विज्ञान

Science:ये है धरती पर इकलौता जीव, जो परमाणु हमलों के बाद भी लेता रहेगा सांस

Sarita
25 Nov 2025 9:00 AM IST
Science:ये है धरती पर इकलौता जीव, जो परमाणु हमलों के बाद भी लेता रहेगा सांस
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Science: आज हम धरती पर एक ऐसे जीव के बारे में बात कर रहे हैं जो न्यूक्लियर हमले के दौरान भी सांस लेता रहता है। सोचिए अगर शहरों पर एटम बम गिर रहे हों, हर तरफ धुआं और आग हो, ज़मीन जल रही हो, हवा ज़हरीली हो गई हो। इंसानों समेत सभी जानवर खत्म हो गए हों, और इतनी तबाही के बीच, एक छोटा सा जीव तपती धरती पर ज़िंदा रहे। इस जीव में ऐसी क्या ताकत है जो न तो रेडिएशन से मरता है और न ही गर्मी से जलता है? आइए इस जीव की अनोखी खूबियों के बारे में जानते हैं।
हम जिस जीव की बात कर रहे हैं, वह कोई और नहीं बल्कि कॉकरोच है। असल में, जब दूसरे वर्ल्ड वॉर के दौरान 6 अगस्त, 1945 को अमेरिका ने जापान के हिरोशिमा और नागासाकी पर हमला किया, तो तबाही इतनी ज़्यादा थी कि इसने दुनिया को न्यूक्लियर हथियारों के बारे में फिर से सोचने पर मजबूर कर दिया। लेकिन चमत्कार तब हुआ जब इस हमले के बाद भी कॉकरोच ज़िंदा रहे। जी हां, जहां हवा में मौजूद रेडिएशन ने जानवरों और इंसानों को खत्म कर दिया, वहीं जब वैज्ञानिकों ने तबाही के बाद उस इलाके का सर्वे किया, तो उन्हें कुछ ऐसा मिला जिसने वैज्ञानिकों को भी हैरान कर दिया। जहां इंसानों का कोई नामोनिशान नहीं था, वहां उन्हें बड़ी संख्या में ज़िंदा कॉकरोच मिले।
जब साइंटिस्ट्स को ज़िंदा कॉकरोच मिले, तो उन्होंने अच्छी तरह से स्टडी की। वे समझना चाहते थे कि जब ज़्यादा रेडिएशन इंसानों को तुरंत धुएं में बदल सकता है, तो कॉकरोच कैसे ज़िंदा रहते हैं। इस स्टडी के नतीजों ने साइंटिस्ट्स को हैरान कर दिया और कॉकरोच की काबिलियत का पता चला। रिसर्च में पाया गया कि कॉकरोच इंसानों से कई गुना ज़्यादा रेडिएशन झेल सकते हैं। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि जहाँ इंसान 800 rads तक के रेडिएशन से मर सकते हैं, वहीं कॉकरोच 10,000 rads तक का रेडिएशन झेल सकते हैं।
साइंटिस्ट्स ने क्या कहा?
साइंटिस्ट्स के मुताबिक, एटम बम से मुख्य नुकसान रेडिएशन नहीं, बल्कि धमाके के तुरंत बाद निकलने वाली गर्मी और एनर्जी होती है। यही वजह है कि धमाके के सबसे पास वाले कॉकरोच तुरंत मर गए, जबकि दूर वाले रेडिएशन झेलकर ज़िंदा रहे।
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