धर्म-अध्यात्म

आज आसमान में होगा दिन में रात जैसा नजारा लगेगा पूर्ण सूर्य ग्रहण

Ratna Netam
12 Aug 2026 5:59 PM IST
आज आसमान में होगा दिन में रात जैसा नजारा लगेगा पूर्ण सूर्य ग्रहण
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धर्म : आसमान में आज यानी 12 अगस्त को साल का आखिरी पूर्ण सूर्य ग्रहण देखने को मिलेगा। खगोलीय घटनाओं में पूर्ण सूर्य ग्रहण को बेहद खास माना जाता है, क्योंकि इस दौरान कुछ समय के लिए चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह ढक लेता है। इससे सूर्य की चमक काफी हद तक छिप जाती है और कुछ इलाकों में दिन के समय रात जैसा नजारा दिखाई दे सकता है। हालांकि भारत में इस पूर्ण सूर्य ग्रहण का नजारा दिखाई नहीं देगा। दुनिया के कुछ हिस्सों में लोग इस दुर्लभ खगोलीय घटना को प्रत्यक्ष देख सकेंगे, जबकि कई क्षेत्रों में इसका आंशिक रूप देखने को मिलेगा।
भारतीय समय के अनुसार सूर्य ग्रहण की पूरी अवधि करीब 4 घंटे 24 मिनट 40 सेकेंड बताई गई है। ग्रहण की शुरुआत रात 9 बजकर 4 मिनट पर होगी और यह देर रात 1 बजकर 28 मिनट तक चलेगा। ग्रहण रात 11 बजकर 16 मिनट पर अपने चरम पर पहुंचेगा। इसी दौरान चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह ढक लेगा। हालांकि पूर्ण सूर्य ग्रहण का सबसे रोमांचक चरण बहुत कम समय के लिए रहेगा। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक पूर्ण ग्रहण की अवधि 2 मिनट 30 सेकेंड से भी कम होगी।
पूर्ण सूर्य ग्रहण उस समय होता है जब सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी लगभग एक सीध में आ जाते हैं। इस स्थिति में चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच आकर सूर्य के प्रकाश को कुछ समय के लिए रोक देता है। जिन स्थानों पर चंद्रमा की छाया पृथ्वी की सतह पर पूरी तरह पड़ती है, वहां पूर्ण सूर्य ग्रहण दिखाई देता है। इस दौरान सूर्य का चमकीला हिस्सा ढक जाता है और उसकी बाहरी परत यानी कोरोना नजर आ सकती है। यही वजह है कि वैज्ञानिकों और खगोल प्रेमियों के लिए यह घटना विशेष महत्व रखती है।
इस बार पूर्ण सूर्य ग्रहण का पूरा नजारा आइसलैंड, ग्रीनलैंड और उत्तरी स्पेन के कुछ हिस्सों से देखने को मिलेगा। उत्तरी स्पेन के कुछ क्षेत्रों में सूर्यास्त के आसपास ग्रहण दिखाई देने की संभावना है। ऐसे में वहां आसमान का दृश्य बेहद आकर्षक हो सकता है। समुद्र या खुले क्षितिज वाले इलाकों से इस खगोलीय घटना को देखने वालों के लिए नजारा और भी खास रहने की उम्मीद है।
यूरोप के ज्यादातर हिस्सों के साथ-साथ पूर्वोत्तर अमेरिका और पूर्वी कनाडा में भी सूर्य ग्रहण का आंशिक नजारा देखा जा सकेगा। इन क्षेत्रों में चंद्रमा सूर्य के केवल एक हिस्से को ढकता हुआ दिखाई देगा। हालांकि अलग-अलग स्थानों पर ग्रहण शुरू होने और खत्म होने का समय अलग रहेगा।
आइसलैंड की राजधानी रेकजाविक में स्थानीय समय के अनुसार आंशिक ग्रहण शाम 4 बजकर 47 मिनट से शुरू होगा। इसके बाद शाम 5 बजकर 48 मिनट पर पूर्ण ग्रहण शुरू होगा और करीब एक मिनट बाद 5 बजकर 49 मिनट पर पूर्ण चरण समाप्त हो जाएगा। इसके बाद आंशिक ग्रहण शाम 6 बजकर 47 मिनट तक दिखाई देगा।
स्पेन के लिओन में आंशिक ग्रहण शाम 7 बजकर 32 मिनट से शुरू होने की जानकारी दी गई है। पूर्ण ग्रहण शाम 8 बजकर 28 मिनट से 8 बजकर 30 मिनट तक रहेगा। वहीं जारागोजा में पूर्ण ग्रहण करीब 8 बजकर 29 मिनट से 8 बजकर 30 मिनट तक दिखाई देगा। वेलेंसिया में पूर्ण ग्रहण शाम 8 बजकर 32 मिनट से 8 बजकर 33 मिनट तक रहने की जानकारी दी गई है।
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार यह सूर्य ग्रहण कर्क राशि और अश्लेषा नक्षत्र में लगने वाला है। धार्मिक दृष्टि से ग्रहण के दौरान कई लोग मंत्र जाप, ध्यान और पूजा-पाठ को महत्वपूर्ण मानते हैं। हालांकि सूर्य ग्रहण से जुड़े धार्मिक नियम मान्यताओं पर आधारित हैं और वैज्ञानिक दृष्टि से ग्रहण एक सामान्य खगोलीय घटना है।
ग्रहण को देखने के दौरान वैज्ञानिक सुरक्षा नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है। बिना उचित सोलर फिल्टर या प्रमाणित ग्रहण चश्मे के सीधे सूर्य की ओर देखना आंखों के लिए नुकसानदायक हो सकता है। सामान्य धूप के चश्मे इस काम के लिए सुरक्षित नहीं माने जाते। इसलिए जहां भी ग्रहण दिखाई दे रहा हो, वहां इसे सुरक्षित उपकरणों के जरिए ही देखना चाहिए।
भारत में रहने वाले लोगों के लिए इस पूर्ण सूर्य ग्रहण को प्रत्यक्ष देख पाना संभव नहीं होगा। फिर भी वैज्ञानिक संस्थानों और अंतरिक्ष से जुड़ी एजेंसियों के माध्यम से इसकी तस्वीरें और वीडियो सामने आ सकते हैं। ऐसे में देश के लोग भी इस दुर्लभ खगोलीय घटना का नजारा तस्वीरों और लाइव कवरेज के जरिए देख सकेंगे।
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