विज्ञान

उच्च-रिज़ॉल्यूशन अल्ट्रासाउंड से प्रोस्टेट कैंसर का तेजी से निदान होगा- अध्ययन

Harrison
26 March 2025 9:59 PM IST
उच्च-रिज़ॉल्यूशन अल्ट्रासाउंड से प्रोस्टेट कैंसर का तेजी से निदान होगा- अध्ययन
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दिल्ली: रविवार को एक अंतरराष्ट्रीय क्लिनिकल परीक्षण में पता चला कि माइक्रो-अल्ट्रासाउंड (MicroUS) द्वारा निर्देशित बायोप्सी प्रोस्टेट कैंसर के निदान में एमआरआई-निर्देशित बायोप्सी जितनी ही प्रभावी है। इस नई तकनीक को अधिक सुलभ और किफायती बताया गया है, जिससे मरीजों को लाभ होगा।

क्या है माइक्रो-अल्ट्रासाउंड तकनीक?

माइक्रो-अल्ट्रासाउंड एक उच्च-रिज़ॉल्यूशन अल्ट्रासाउंड तकनीक है, जो पारंपरिक अल्ट्रासाउंड की तुलना में तीन गुना अधिक स्पष्ट छवियां प्रदान करती है। यह एमआरआई स्कैन के समान स्तर की सटीकता के साथ लक्षित बायोप्सी करने में मदद कर सकती है।

परीक्षण के महत्वपूर्ण निष्कर्ष

परीक्षण में 677 पुरुषों को शामिल किया गया, जिन्होंने कनाडा, अमेरिका और यूरोप के 19 अस्पतालों में बायोप्सी करवाई। 🔹 अध्ययन के तीन समूह बनाए गए:

  • एमआरआई-निर्देशित बायोप्सी

  • माइक्रोयूएस-निर्देशित बायोप्सी, फिर एमआरआई-निर्देशित बायोप्सी

  • सिर्फ माइक्रोयूएस-निर्देशित बायोप्सी 🔹 सभी तीन समूहों में कैंसर की पहचान की दर लगभग समान रही। 🔹 माइक्रो-अल्ट्रासाउंड ने अधिकांश महत्वपूर्ण कैंसर मामलों का सटीकता से पता लगाया

माइक्रो-अल्ट्रासाउंड के फायदे

✔️ सस्ता और सुलभ: एमआरआई की तुलना में यह तकनीक कम लागत वाली है। ✔️ तेज़ प्रक्रिया: एमआरआई-निर्देशित बायोप्सी में जहां दो चरणों की प्रक्रिया (पहले एमआरआई स्कैन और फिर अल्ट्रासाउंड) की जरूरत होती है, वहीं माइक्रो-अल्ट्रासाउंड में यह काम एक ही बार में हो सकता है। ✔️ कम अस्पताल विज़िट: मरीजों को बार-बार अस्पताल जाने की ज़रूरत नहीं होगी। ✔️ कम विशेषज्ञता की ज़रूरत: यूरोलॉजिस्ट और ऑन्कोलॉजिस्ट आसानी से इस तकनीक का उपयोग और इसकी छवियों की व्याख्या कर सकते हैं। ✔️ अन्य रोगों के लिए एमआरआई की उपलब्धता: इससे घुटनों, कूल्हों और अन्य बीमारियों के लिए एमआरआई स्कैन अधिक उपलब्ध हो सकेगा।

विशेषज्ञों की राय

टोरंटो विश्वविद्यालय के टेमर्टी फैकल्टी ऑफ मेडिसिन में सर्जरी के प्रोफेसर लॉरेंस क्लॉट्ज़ ने कहा, "माइक्रोयूएस एमआरआई जितनी अच्छी नैदानिक ​​सटीकता प्रदान करता है और यह गेम-चेंजर साबित हो सकता है।"

निष्कर्ष

माइक्रो-अल्ट्रासाउंड तकनीक के उपयोग से प्रोस्टेट कैंसर का निदान अधिक तेज़, सस्ता और सुविधाजनक बन सकता है। यह भविष्य में कैंसर निदान के लिए एक नए मानक की शुरुआत कर सकता है।

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