- Home
- /
- अन्य खबरें
- /
- धर्म-अध्यात्म
- /
- Yogini ekadashi 2025:...
धर्म-अध्यात्म
Yogini ekadashi 2025: योगिनी एकादशी पर करें इस चालीसा का पाठ, बरसेगी मां लक्ष्मी की कृपा
Sarita
19 Jun 2025 7:30 AM IST

x
Yogini ekadashi 2025: आषाढ़ माह में पड़ने वाली एकादशी तिथि का हिंदू धर्म में विशेष महत्व माना जाता है. आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी पर योगिनी एकादशी व्रत रखा जाता है. इस साल योगिनी एकादशी 21 जून को मनाई जाएगी. धार्मिक मान्यता है कि योगिनी एकादशी का व्रत 88 हजार ब्राह्मणों को भोजन कराने के बराबर पुण्य देता है. एकादशी का दिन देवी लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए भी सबसे उत्तम होता है. अगर आप भी मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करना चाहते हैं, तो योगिनी एकादशी के दिन पूजा के समय लक्ष्मी चालीसा का पाठ जरूर करें|
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अगर आप योगिनी एकादशी पर लक्ष्मी चालीसा का पाठ करते हैं, तो आपके घर में देवी लक्ष्मी वास करती हैं. माता लक्ष्मी का वास घर में होने से पैसों की कमी नहीं रहती है. ऐसे में चलिए पढ़ते हैं श्री लक्ष्मी चालीसा|
लक्ष्मी चालीसा के क्या फायदे हैं:
ऐसा माना जाता है कि लक्ष्मी चालीसा का पाठ करने से घर की दरिद्रता दूर होती है, धन लाभ होता है, सुख-समृद्धि आती है और व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. इसके अलावा, एकादशी पर लक्ष्मी चालीसा का पाठ करने से शुक्र ग्रह के संबंधित दोष और मुश्किलें भी दूर हो जाती हैं. वैसे तो लक्ष्मी चालीसा का पाठ किसी भी दिन किया जा सकता है, लेकिन शुक्रवार और एकादशी पर लक्ष्मी चालीसा का पाठ करना अत्यंत लाभकारी होता है|
श्री लक्ष्मी चालीसा:
॥ दोहा ॥
मातु लक्ष्मी करि कृपा करो हृदय में वास।
मनोकामना सिद्ध कर पुरवहु मेरी आस॥
सिंधु सुता विष्णुप्रिये नत शिर बारंबार।
ऋद्धि सिद्धि मंगलप्रदे नत शिर बारंबार॥
सोरठा:
यही मोर अरदास, हाथ जोड़ विनती करुं।
सब विधि करौ सुवास, जय जननि जगदंबिका॥
चौपाई:
सिन्धु सुता मैं सुमिरौ तोही। ज्ञान बुद्घि विघा दो मोही॥
जय जय जगत जननि जगदंबा सबकी तुम ही हो अवलंबा॥1॥
तुम ही हो सब घट घट वासी। विनती यही हमारी खासी॥
जगजननी जय सिन्धु कुमारी। दीनन की तुम हो हितकारी॥2॥
विनवौं नित्य तुमहिं महारानी। कृपा करौ जग जननि भवानी॥
केहि विधि स्तुति करौं तिहारी। सुधि लीजै अपराध बिसारी॥3॥
कृपा दृष्टि चितववो मम ओरी। जगजननी विनती सुन मोरी॥
ज्ञान बुद्घि जय सुख की दाता। संकट हरो हमारी माता॥4॥
क्षीरसिन्धु जब विष्णु मथायो। चौदह रत्न सिन्धु में पायो॥
चौदह रत्न में तुम सुखरासी। सेवा कियो प्रभु बनि दासी॥5॥
जब जब जन्म जहां प्रभु लीन्हा। रुप बदल तहं सेवा कीन्हा॥
स्वयं विष्णु जब नर तनु धारा। लीन्हेउ अवधपुरी अवतारा॥6॥
तब तुम प्रगट जनकपुर माहीं। सेवा कियो हृदय पुलकाहीं॥
अपनाया तोहि अन्तर्यामी। विश्व विदित त्रिभुवन की स्वामी॥7॥
तुम सम प्रबल शक्ति नहीं आनी। कहं लौ महिमा कहौं बखानी॥
मन क्रम वचन करै सेवकाई। मन इच्छित वांछित फल पाई॥8॥
तजि छल कपट और चतुराई। पूजहिं विविध भांति मनलाई॥
और हाल मैं कहौं बुझाई। जो यह पाठ करै मन लाई॥9॥
ताको कोई कष्ट नोई। मन इच्छित पावै फल सोई॥
त्राहि त्राहि जय दुःख निवारिणि। त्रिविध ताप भव बंधन हारिणी॥10॥
जो चालीसा पढ़ै पढ़ावै। ध्यान लगाकर सुनै सुनावै॥
ताकौ कोई न रोग सतावै। पुत्र आदि धन सम्पत्ति पावै॥11॥
पुत्रहीन अरु संपति हीना। अन्ध बधिर कोढ़ी अति दीना॥
विप्र बोलाय कै पाठ करावै। शंका दिल में कभी न लावै॥12॥
पाठ करावै दिन चालीसा। ता पर कृपा करैं गौरीसा॥
सुख सम्पत्ति बहुत सी पावै। कमी नहीं काहू की आवै॥13॥
बारह मास करै जो पूजा। तेहि सम धन्य और नहिं दूजा॥
प्रतिदिन पाठ करै मन माही। उन सम कोइ जग में कहुं नाहीं॥14॥
बहुविधि क्या मैं करौं बड़ाई। लेय परीक्षा ध्यान लगाई॥
करि विश्वास करै व्रत नेमा। होय सिद्घ उपजै उर प्रेमा॥15॥
जय जय जय लक्ष्मी भवानी। सब में व्यापित हो गुण खानी॥
तुम्हरो तेज प्रबल जग माहीं। तुम सम कोउ दयालु कहुं नाहिं॥16॥
मोहि अनाथ की सुधि अब लीजै। संकट काटि भक्ति मोहि दीजै॥
भूल चूक करि क्षमा हमारी। दर्शन दजै दशा निहारी॥17॥
बिन दर्शन व्याकुल अधिकारी। तुमहि अछत दुःख सहते भारी॥
नहिं मोहिं ज्ञान बुद्घि है तन में। सब जानत हो अपने मन में॥18॥
रुप चतुर्भुज करके धारण। कष्ट मोर अब करहु निवारण॥
केहि प्रकार मैं करौं बड़ाई। ज्ञान बुद्घि मोहि नहिं अधिकाई॥19॥
त्राहि त्राहि दुख हारिणी, हरो वेगि सब त्रास। जयति जयति जय लक्ष्मी, करो शत्रु को नाश॥
रामदास धरि ध्यान नित, विनय करत कर जोर। मातु लक्ष्मी दास पर, करहु दया की कोर॥
TagsYogini ekadashiयोगिनी एकादशीचालीसापाठYogini EkadashiYogini EkadashiChalisarecitation जनता से रिश्तान्यूज़जनता से रिश्ताजनता से रिश्ता.कॉमआज की ताजा न्यूज़हिंन्दीन्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारJANTA SE RISHTANEWSJANTA SE RISHTATODAY'S LATEST NEWSHINDINEWSINDIA NEWSKHABRON KA SILSILATODAY'S BREAKINGNEWSTODAY'S BIG NEWSMID DAY NEWSPAPERजनताJANTASAMACHARNEWSSAMACHARहिंन्दी समाचार
Next Story





