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धर्म-अध्यात्म
तुलसी का पौधा सिर्फ आस्था नहीं, सेहत और वास्तु से भी जुड़ा है इसका महत्व
nidhi
22 Aug 2026 12:48 PM IST

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घर के बीचों-बीच तुलसी लगाने की परंपरा के पीछे छिपा विज्ञान
नई दिल्ली: भारतीय संस्कृति में तुलसी के पौधे को बेहद पवित्र माना जाता है। पुराने समय में लगभग हर घर के आंगन में तुलसी का पौधा लगाया जाता था। खासतौर पर इसे घर के बीचों-बीच या आंगन के प्रमुख स्थान पर रखने की परंपरा रही है। धार्मिक मान्यताओं में तुलसी को माता का स्वरूप माना गया है, लेकिन इसके पीछे कई वैज्ञानिक कारण भी बताए जाते हैं।
पुराने समय में घरों की बनावट ऐसी होती थी कि आंगन घर का मुख्य हिस्सा होता था। वहां तुलसी लगाने से धार्मिक महत्व के साथ-साथ वातावरण को स्वच्छ और बेहतर रखने में भी मदद मिलती थी।
धार्मिक मान्यता से जुड़ा है तुलसी का महत्व
हिंदू धर्म में तुलसी को भगवान विष्णु की प्रिय माना जाता है। मान्यता है कि जिस घर में तुलसी का पौधा होता है वहां सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है और सुख-समृद्धि आती है।
सुबह और शाम तुलसी की पूजा करने की परंपरा रही है। महिलाएं नियमित रूप से तुलसी को जल चढ़ाती थीं और दीपक जलाती थीं। इसे घर में शांति और शुभता का प्रतीक माना जाता है।
आंगन में तुलसी लगाने के पीछे वैज्ञानिक कारण
पुराने समय में घर के बीच आंगन में तुलसी लगाने का एक बड़ा कारण पर्यावरण से भी जुड़ा था। तुलसी के पौधे में प्राकृतिक औषधीय गुण पाए जाते हैं और इसकी खुशबू वातावरण को बेहतर बनाने में मदद करती है। तुलसी के पत्तों में मौजूद कुछ प्राकृतिक तत्व कीटों को दूर रखने में सहायक माने जाते हैं। इसलिए घर के आसपास तुलसी का पौधा लगाने से वातावरण को स्वच्छ रखने में मदद मिलती थी।
हवा को बेहतर बनाने में सहायक
तुलसी को औषधीय पौधों में शामिल किया जाता है। इसके पत्तों का इस्तेमाल आयुर्वेद में कई घरेलू उपचारों में किया जाता रहा है। पुराने घरों में आंगन खुला होता था, जिससे तुलसी को पर्याप्त धूप और हवा मिलती थी। इससे पौधा अच्छी तरह विकसित होता था और घर के वातावरण को भी लाभ मिलता था।
घर की संरचना से जुड़ी थी परंपरा
पुराने भारतीय घरों में आंगन को रोशनी और हवा के लिए बनाया जाता था। आंगन के बीच तुलसी लगाने से घर का केंद्रीय स्थान सुंदर और जीवंत बना रहता था। तुलसी के आसपास बैठना, पूजा करना और परिवार का एक साथ समय बिताना सामाजिक जुड़ाव का भी माध्यम था।
आयुर्वेद में तुलसी का विशेष स्थान
आयुर्वेद में तुलसी को औषधीय गुणों वाला पौधा माना गया है। इसके पत्तों का उपयोग सर्दी-जुकाम, खांसी और कई सामान्य स्वास्थ्य समस्याओं में घरेलू उपाय के रूप में किया जाता है। हालांकि किसी भी स्वास्थ्य समस्या में केवल घरेलू नुस्खों पर निर्भर रहने के बजाय विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी होता है।
आज भी कायम है तुलसी लगाने की परंपरा
आज भले ही घर छोटे हो गए हैं और आंगन की जगह बालकनी ने ले ली है, लेकिन तुलसी लगाने की परंपरा अब भी जारी है। लोग इसे धार्मिक आस्था के साथ-साथ प्राकृतिक जीवनशैली से जोड़कर देखते हैं। इस तरह पुराने घरों में आंगन के बीच तुलसी लगाने की परंपरा सिर्फ धार्मिक विश्वास नहीं थी, बल्कि प्रकृति, स्वास्थ्य और जीवनशैली से जुड़ी एक सोच भी थी।
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