धर्म-अध्यात्म

Annapurna Jayanti 2025 - दान व पूजा से घर में समृद्धि की ओर

Harrison
2 Dec 2025 9:43 PM IST
Annapurna Jayanti  2025 - दान व पूजा से घर में समृद्धि की ओर
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Religion Spirituality,धर्म अध्यात्म : मार्गशीर्ष माह की पूर्णिमा तिथि पर मनाई जाने वाली अन्नपूर्णा जयंती इस साल 4 दिसंबर 2025 (गुरुवार) को है। पंचांग अनुसार, पूर्णिमा तिथि 4 दिसंबर सुबह 08:37 बजे शुरू होगी और 5 दिसंबर सुबह 04:43 बजे समाप्त होगी। उदया‑तिथि 4 दिसंबर होने के कारण जयंती इसी दिन मनाई जाएगी।
पूजा‑मुहूर्त और शुभ योग
पूजा का श्रेष्ठ समय सुबह 10:53 बजे से दोपहर 1:29 बजे तक माना गया है।
इस दिन ब्राह्म मुहूर्त से पूजा-दान संभव है; साथ ही भद्रा व राहु‑काल जैसे काल से बच कर, शुभ मुहूर्त में पूजा करना उत्तम है।
पूजा विधि — दान व भोग अर्पण
इस दिन रसोई, चूल्हा तथा अनाज भंडार की साफ़‑सफाई करके उन्हें देवी की ओर समर्पित करें।
पूजा में चावल, गेहूं, उड़द, राई एवं अन्य अनाजों का भोग एवं दान करना शुभ माना जाता है।
साथ ही यदि संभव हो, तो गरीब या जरूरतमंदों को भोजन या अनाज दान करना चाहिए — ऐसा करने से देवी अन्नपूर्णा की कृपा बनी रहती है और घर-परिवार में समृद्धि आती है।
दान से मिलता है भौतिक व आध्यात्मिक लाभ
धार्मिक मान्यता है कि इस दिन अन्न दान से “सब दोष” दूर होते हैं और व्यक्ति की कुटुंब व कुंडली में ग्रहों की दशा मजबूत होती है। अन्न‑दान को श्रेष्ठतम दान माना गया है।
रसातल की कमी, आर्थिक तंगी और भूख से मुक्ति मिलती है; घर में कभी अन्न की कमी नहीं होती और समृद्धि बनी रहती है।
अन्नपूर्णा देवी — अन्न की अधिष्ठात्री
धार्मिक कथा अनुसार, जब भगवान शिव ने कहा कि “अन्न भी माया है” तब उनकी पत्नी माता पार्वती ने अन्न को लुप्त कर दिया। इसके बाद, भूख व अकाल से त्रस्त मानवता को अन्न प्रदान करने के लिए उन्होंने अपने पारम्परिक स्वरूप को त्याग कर अन्नपूर्णा रूप धारण किया। तभी से उन्हें संसार की “अन्न‑देवी” माना जाता है।
अतः इस पावन अवसर पर यदि आप गेहूं, चावल, उड़द, राई आदि अनाजों का दान करें, तो न केवल जरूरतमंदों को राहत मिलेगी, बल्कि आपकी कुंडली में ग्रहों की स्थिति भी मजबूत होगी — और घर में कभी अन्न या धन की कमी नहीं रहेगी।
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