धर्म-अध्यात्म

Rahu के नकारात्मक प्रभाव कम करने के लिए गोमेद पहनने की सलाह

Ratna Netam
2 July 2026 4:20 PM IST
Rahu के नकारात्मक प्रभाव कम करने के लिए गोमेद पहनने की सलाह
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उत्तम गुणवत्ता का माना जाता है।

Religion धर्म : ज्योतिष शास्त्र में राहु की स्थिति को जीवन पर गहरा प्रभाव डालने वाला माना जाता है। माना जाता है कि यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में राहु की महादशा या अंतर्दशा चल रही हो, या फिर राहु 1, 4, 7 या 10वें भाव में स्थित हो, तो ऐसे में राहु को शांत और मजबूत करने के लिए रत्न धारण करने की सलाह दी जाती है। इनमें सबसे प्रमुख रत्न गोमेद को माना गया है।गोमेद रत्न को राहु का प्रतिनिधि रत्न बताया गया है। मान्यता है कि इसे पहनने से राहु के नकारात्मक प्रभावों को कम करने में मदद मिलती है और जीवन में स्थिरता आती है। ज्योतिष के अनुसार गोमेद का रंग हल्का पीला, कुछ लालिमा लिए हुए और श्यामवर्ण होता है। इसे साफ, भारी और चिकना होने पर उत्तम गुणवत्ता का माना जाता है।

रत्न की पहचान को लेकर पारंपरिक मान्यताओं में कई तरीके बताए जाते हैं। कुछ मान्यताओं के अनुसार असली गोमेद की पहचान के लिए उसे गोमूत्र में कुछ समय तक भिगोकर रखा जाता है, और यदि वह असली होता है तो गोमूत्र का रंग बदलने लगता है। हालांकि, यह तरीका लोक मान्यताओं पर आधारित है और वैज्ञानिक रूप से इसकी पुष्टि नहीं की गई है।जानकारों के अनुसार गोमेद रत्न को सामान्यतः लोहे की अंगूठी में जड़वाकर पहना जाता है। इसे पहनने का दिन और समय भी ज्योतिषीय परामर्श के अनुसार तय किया जाता है, ताकि इसका अधिकतम लाभ प्राप्त किया जा सके।

गोमेद पहनने के लाभों को लेकर मान्यता है कि इससे मानसिक तनाव में कमी, निर्णय लेने की क्षमता में सुधार और जीवन में स्थिरता आती है। साथ ही राहु से जुड़े दोषों के प्रभाव को कम करने में भी इसे सहायक माना जाता है।हालांकि, ज्योतिष विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि किसी भी रत्न को धारण करने से पहले कुंडली का सही विश्लेषण आवश्यक है। बिना सही सलाह के रत्न पहनना कई बार अपेक्षित परिणाम नहीं दे पाता है।

आज के समय में गोमेद की पहचान को लेकर बाजार में कई तरह की मिलावट भी देखने को मिलती है, इसलिए इसे खरीदते समय सावधानी बरतना जरूरी माना जाता है।कुल मिलाकर, गोमेद रत्न को लेकर मान्यताएं और परंपराएं गहरी हैं, लेकिन इसे धारण करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना ही सबसे उचित तरीका माना जाता है।

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