धर्म-अध्यात्म

Shiv 108 Name :भगवान शिव के 108 नाम और उनका अर्थ क्या है, रख सकते हैं अपने बच्चों के नाम

Sarita
14 Feb 2026 8:39 AM IST
Shiv 108 Name :भगवान शिव के 108 नाम और उनका अर्थ क्या है, रख सकते हैं अपने बच्चों के नाम
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Shiv 108 Name : हिंदू धर्म में नामकरण एक बड़ा संस्कार है। माता पिता बच्चे का नाम सोच समझकर और उसका अर्थ जानकर रखते हैं। ब्राह्मण बच्चों का नामकरण करते हैं और राशि के हिसाब से बच्चों के नाम रखे जाते हैं। यही नाम बड़े होकर बच्चे के व्यक्तित्व पर असर डालता है। लोग भगवान, देवी, देवताओं को महान लोगों के नाम पर अपने बच्चों के नाम रखते हैं। अगर आप भगवान शिव के नाम पर बच्चे का नाम रखना चाहते हैं तो भोलेनाथ के अनेका नाम वेद पुराणों में बताए गए हैं। जिसमें से शिव के 108 नामों का विशेष महत्व है। जान लें शिव के 108 नाम कौन से हैं और उनका अर्थ क्या है?
शिव के 108 नाम और उनका अर्थ
शिव - कल्याण स्वरूप
शंकर - सबका कल्याण करने वाले
शम्भू - आनंद स्वरूप वाले
शशिशेखर - सिर पर चंद्रमा धारण करने वाले
शूलपाणी - हाथ में त्रिशूल धारण करने वाले
शिपिविष्ट - सितुहा में प्रवेश करने वाले
शर्व - कष्टों को नष्ट करने वाले
शितिकण्ठ - सफेद कण्ठ वाले
शिवाप्रिय - पार्वती के प्रिय
शुद्धविग्रह - शुद्धमूर्ति वाले
शाश्वत - नित्य रहने वाले
सुरसूदन - अंधक दैत्य को मारने वाले
सामप्रिय - सामगान से प्रेम करने वाले
स्वरमयी - सातों स्वरों में निवास करने वाले
सर्वज्ञ - सब कुछ जानने वाले
सोमसूर्याग्निलोचन - चंद्र, सूर्य और अग्निरूपी आंख वाले
सोम - उमा के सहित रूप वाले
सदाशिव - नित्य कल्याण रूप वाल
सहस्राक्ष - हजार आंखों वाले
सहस्रपाद - हजार पैरों वाले
सूक्ष्मतनु - सूक्ष्म शरीर वाले
सात्त्विक- सत्व गुण वाले
महाकाल - कालों के भी काल
मृत्युंजय - मृत्यु को जीतने वाले
मृड - सुखस्वरूप वाले
महेश्वर - माया के अधीश्वर
मृगपाणी - हाथ में हिरण धारण करने वाले
महासेनजनक - कार्तिकेय के पिता
महादेव - देवों के भी देव
पिनाकी - पिनाक धनुष धारण करने वाले
परशुहस्त - हाथ में फरसा धारण करने वाले
परमात्मा - सब आत्माओं में सर्वोच्च
परमेश्वर - परम ईश्वर
पुराराति - पुरों का नाश करने वाले
पाशविमोचन - बंधन से छुड़ाने वाले
पंचवक्त्र - पांच मुख वाले
प्रजापति - प्रजाओं का पालन करने वाले
पशुपति - पशुओं के स्वामी
प्रमथाधिप - प्रमथगणों के अधिपति
पूषदन्तभित् - पूषा के दांत उखाड़ने वाले
वामदेव - अत्यंत सुंदर स्वरूप वाले
विरूपाक्ष - ‍विचित्र आंख वाले( शिव के तीन नेत्र हैं)
