धर्म-अध्यात्म

Yogini Ekadashi 2025: योगिनी एकादशी व्रत आज, जानें पूजा विधि, उपाय और महत्व

Sarita
21 Jun 2025 6:53 AM IST
Yogini Ekadashi 2025: योगिनी एकादशी व्रत आज, जानें पूजा विधि, उपाय और महत्व
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Yogini Ekadashi 2025: धार्मिक मान्यता के अनुसार योगिनी एकादशी का व्रत-पूजन करने वाले साधक को सभी सुखों की प्राप्ति होती है और पाप कर्मों का नाश होता है. साथ ही इस एकादशी व्रत के प्रभाव से जातक के सभी रुके हुए कार्य भी फिर से बनने लगते हैं|
योगिनी एकादशी 2025 व्रत कब:
योगिनी एकादशी का व्रत शनिवार 21 जून 2025 को रखा जाएगा. पंचांग के मुताबिक आषाढ़ कृष्ण पक्ष की तिथि की शुरुआत 21 जून सुबह 07 बजकर 18 मिनट पर शुरू हो जाएगी और एकादशी तिथि का समापन सुबह 4 बजकर 27 मिनट पर समाप्त हो जाएगा|
इस तरह सूर्योदय तिथि को देखते हुए 21 जून को ही व्रत किया जाएगा और एकादशी व्रत का पारण 22 जून दोपहर 1 बजकर 47 मिनट से शाम 4 बजकर 35 मिनट कर किया जा सकेगा|
योगिनी एकादशी पर बनने वाले योग:
योगिनी एकादशी पर 21 जून 2025 को अश्विनी नक्षत्र और अतिगंड योग रहेगा. साथ ही अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11 बजकर 59 बजे से 12 बजकर 47 बजे तक रहेगा. अमृत काल दोपहर 1 बजकर 12 बजे से 2 बजकर 40 बजे तक रहेगा|
योगिनी एकादशी पूजा विधि:
योगिनी एकादशी व्रत रखने वाले जातक के लिए दशमी तिथि से ही व्रत की शुरुआत हो जाती है. एकादशी तिथि के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नानादि करें और फिर लाल-पीले वस्त्र धारण करने के बाद पूजा की तैयारी करें|
भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की एक साथ पूजा-अर्चना करें. भगवान को चंदन का टीका लगाएं, पूजा में गुड़-चना प्रसाद, मौसमी फल, फूल और नैवेद्य आदि अर्पित कर धूप-दीप दिखाएं. पूजा के बाद योगिनी एकादशी की व्रत कथा पढ़ें और आखिर में आरती करें|
योगिनी एकादशी व्रत के प्रभाव से व्यक्ति के सारे पापकर्म समाप्त हो जाते हैं. साथ ही मृत्यु के बाद व्यक्ति को भगवान विष्णु के चरणों में स्थान प्राप्त होता है और वह नरक के कष्टों से बच जाता है. कहा जाता है कि, इस एक एकादशी के प्रभाव से 88 हजार ब्राह्मणों को भोजन कराने जैसा पुण्य मिल जाता है|
योगिनी एकादशी उपाय :
योगिनी एकादशी व्रत रखने वाले जातक के लिए दशमी तिथि से ही व्रत की शुरुआत हो जाती है. एकादशी तिथि के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नानादि करें और फिर लाल-पीले वस्त्र धारण करने के बाद पूजा की तैयारी करें|
भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की एक साथ पूजा-अर्चना करें. भगवान को चंदन का टीका लगाएं, पूजा में गुड़-चना प्रसाद, मौसमी फल, फूल और नैवेद्य आदि अर्पित कर धूप-दीप दिखाएं. पूजा के बाद योगिनी एकादशी की व्रत कथा पढ़ें और आखिर में आरती करें|
योगिनी एकादशी उपाय :
आर्थिक लाभ के लिए योगिनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु को तुलसी चढ़ाएं और संध्याकाल में तुलसी के पास दीपक जलाएं|
योगिनी एकादशी पर ‘ऊं भगवते वासुदेवाय नम:’ मंत्र का जाप करें. साथ ही तुलसी की 7 बार परिक्रमा कराएं इस उपाय से भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होगी|
योगिनी एकादशी पर गेहूं, चावल, दाल, खिचड़ी और पूड़ी-सब्जी आदि जैसे भोजन का दान करें. इस दिन किए अन्न दान से घर पर देवी अन्नपूर्णा का वास होता है|
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