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Religion धर्म : ज्योतिषाचार्यों के अनुसार यह मानना गलत है कि गजकेसरी योग सभी लोगों को समान रूप से लाभ देगा। इस योग का प्रभाव व्यक्ति की पूरी कुंडली पर निर्भर करता है। कई बार यह योग शुभ फल देता है, तो कुछ परिस्थितियों में इसका प्रभाव कमजोर या सीमित भी हो सकता है।
विशेषज्ञ बताते हैं कि यदि गुरु और चंद्रमा मजबूत स्थिति में हों और शुभ भावों में स्थित हों, तो यह योग अत्यंत लाभकारी माना जाता है। ऐसे व्यक्ति को जीवन में मान-सम्मान, सफलता और मानसिक स्थिरता मिलती है।
किन राशियों को मिलता है अधिक लाभ
ज्योतिष के अनुसार कर्क, वृश्चिक और मीन लग्न में गजकेसरी योग अधिक प्रभावी माना जाता है। इन लग्नों में यह योग व्यक्ति को करियर, समाज और शिक्षा के क्षेत्र में विशेष सफलता दिला सकता है। ऐसे लोग जहां भी जाते हैं, वहां अपनी पहचान बनाने में सक्षम होते हैं।
कमजोर ग्रह स्थिति का प्रभाव
यदि गुरु और चंद्रमा कमजोर स्थिति में हों या पाप ग्रहों से प्रभावित हों, तो गजकेसरी योग का पूरा लाभ नहीं मिल पाता। यहां तक कि यदि यह योग कुंडली के अष्टम भाव में स्थित हो, तो इसके शुभ प्रभाव काफी हद तक कम हो जाते हैं। ऐसे मामलों में व्यक्ति को अपेक्षित परिणाम नहीं मिलते।