विष्णुवल्लभ - भगवान विष्णु के अति प्रिय
वृषांक - बैल के चिह्न वाली ध्वजा वाले
वृषभारूढ़ - बैल की सवारी वाले
वीरभद्र - वीर होते हुए भी शांत स्वरूप वाले
विश्वेश्वर- सारे विश्व के ईश्वर
कपर्दी - जटाजूट धारण करने वाले
कपाली - कपाल धारण करने वाले
कामारी - कामदेव के शत्रु, अंधकार को हरने वाले
कृपानिधि - करूणा की खान
कैलाशवासी - कैलाश के निवासी
कवची - कवच धारण करने वाले
कठोर - अत्यंत मजबूत देह वाले
कृत्तिवासा - गजचर्म पहनने वाले
नीललोहित - नीले और लाल रंग वाले
अव्यय - खर्च होने पर भी न घटने वाले
अंबिकानाथ- देवी भगवती के पति
अनीश्वर - जो स्वयं ही सबके स्वामी है
अपवर्गप्रद - कैवल्य मोक्ष देने वाले
अनंत - देशकालवस्तु रूपी परिछेद से रहित
अव्यक्त - इंद्रियों के सामने प्रकट न होने वाले
अहिर्बुध्न्य - कुण्डलिनी को धारण करने वाले
अष्टमूर्ति - आठ रूप वाले
अनेकात्मा - अनेक रूप धारण करने वाले
अज - जन्म रहित
अव्यग्र - कभी भी व्यथित न होने वाले
श्रीकण्ठ - सुंदर कण्ठ वाले
भक्तवत्सल - भक्तों को अत्यंत स्नेह करने वाले
भव - संसार के रूप में प्रकट होने वाले
भीम - भयंकर रूप वाले
भस्मोद्धूलितविग्रह - सारे शरीर में भस्म लगाने वाले
भुजंगभूषण - सांपों के आभूषण वाले
भर्ग - पापों को भूंज देने वाले
भगवान् - सर्वसमर्थ ऐश्वर्य संपन्न
भगनेत्रभिद् - भग देवता की आंख फोड़ने वाले
भूतपति - भूतप्रेत या पंचभूतों के स्वामी
खटवांगी- खटिया का एक पाया रखने वाले
त्रिलोकेश- तीनों लोकों के स्वामी
त्रिपुरांतक - त्रिपुरासुर को मारने वाले
त्रयीमूर्ति - वेदरूपी विग्रह करने वाले
तारक - सबको तारने वाले
उग्र - अत्यंत उग्र रूप वाले
गणनाथ - गणों के स्वामी
गंगाधर - गंगा जी को धारण करने वाले
गिरीश - पर्वतों के स्वामी
गिरिधन्वा - मेरू पर्वत को धनुष बनाने वाले
गिरिप्रिय - पर्वत प्रेमी
गिरिश्वर - कैलाश पर्वत पर सोने वाले
ललाटाक्ष - ललाट में आंख वाले
जटाधर - जटा रखने वाले
जगद्व्यापी- जगत् में व्याप्त होकर रहने वाले
जगद्गुरू - जगत् के गुरू
हवि - आहूति रूपी द्रव्य वाले
यज्ञमय - यज्ञस्वरूप वाले
हिरण्यरेता - स्वर्ण तेज वाले
दुर्धुर्ष - किसी से नहीं दबने वाले
देव - स्वयं प्रकाश रूप
व्योमकेश - आकाश रूपी बाल वाले
चारुविक्रम - सुन्दर पराक्रम वाले
रूद्र - भयानक
स्थाणु - स्पंदन रहित कूटस्थ रूप वाले
दिगम्बर - नग्न, आकाशरूपी वस्त्र वाले
खण्डपरशु - टूटा हुआ फरसा धारण करने वाले
हर - पापों व तापों को हरने वाले
दक्षाध्वरहर - दक्ष के यज्ञ को नष्ट करने वाले
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