धर्म-अध्यात्म

साल 2026 की शुरुआत - Guru Pradosh व्रत से

Harrison
2 Dec 2025 10:02 PM IST
साल 2026 की शुरुआत - Guru Pradosh व्रत से
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Religion Spirituality,धर्म अध्यात्म : साल 2026 का पहला दिन, 1 जनवरी 2026 (गुरुवार), सिर्फ नए साल का आरंभ नहीं है — साथ ही साथ यह एक पवित्र व्रत‑त्योहार से भी जुड़ा हुआ है। इस दिन गुरु प्रदोष व्रत पड़ रहा है, इसलिए हिंदू धर्म में मान्यता है कि इस व्रत के साथ नए साल की शुरुआत करना बेहद शुभ होता है।
व्रत‑तिथि और मुहूर्त
1 जनवरी 2026 को पौष माह की शुक्ल पक्ष त्रयोदशी (Trayodashi) तिथि है।
व्रत की तिथि सुबह 01:47 बजे शुरू होगी और रात 10:22 बजे तक रहेगी।
प्रदोष काल — जो कि पूजा‑अर्चना के लिए सबसे शुभ समय माना जाता है — शाम 5:35 बजे से रात 8:11 बजे तक रहेगा।
गुरु प्रदोष व्रत — महत्व और संवेदना
गुरु प्रदोष व्रत, जिस दिन व्रत किया जाता है, उसका दिन और विशेष योग बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस व्रत को शिव — माता पार्वती को समर्पित व्रत के रूप में जाना जाता है। जब यह व्रत गुरुवार (गुरु — ब्रह्मा/बृहस्पति का दिन) को पड़ता है, तो उसका शुभ प्रभाव और भी बढ़ जाता है।
2026 में यह संयोग बना है, इसलिए नए साल की शुरुआत एक शुभ व्रत‑संयोग के साथ हो रही है।
पहले दिन क्या करना अच्छा होगा
अगर आप 1 जनवरी को व्रत के साथ नया साल शुरू करना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए उपाय शुभ माने जाते हैं:
सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और सूर्य को जल अर्पित करें।
दिन में पाँचों देवताओं — गणेश, शिव, माता दुर्गा, विष्णु व सूर्य — की साधना या पूजा करें।
शाम को प्रदोष काल में शिव‑लिंग का अभिषेक करें, अगर संभव हो तो बेलपत्र, धूप‑दीप, गाय के दूध या जल से पूजा करें।
जरुरतमंदों को दान करें और गरिबों, सादा भोजन या अनाज दान करने से पुण्य अधिक माना जाएगा।
इसके साथ — यदि संभव हो — घर पर सत्यनारायण कथा कराना भी शुभ माना जाता है।
व्रत का लाभ — शांति, समृद्धि और सकारात्मक आरंभ
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गुरु प्रदोष व्रत एवं पूजा‑अर्चना से जीवन में सुख, समृद्धि और परिवार में सौहार्द बना रहता है। इस व्रत से न केवल दुखों व संकटों का नाश होता है, बल्कि नए साल की शुरुआत आनंद, शुभता व सकारात्मक ऊर्जा से होती है।
चूंकि 1 जनवरी अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार नए साल की शुरुआत है — और 2026 में उसी दिन हिंदू पंचांग का शुभ व्रत भी बन रहा है — इसलिए यह दिन विशेष रूप से शुभ व लाभप्रद माना जाता है।
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