धर्म-अध्यात्म

Vat Savitri Vrat 2025: बांस के पंखे और टोकरी के बिना अधूरा है वट सावित्री व्रत, जानें महत्व

Sarita
24 May 2025 6:53 AM IST
Vat Savitri Vrat 2025: बांस के पंखे और टोकरी के बिना अधूरा है वट सावित्री व्रत, जानें महत्व
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Vat Savitri Vrat 2025: हिंदू धर्म में सुहागिन महिलाओं द्वारा रखे जाने वाले व्रतों में वट सावित्री व्रत का विशेष स्थान है. यह व्रत इस साल 6 जून 2025 दिन शुक्रवार को रखा जाएगा. यह व्रत नारी शक्ति, समर्पण और पतिव्रता धर्म का प्रतीक माना जाता है. इस दिन महिलाएं बरगद (वट) के पेड़ के नीचे व्रत रखती हैं और अपने पति की लंबी उम्र, सुखी वैवाहिक जीवन और परिवार की समृद्धि के लिए पूजा-अर्चना और प्रार्थना करती हैं. कच्चे धागे से वट वृक्ष की 108 बार परिक्रमा की जाती है. बांस की टोकरी और पंखे में पूजा की थाली सजाई जाती है, जिसमें प्रसाद रखा जाता है और बांटा जाता है. इसलिए कहा जाता है, ''बांस के पंखे और टोकरी के बिना यह व्रत अधूरा है|
पौराणिक मान्यता के अनुसार, यह व्रत महाभारत के वनपर्व में वर्णित सावित्री-सत्यवान की कथा पर आधारित है. सावित्री ने अपने दृढ़ संकल्प और तप से यमराज से अपने पति के प्राण वापस ले लिए थे. यह संवाद वट वृक्ष के नीचे हुआ था, जिससे यह वृक्ष और व्रत दोनों ही अत्यंत पवित्र माने जाते हैं| धार्मिक मान्यता में वट वृक्ष को त्रिदेवों का प्रतीक माना जाता है. जड़ में ब्रह्मा, तने में विष्णु और डालियों में शिव का वास होता है. अतः इसकी पूजा से सभी देवताओं की कृपा प्राप्त होती है|
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