धर्म-अध्यात्म

Shanivar Upay: शमी के पत्तों से दूर करें शनि दोष, मिलेगी आर्थिक तरक्की और लाभ

Sarita
20 April 2025 10:39 AM IST
Shanivar Upay: शमी के पत्तों से दूर करें शनि दोष, मिलेगी आर्थिक तरक्की और लाभ
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Shanivar Upay: शनि देव को न्याय का देवता माना जाता है। शनि देव हर व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार फल देते हैं। उनकी कृपा से जीवन में समृद्धि और शांति आती है, जबकि उनकी नाराजगी से व्यक्ति को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। किसी की कुंडली में जब शनि ग्रह अशुभ स्थिति में हो, तो उस व्यक्ति की राह में कई बाधाएं उत्पन्न हो सकती है। शनि की साढ़े साती और ढैय्या के प्रभाव से कई जातकों को परेशानी का सामाना करना पड़ सकता है। ऐसे में शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए ज्योतिष शास्त्र में कई प्रभावी उपाय बताए गए हैं।
धार्मिक मान्यता के अनुसार शनिवार के दिन यदि शनिदेव की पूजा में शमी के पत्तों का प्रयोग किया जाए तो शनि दोषों का निवारण हो सकता है। इतना ही नहीं बल्कि इससे जुड़े उपाय व्यक्ति को आर्थिक परेशानियों, करियर की समस्याओं और जीवन की अन्य कठिनाइयों से भी मुक्ति दिला सकता है। आइए, जानते हैं कैसे शमी के पत्तों के उपाय से शनिदेव की कृपा प्राप्त की जा सकती है|
अगर आपके करियर में लगातार समस्याएं आ रही हैं, तो शनिवार को शमी का पौधा उत्तर-पूर्व दिशा में लगाएं। उसकी जड़ में तांबे के लोटे से जल अर्पित करें और ॐ नमः शिवाय मंत्र का जाप करें। इससे शनिदेव की कृपा प्राप्त होती है और करियर में सुधार होता है।
शनिवार के दिन शमी के पौधे पर सरसों के तेल का दीपक जलाएं और उसे अर्घ्य अर्पित करें। यह उपाय आपके आर्थिक संकटों को दूर करने में सहायक हो सकता है। इसके अलावा, शमी के पौधे के गमले में एक रुपये का सिक्का और सुपारी रखकर आप व्यर्थ के खर्चों पर नियंत्रण कर सकते हैं और धन लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
जो जातक साढ़ेसाती या ढैय्या के प्रभाव में हैं उन्हें शनिवार के दिन शमी के पौधे की जड़ में काले तिल और उड़द की काली दाल अर्पित करनी चाहिए। इससे न सिर्फ शनि का दुष्प्रभाव कम होगा बल्कि जीवन में आ रही कठिनाइयां दूर होंगी। इसके साथ ही रोजाना शिवलिंग पर शमी के पत्ते अर्पित करने से भी लाभ होगा।
यदि किसी जातक की कुंडली में शनि ग्रह अशुभ स्थिति में है या साढ़ेसाती या ढैय्या से प्रभावित है, तो शनिवार को स्नान करके शनिदेव की पूजा करें। पूजा में शमी के ताजे पत्तों को अर्पित करें, साथ ही काले तिल और नीले फूल भी चढ़ाएं। इसके बाद नीचे दिए गए मंत्र का जाप करें-
अमंगलानां च शमनीं शमनीं दुष्कृतस्य च।
दु:स्वप्रनाशिनीं धन्यां प्रपद्येहं शमीं शुभाम्।।
शनिवार और मंगलवार के दिन शमी के पत्तों को तोड़ने से बचना चाहिए, क्योंकि यह दिन शनि देव को समर्पित दिन माना जाता है। इसके साथ ही हनुमानजी की पूजा से भी शनि देव को प्रसन्न किया जा सकता है, क्योंकि शनि देव बजरंगबली का सम्मान करते हैं। इन उपायों को नियमित रूप से करने से शनिदेव की कृपा प्राप्त होती है और व्यक्ति को जीवन में सुख, समृद्धि और शांति मिलती है।
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