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Shivratri December 2025 Date: कब है साल की अंतिम शिवरात्रि,जानें तारीख और मुहूर्त

Sarita
17 Dec 2025 11:14 AM IST
Shivratri December 2025 Date: कब है साल की अंतिम शिवरात्रि,जानें तारीख और मुहूर्त
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Shivratri December 2025 Date: इस साल की अंतिम शिवरात्रि पौष माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को है. 2025 का यह अंतिम शिवरात्रि व्रत है, उसके बाद शिवरा​त्रि का व्रत नए साल 2026 में रखने का मौका मिलेगा. पौष शिवरात्रि का व्रत रखकर इस साल में आखिरी बार मनोकामना पूर्ति का आशीर्वाद ले सकते हैं. हालांकि शिव कृपा पाने के लिए सभी दिन हैं, लेकिन मासिक शिवरात्रि जैसा पावन पर्व पौष शिवरात्रि के बाद नववर्ष में ही आएगा. आइए जानते हैं कि दिसंबर की मासिक शिवरात्रि कब है? मासिक शिवरात्रि की तारीख और मुहूर्त क्या है?
दिसंबर मासिक शिवरात्रि की तारीख:
पौष माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 18 दिसंबर को तड़के 2 बजकर 32 मिनट से शुरू होगी. उसके बाद इस ति​थि का समापन 19 दिसंबर को प्रात: 4 बजकर 59 मिनट पर होगा. ऐसे में उदयातिथि और पूजा मुहूर्त के आधार पर दिसंबर की मासिक शिवरात्रि यानि साल की अंतिम शिवरात्रि 18 दिसंबर दिन गुरुवार को है. उस दिन भगवान शिव और भगवान विष्णु की पूजा का अद्भुत संयोग बन रहा है|
दिसंबर मासिक शिवरात्रि मुहूर्त:
जो लोग दिसंबर मासिक शिवरात्रि की व्रत रखकर शिव पूजा करना चाहते हैं, उनके लिए निशिता पूजा का मुहूर्त रात में 11:51 पी एम से लेकर देर रात 12:45 ए एम तक है. इस दिन शिव पूजा के लिए आपको 55 मिनट का शुभ मुहूर्त प्राप्त होगा.
मासिक शिवरात्रि के दिन ब्रह्म मुहूर्त प्रात:काल में 05:19 ए एम से लेकर 06:13 ए एम तक है. वहीं दिन का शुभ समय यानि अभिजीत मुहूर्त 11:57 ए एम से लेकर दोपहर 12:38 पी एम तक है|
वैसे तो आप दिन में चाहें तो कभी भी शिवरात्रि की पूजा कर सकते हैं, लेकिन दिन में शुभ-उत्तम मुहूर्त 07:08 ए एम से 08:26 ए एम तक, लाभ-उन्नति मुहूर्त दोपहर 12:18 पी एम से 01:35 पी एम तक और अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त दोपहर 01:35 पी एम से 02:53 पी एम तक है|
सर्वार्थ सिद्धि योग में मासिक शिवरात्रि:
इस साल की अंतिम मासिक शिवरात्रि के दिन सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है. सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह में 7 बजकर 8 मिनट से बन रहा है, तो रात में 8 बजकर 7 मिनट तक रहेगा. इस शुभ योग में किए गए कार्य सफल होते हैं. उस दिन धृति योग प्रात:काल से लेकर दोपहर 03:06 पी एम तक है, उसके बाद शूल योग होगा. शिवरात्रि व्रत पर अनुराधा नक्षत्र प्रात:काल से लेकर रात 8 बजकर 7 मिनट तक है, उसके बाद से ज्येष्ठा नक्षत्र है.
शिवरात्रि पर है भद्रा:
18 दिसंबर को शिवरात्रि के दिन भद्रा लग रही है. इस भद्रा का प्रारंभ सुबह में 7 बजकर 8 मिनट से होगा और समापन दोपहर में 3 बजकर 47 मिनट पर होना है. इस भद्रा का वास स्वर्ग लोक में है, इसलिए इसका धरती पर कोई दुष्प्रभाव नहीं होगा.
शिवरात्रि पर शिववास:
मासिक शिवरा​त्रि के दिन शिववास श्मशान में प्रात:काल से लेकर 19 दिसंबर को प्रात: 04:59 ए एम तक है, उसके बाद शिववास माता गौरी के साथ है.
शिवरात्रि व्रत का महत्व:
जो लोग शिवरात्रि व्रत रखकर महादेव की विधि विधान से पूजा करते हैं, उनके कष्ट मिटते हैं और मनोकामनाएं पूरी होती हैं. शिव और गौरी की पूजा करने अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है|
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