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धर्म-अध्यात्म
Shukra Pradosh Vrat 2026: कल रखा जाएगा जनवरी का आखिरी प्रदोष व्रत,जानिए पूजा विधि और महत्व
Sarita
29 Jan 2026 10:48 AM IST

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Shukra Pradosh Vrat 2026: हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत का विशेष महत्व है। यह दिन भगवान शिव का आशीर्वाद पाने के लिए सबसे शुभ माना जाता है। जनवरी 2026 का आखिरी प्रदोष व्रत कल, 30 जनवरी को मनाया जाएगा। चूंकि यह शुक्रवार को पड़ रहा है, इसलिए इसे शुक्र प्रदोष व्रत कहा जाएगा। ऐसा माना जाता है कि शुक्र प्रदोष व्रत रखने से न केवल सुख-समृद्धि आती है, बल्कि आर्थिक परेशानियों से भी मुक्ति मिलती है। आइए जानते हैं इस व्रत के शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व के बारे में।
प्रदोष व्रत 2026 तिथि और शुभ मुहूर्त:
त्रयोदशी तिथि शुरू: 30 जनवरी 2026, सुबह 11:09 बजे से।
त्रयोदशी तिथि समाप्त: 31 जनवरी 2026, सुबह 08:25 बजे तक।
व्रत की तारीख: चूंकि प्रदोष काल में शिव पूजा महत्वपूर्ण है, इसलिए यह व्रत 30 जनवरी 2026, शुक्रवार को रखा जाएगा।
पूजा के लिए सबसे शुभ समय: भगवान शिव की पूजा के लिए सबसे अच्छा समय शाम 05:59 बजे से रात 08:37 बजे तक है। भक्तों को भगवान शिव की पूजा के लिए लगभग ढाई घंटे का शुभ समय मिलेगा।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, प्रदोष व्रत का फल सप्ताह के दिन के अनुसार अलग-अलग होता है। शुक्र प्रदोष व्रत विशेष रूप से सौभाग्य, वैवाहिक सुख और धन के लिए रखा जाता है। प्रदोष काल वह समय है जब भगवान शिव कैलाश पर्वत पर आनंदित होकर नृत्य करते हैं। इस समय की गई पूजा से भगवान शिव जल्दी प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों के कष्ट दूर करते हैं।
प्रदोष व्रत पूजा विधि:
यदि आप आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे हैं या अपने जीवन में शांति और खुशी चाहते हैं, तो इस विधि से पूजा करें। सुबह जल्दी उठें, स्नान करें और साफ कपड़े पहनें (हो सके तो सफेद)। हाथ में जल लेकर व्रत का संकल्प लें। प्रदोष काल के दौरान, खुद को शुद्ध करने के लिए फिर से स्नान करें या हाथ-पैर धो लें। किसी शिव मंदिर में जाएं या घर पर ही गंगाजल, दूध, दही, घी और शहद से शिवलिंग का अभिषेक करें। भगवान शिव को बेलपत्र, धतूरे के फूल और मिठाई चढ़ाएं।
पूजा के दौरान लगातार "ॐ नमः शिवाय" मंत्र का जाप करें। शुक्र प्रदोष व्रत की कथा पढ़ें और आखिर में भगवान शिव की आरती करें। शुक्र प्रदोष के दिन शिवलिंग पर सफेद चंदन का लेप लगाएं और प्रसाद के रूप में खीर चढ़ाएं। इससे शुक्र ग्रह मजबूत होता है और घर में सुख-समृद्धि बढ़ती है।
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