विज्ञान

70 लाख लोगों की बचेगी जान, बैक्टीरिया ऐसे खत्म करेगी नई दवा, जिन पर एंटीबायोटिक्स बेअसर

Gulabi Jagat
1 April 2022 3:53 PM IST
70 लाख लोगों की बचेगी जान, बैक्टीरिया ऐसे खत्म करेगी नई दवा, जिन पर एंटीबायोटिक्स बेअसर
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बैक्टीरिया ऐसे खत्म करेगी नई दवा
नई एंटीबायोटिक दवा की खोज से हर साल सुपरबग्स के कारण लगभग जान गंवाने वाले 70 लाख लोगों को बचाया जा सकेगा। सुपरबग्स वे बैक्टीरिया होते हैं जिन पर एंटीबायोटिक के ज्यादा या गलत तरीके से लेने के कारण असर होना बंद हो जाता है।
बैक्टीरिया प्रतिरोधक क्षमता बना लेते हैं। ब्रिटेन के वैज्ञानिकों ने अब एक रिसर्च में सुपरबग्स को मारने वाला एंटीबायोटिक खोज लिया है। यूनिवर्सिटी ऑफ लिवरपूल की रिसर्च में सामने आया है कि इस ड्रग ने चूहों में किसी भी स्वस्थ टिशू को नुकसान पहुंचाए बिना सुपरबग्स को खत्म कर दिया है।
2050 तक मर सकते हैं 1 करोड़ लोग
कई दशकों में खोजा गया यह पहला एंटीबायोटिक टिक्सोबेक्टिन का सिंथेटिक रूप है। कोविड के दौरान लोगों को कई तरह के एंटीबायोटिक्स दिए गए, जिनका वायरस पर कोई असर नहीं होता है। इसके चलते सुपरबग्स से जान गंवाने वाले लोगों की संख्या बढ़ी है। इंग्लैंड सरकार के एक कमीशन ने अनुमान लगाया है कि 2050 तक सुपरबग्स के कारण हर साल और 1 करोड़ लोगों की जान जा सकती है।
कई बैक्टीरिया को मारने में सफल
टिक्सोबेक्टिन चूहों में MRSA नाम के सुपरबग को मारने में सफल रहा, जिस पर अब तक कई सारी एंटीबायोटिक बेअसर साबित हुई हैं। यह इंसानों में पाए जाने वाले कई बैक्टीरिया को मारने में भी सफल रहा है। इसे सुपरबग्स के खिलाफ आखिरी बचाव के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा। टिक्सोबेक्टिन को कमरे के सामान्य तापमान में रखा जा सकता है। इसके चलते इसे आसानी से दुनिया भर में भेजा जा सकेगा।
लागत काफी कम
2015 में अमेरिका के मेन राज्य में इस ड्रग के बारे में पता चला था। तब आम जनता को इसके बारे में नहीं बताया गया क्योंकि इसका उत्पादन बहुत महंगा था। अब वैज्ञानिकों ने 2000 गुना कम लागत में इसका सिंथेटिक रूप बनाने में सफलता पा ली है। अब बड़ी मात्रा में टिक्सोबेक्टिन बनाई जा सकेगी।
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