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धर्म-अध्यात्म
Shiv Pujan in Sawan: विधि-विधान से करें शिव की पूजा, शिव साधना से जीवन में पाएं शुभता और समृद्धि
Sarita
27 July 2025 11:27 AM IST

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Shiv Pujan in Sawan: सावन में सोमवार का विशेष महत्व है, क्योंकि यह माह चंद्र ग्रह से जुड़ा है, जो भगवान शिव के मस्तक पर सुशोभित है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, चंद्रमा मन का कारक ग्रह है। इसलिए स्त्रियां यदि सावन में श्रद्धा और भक्ति से शिव जी की पूजा कर सोमवार का व्रत करती हैं तो उन्हें मनोविकारों से मुक्ति और मानसिक शांति प्राप्त होती है। चंद्रमा ही समस्त औषधियों का कारक है, जिसके कारण सावन के व्रत-उपवास स्वास्थ्य आदि के लिए उत्तम होते हैं। आषाढ़ मास शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा के बाद शुक्रवार से सावन का प्रारंभ एवं विशिष्ट ग्रह स्थिति, व्रतकर्ता महिलाओं के दुखों का संहार और कल्याण का मार्ग प्रशस्त करेगा। फलस्वरूप घर-परिवार में सुख-सुविधाओं की वृद्धि होगी।
सावन के महीने में भगवान शिव के साथ माता पार्वती की पूजा-अर्चना करने से न केवल स्त्रियों के सौभाग्य में वृद्धि होती है, बल्कि ज्ञात-अज्ञात सभी प्रकार की ग्रह पीड़ा का समाधान स्वतः होने लगता है। स्त्रियां एकमात्र शिव की उपासना कर अनिष्ट ग्रहों से सरलता से मुक्ति पा सकती हैं।
शिवलिंग पर दूध की धारा चढ़ाएं अथवा रुद्राभिषेक कराएं - फोटो : अमर उजाला
यदि जन्म पत्रिका में सूर्य से संबंधित कष्ट है तो सावन में रविवार को शिव उपासना कर शिव मंत्रों का जप करें। यदि जन्म पत्रिका में चंद्रमा से संबंधित कष्ट है तो शिवलिंग पर दूध की धारा चढ़ाएं अथवा रुद्राभिषेक कराएं।
जन्म पत्रिका में मंगल से संबंधित कष्ट है तो सावन में मंगलवार के दिन मंगला गौरी का व्रत कर शिव सहित मां पार्वती की उपासना करें। यदि जन्म पत्रिका में बुध से संबंधित पीड़ा हो तो श्रावण मास में बुधवार को गन्ने के रस से भगवान शंकर का रुद्राभिषेक करें।
बृहस्पति ग्रह निर्बल होने के कारण कन्या के विवाह आदि में बाधा आ रही हो तो शिवलिंग पर हल्दी मिश्रित दूध चढ़ाएं। यदि जन्म पत्रिका में शुक्र ग्रह से संबंधित कष्ट हो तो पंचामृत, शहद, घृत से भगवान शिव का अभिषेक करें।
यदि शनि की साढ़ेसाती से पीड़ा हो अथवा राहु-केतु से संबंधित कष्ट हो तो शिवलिंग पर काला तिल मिश्रित जल पूरे सावन माह में अर्पण करना चाहिए।
सावन में शिव जी की पूजा एवं व्रत कुंवारी कन्याओं को उनका मनचाहा वर दिलाता है तथा विवाहित स्त्रियों के सौभाग्य एवं सुख में वृद्धि करता है। इसलिए प्रत्येक स्त्री को चाहिए कि वह अपने घर-परिवार की सुरक्षा एवं मनोकामना पूर्ति के लिए सावन में व्रत, पूजा, उपासना अवश्य करे।
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