धर्म-अध्यात्म

सातवें बड़े मंगल पर बजरंगबली को ये खास चीजें करें अर्पित, घर में आएगी सुख-समृद्धि

nidhi
16 Jun 2026 2:40 PM IST
सातवें बड़े मंगल पर बजरंगबली को ये खास चीजें करें अर्पित, घर में आएगी सुख-समृद्धि
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हनुमान चालीसा और मंत्र जाप से मिलने वाला लाभ
Bada Mangal 2026: ज्येष्ठ मास के पावन महीने में पड़ने वाले मंगलवार को ‘बड़ा मंगल’ या ‘बुढ़वा मंगल’ के रूप में बेहद धूमधाम से मनाया जाता है. आज 16 जून 2026 को साल का सातवां बड़ा मंगल है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, बड़े मंगल के दिन संकटमोचन हनुमान जी की पूजा-अर्चना करने और उनकी प्रिय वस्तुएं अर्पित करने से जीवन के सभी दुख-दर्द दूर होते हैं तथा घर में सुख, शांति और खुशहाली का वास होता है. आइए जानते हैं कि कल पूजा के दौरान बजरंगबली को कौन-सी विशेष सामग्री अर्पित करनी चाहिए.
बड़ा मंगल पर हनुमान जी को अर्पित करें ये चीजें
बूंदी और बेसन के लड्डू: धार्मिक मान्यता है कि हनुमान जी को बूंदी और बेसन के लड्डू अत्यंत प्रिय हैं. ऐसे में बड़ा मंगल के पावन अवसर पर बजरंगबली को इसका भोग लगाएं और फिर इसे लोगों में प्रसाद के रूप में बांटें. कहा जाता है कि ऐसा करने से घर में सुख-समृद्धि आती है.
गुड़ और चना: इस दिन हनुमान जी को गुड़ और भुने हुए चने का भोग लगाना अत्यंत शुभ और फलदायक माना जाता है. मान्यता है कि ऐसा करने से वित्तीय संकट और कर्ज संबंधी परेशानियां दूर होती हैं.
सिंदूर और चमेली का तेल: बड़े मंगल के दिन हनुमान जी को चमेली के तेल में मिला हुआ सिंदूर चढ़ाना शुभ माना जाता है. मान्यता है कि इससे कुंडली के ग्रह दोष, विशेषकर मंगल दोष, शांत होते हैं और भक्तों को बल, बुद्धि तथा साहस का आशीर्वाद प्राप्त होता है.
मीठा पान: इस दिन हनुमान जी को मीठा पान अर्पित करना भी शुभ माना गया है. मान्यता है कि इससे जीवन के रुके हुए कार्य पूरे होने लगते हैं और सफलता के मार्ग खुलते हैं.
पूजा विधि
सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ-सुथरे वस्त्र धारण करें. इस दिन लाल या नारंगी (भगवा) रंग के कपड़े पहनना अत्यंत शुभ माना जाता है.
घर के मंदिर में हनुमान जी की मूर्ति या तस्वीर के सामने बैठें. दीपक और अगरबत्ती प्रज्वलित करें. हनुमान जी के साथ प्रभु श्रीराम और माता सीता का स्मरण अवश्य करें.
बजरंगबली को लाल फूल, सिंदूर, चमेली का तेल और तैयार किया हुआ भोग अर्पित करें.
आसन पर बैठकर पूरी श्रद्धा के साथ हनुमान चालीसा, बजरंग बाण या सुंदरकांड का पाठ करें.
पाठ पूर्ण होने के बाद हनुमान जी की आरती करें और प्रसाद को परिवार तथा अन्य लोगों में वितरित करें.
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