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धर्म-अध्यात्म
Pukhraj Ratna: पुखराज रत्न परेशानियों को दूर करता है, इन लोगों के लिए यह वरदान है
Sarita
25 Sept 2025 9:47 AM IST

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Pukhraj Ratna: ज्योतिष शास्त्र में पुखराज को बेहद चमत्कारी रत्न माना गया है। जिन लोगों के लिए यह रत्न अनुकूल होता है उनका जीवन ये सकारात्मक रूप से बदलकर रख देता है। हालांकि, बिना कुंडली दिखाए और ज्योतिषीय सलाह के यह रत्न धारण नहीं करना चाहिए। आज हम आपको बताएंगे कि यह रत्न किन लोगों के लिए शुभ होता है, कब इसे धारण करना चाहिए और इसे पहनने के बाद क्या लाभ आपको प्राप्त होते हैं।
ज्योतिष में पुखराज रत्न गुरु ग्रह से संबंधित है। यह रत्न पीले रंग का होता है और जीवन में सुख-संपन्नता लाता है। इसके साथ ही ज्ञान और बुद्धि का विकास भी पुखराज रत्न को धारण करने से होता है।
पुखराज रत्न किसे पहनना चाहिए:
ज्योतिष शास्त्र की मानें तो गुरु की दो राशियों धनु और मीन के लिए यह रत्न वरदान की तरह साबित होता है। इसके साथ ही जिन लोगों की कुंडली का लग्न गुरु या मीन राशि का हो वो भी पुखराज पहन सकते हैं। इसके अलावा कुंडली में ग्रहों की स्थिति को देखकर सिंह, मेष, वृश्चिक राशि के लोगों के लिए भी यह रत्न फायदेमंद साबित हो सकता है।
पुखराज धारण करने की विधि:
अगर किसी योग्य ज्योतिष ने आपको पुखराज पहनने की सलाह दी है तो नीचे दी गई विधि से आप इसे धारण कर सकते हैं।
पुखराज रत्न को गुरुवार के दिन पुष्य, पुनर्वसु या विशाखा रत्न में धारण करना शुभ होता है।
पुखराज रत्न सूर्योदय के बाद दिन के समय आपको धारण करना चाहिए।
इसे आप सोने या चांदी में जड़वाकर धारण कर सकते हैं।
लॉकेट के रूप में इसे आप गले में भी धारण कर सकते हैं और तर्जनी उंगली में भी पहन सकते हैं।
शुद्धिकरण
पुखराज धारण करने से पहने गंगाजल से इसे आपको शुद्ध करना चाहिए।
इसके बाद गुरु ग्रह के मंत्र 'ॐ बृं बृहस्पतये नमः' का 108 बार जप करना चाहिए।
इस तरह जब रत्न शुद्ध हो जाए तो ऊपर बताए गए तरीके से आपको इसे धारण कर लेना चाहिए।
पुखराज पहनने के नियम :
पुखराज रत्न पहनने के बाद मांस-मदिरा का सेवन करने से बचना चाहिए।
पुखराज रत्न को सोना, चांदी या पंचधातु के साथ धारण करना चाहिए।
अगर आप पुखराज पहनने के बाद अनैतिक कार्य करते हैं तो यह रत्न नुकसान पहुंचा सकता है।
5 या 7 रति के बीच के वजन वाला पुखराज रत्न ही आपको धारण करना चाहिए।
इस रत्न को दाएं हाथ की तर्जनी उंगली में ही धारण करना चाहिए।
पुखराज धारण करने से आपको कई लाभ प्राप्त होते हैं। पुखराज की सकारात्मक ऊर्जा आपको आर्थिक लाभ दिलाती है। आपके जीवन में सुख-समृद्धि आती है। यह रत्न गुरु ग्रह से संबंधित है इसलिए शिक्षा क्षेत्र में भी आप उन्नति पाते हैं। वैवाहिक जीवन में भी इसे धारण करने से सुख-संपन्नता आती है। स्वास्थ्य में सुधार और आध्यात्मिक ऊर्जा के लिए भी यह रत्न बेहद शुभ है। अगर यह रत्न आप को सूट करता है तो समाज में भी आपको मान-सम्मान प्राप्त होती है। करियर क्षेत्र में ऊंचाइयां आप इस रत्न को धारण करने के बाद छू सकते हैं। आपके निर्णय लेने की क्षमता को भी यह रत्न मजबूत बनाता है।
पुखराज रत्न कहां पाया जाता है:
पुखराज रत्न दुनिया के कई क्षेत्रों में मिलता है। श्रीलंका, थाईलैंड, भारत, मयांमार आदि पुखराज रत्न के मुख्य उत्पादक देश हैं। हालांकि श्रीलंका के चमकीले पीले पुखराज को उच्च गुणवत्ता का माना जाता है।
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