी भाग पर गिरेगा तो भयंकर विस्फोट होगा। इससे लगभग 8 मिलियन टन टीएनटी ऊर्जा निकलेगी जो हिरोशिमा-नागासाकी पर गिराए गए परमाणु बमों से 500 गुना अधिक विनाश कर सकती है। यह विस्फोट 50 किलोमीटर के दायरे में सब कुछ नष्ट कर सकता है।
ईएसए ने दी यह जानकारी
एक सप्ताह पहले इस क्षुद्रग्रह ने पृथ्वी से टकराने की सर्वाधिक संभावना का नया रिकॉर्ड बनाया था। नासा के अनुसार, पृथ्वी से टकराने की संभावना 3.1 प्रतिशत थी, जबकि ईएसए के अनुसार, 2.8 प्रतिशत संभावना थी। हालाँकि, दुनिया भर के दूरबीनों से हाल ही में किए गए अवलोकनों ने अनिश्चितता को कम कर दिया है, जिससे इस क्षुद्रग्रह के पृथ्वी से सीधे टकराने की संभावना कम हो गई है। ईएसए ने कहा कि अब यह संभावना घटकर 0.001 प्रतिशत रह गयी है। यह भी कहा गया कि टोरिनो इम्पैक्ट हैज़र्ड स्केल पर खतरे का स्तर अब शून्य है। ईएसए ने कहा कि जोखिम में कमी के बावजूद, जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप आगामी महीनों में क्षुद्रग्रह का निरीक्षण करना जारी रखेगा।
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