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Vijaya ekadashi kab hai: कब है विजया एकादशी 23 या 24 फरवरी

Sarita
14 Feb 2025 7:10 AM IST
Vijaya ekadashi kab hai: कब है विजया एकादशी  23 या 24 फरवरी
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Vijaya ekadashi kab hai: एकादशी का व्रत हर माह शुक्ल और कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को रखा जाता है. कहते हैं इस दिन भगवान विष्णु की सच्चे मन से अराधना करने वालों के घर में सुख-समृद्धि का वास होता है. विजया एकादशी का व्रत हर साल फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को रखा जाता है. वहीं इस बार इस तिथि को लेकर कुछ कन्फ्यूजन बना हुआ है, तो आइए जानते है कि इस बार विजया एकादशी का व्रत कब रखा जाएगा|
विजया एकादशी कब हैं-
हिंदू पंचांग के अनुसार, फाल्गुन मास की एकादशी तिथि की शुरुआत 23 फरवरी को दोपहर 1 बजकर 55 मिनट पर होगी. वहीं तिथि का समापन 24 फरवरी को दोपहर 1 बजकर 44 मिनट पर होगा. उदया तिथि के अनुसार, इस बार विजया एकादशी का व्रत सोमवार 24 फरवरी को रखा जाएगा|
विजया एकादशी पूजा का शुभ मुहूर्त-
वैदिक पंचांग के अनुसार, विजया एकादशी के दिन का मुहूर्त-
ब्रह्म मुहूर्त सुबह 05 बजकर 11 मिनट से 06 बजकर 01 मिनट तक
विजय मुहूर्त दोपहर 02 बजकर 29 मिनट से 03 बजकर 15 मिनट तक
गोधूलि मुहूर्त शाम 06 बजकर 15 मिनट से 06 बजकर 40 मिनट तक
निशिता मुहूर्त रात्रि 12 बजकर 09 मिनट से 12 बजकर 59 मिनट तक
विजया एकादशी पारण का समय |Vijaya Ekadashi 2025 Paran Time
एकादशी व्रत का पारण अगले दिन द्वादशी तिथि पर किया जाता है. यानी विजया एकादशी व्रत का पारण 25 फरवरी को सुबह 6 बजकर 50 मिनट से लेकर 9 बजकर 8 मिनट तक रहेगा. इस दौरान व्रत करने वाले लोग पारण कर सकते हैं|
विजया एकादशी की पूजा विधि-
विजया
एकादशी
की पूजा के दिन पूजा करने के लिए सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद श्रीहरि का ध्यान करके व्रत का संकल्प लें. इस दिन पीले रंग के वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है. पूजा स्थल की सफाई करें. उसके बाद मंदिर में चौकी सजाकर उसपर पीला कपड़ा बिछाया जाता है और भगवान विष्णु की मूर्ति या प्रतिमा स्थापित करें. इसके बाद भगवान विष्णु को फूल, दीप. चंदन, फल, तुलसी के पत्ते और भोग में मिठाई अर्पित करें. भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप और आरती कर पूजा का संपन्न करें|
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