धर्म-अध्यात्म

Yogini Ekadashi 2025: आज योगिनी एकादशी पर दीपदान और मंत्र जाप से पाएं मोक्ष और पापों से मुक्ति

Sarita
21 Jun 2025 8:04 AM IST
Yogini Ekadashi 2025: आज योगिनी एकादशी पर दीपदान और मंत्र जाप से पाएं मोक्ष और पापों से मुक्ति
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Yogini Ekadashi 2025: आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को योगिनी एकादशी का व्रत रखा जाता है। यह व्रत भगवान विष्णु को समर्पित है और पापों से मुक्ति, स्वास्थ्य और मोक्ष प्रदान करने वाला माना जाता है। इस दिन भक्त व्रत रखते हैं, भक्ति भाव से भगवान की पूजा करते हैं और शाम को दीपदान करते हैं। पौराणिक मान्यता है कि इस दिन खास जगहों पर दीप जलाने से भगवान विष्णु का आशीर्वाद मिलता है और जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं।
संध्या के समय दीपदान के पवित्र स्थान:
विष्णु मंदिर में दीपदान:
योगिनी एकादशी के दिन संध्या समय भगवान विष्णु के मंदिर में दीप जलाना अत्यंत पुण्यदायी माना गया है। मान्यता है कि ऐसा करने से पूर्व जन्मों के पाप नष्ट होते हैं और भक्त को वैकुंठ लोक की प्राप्ति होती है।
तुलसी के पौधे के समीप दीपदान:
तुलसी देवी भगवान विष्णु को प्रिय हैं। संध्या के समय तुलसी के समीप दीपक जलाने से धन, सौभाग्य और आरोग्य की प्राप्ति होती है।
नदी या सरोवर के किनारे दीपदान:
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, गंगा, यमुना, सरस्वती, गोदावरी, नर्मदा जैसी पुण्य नदियों या किसी भी पवित्र जल स्रोत के किनारे दीपदान करने से हजारों दीपदान के बराबर फल मिलता है। विशेष रूप से यह पितृदोष शांति और पापमोचन के लिए प्रभावी होता है।
पीपल या वटवृक्ष के नीचे दीपक जलाना:
पीपल और वटवृक्ष में देवताओं का वास माना जाता है। योगिनी एकादशी की संध्या को इन वृक्षों के नीचे दीपदान करने से ग्रह दोष शांत होते हैं और घर में शांति आती है।
गौशाला या मंदिर परिसर में दीपदान:
गाय को माता माना गया है। गौशाला में दीप जलाने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है और भगवान विष्णु की असीम कृपा प्राप्त होती है। साथ ही मंदिर परिसर में दीपदान करने से वातावरण भी पवित्र होता है।
योगिनी एकादशी पर जाप करने योग्य शुभ मंत्र:
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय:
इस मंत्र का जप करने से भगवान विष्णु शीघ्र प्रसन्न होते हैं और भक्त को संकटों से मुक्ति मिलती है।
यह मंत्र सरल होते हुए भी अत्यंत प्रभावशाली है। इसका जप विशेष रूप से एकादशी व्रत में करने से आध्यात्मिक लाभ मिलता है।
विष्णु सहस्रनाम का पाठ:
योगिनी एकादशी पर संध्या के समय दीपक जलाकर विष्णु सहस्रनाम का पाठ करने से समस्त पापों का क्षय होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है।
शान्ताकारं भुजंगशयनं पद्मनाभं सुरेशं
विश्वाधारं गगन सदृशं मेघवर्ण शुभांगम् ।
लक्ष्मीकांत कमलनयनं योगिभिर्ध्यानगम्यं
वन्दे विष्णु भवभयहरं सर्व लौकेक नाथम् ॥
इस मंत्र का जाप करने से मन को गहरी शांति मिलती है, भय और संकट दूर होते हैं और भगवान विष्णु की कृपा से जीवन में सुख, समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है।
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