- Home
- /
- अन्य खबरें
- /
- धर्म-अध्यात्म
- /
- Shani Stuti Benefits: ...
धर्म-अध्यात्म
Shani Stuti Benefits: शनिवार को करें शनिदेव की स्तुति का पाठ, जीवन के संघर्ष होंगे कम और मिलेगी सफलता
Sarita
15 Nov 2025 8:57 AM IST

x
Shani Stuti Benefits: सनातन धर्म की मान्यताएं हैं कि शनिवार का दिन शनिदेव को समर्पित है. इस दिन शनिदेव की विशेष पूजा अर्चना की जाती है. सूर्यपुत्र शनिदेव कर्मफल और न्याय के कारक ग्रह हैं जिनकी स्तुति करने से शनिदोष दूर होता है. शनिदोष दूर होने से जीवन की अनेक परेशानियों से छुटकारा मिलता है. जातक शनिदेव की वक्र दृष्टी से बच पाता है. शनि की साढ़े साती या ढैय्या से लेकर शनि की महादशा की समयावधि में शनिदेव की विशेष आराधना करने के बारे में बताया जाता है. वहीं, शनिदेव की पूजा के समय अगर शनिदेव की स्तुति का पाठ करें तो इसके अति शुभ परिणाम जल्दी दिखने लगेंगे|
॥शनिदेव की स्तुति॥
नम: कृष्णाय नीलाय शितिकण्ठ निभाय च ।
नम: कालाग्निरूपाय कृतान्ताय च वै नम: ॥1॥
नमो निर्मांस देहाय दीर्घश्मश्रुजटाय च ।
नमो विशालनेत्राय शुष्कोदर भयाकृते ॥2॥
नम: पुष्कलगात्राय स्थूलरोम्णेऽथ वै नम: ।
नमो दीर्घाय शुष्काय कालदंष्ट्र नमोऽस्तु ते ॥3॥
नमस्ते कोटराक्षाय दुर्नरीक्ष्याय वै नम: ।
नमो घोराय रौद्राय भीषणाय कपालिने ॥4॥
नमस्ते सर्वभक्षाय बलीमुख नमोऽस्तु ते ।
सूर्यपुत्र नमस्तेऽस्तु भास्करेऽभयदाय च ॥5॥
अधोदृष्टे: नमस्तेऽस्तु संवर्तक नमोऽस्तु ते ।
नमो मन्दगते तुभ्यं निस्त्रिंशाय नमोऽस्तुते ॥6॥
तपसा दग्ध-देहाय नित्यं योगरताय च ।
नमो नित्यं क्षुधार्ताय अतृप्ताय च वै नम: ॥7॥
ज्ञानचक्षुर्नमस्तेऽस्तु कश्यपात्मज-सूनवे ।
तुष्टो ददासि वै राज्यं रुष्टो हरसि तत्क्षणात् ॥8॥
देवासुरमनुष्याश्च सिद्ध-विद्याधरोरगा: ।
त्वया विलोकिता: सर्वे नाशं यान्ति समूलत: ॥9॥
प्रसाद कुरु मे सौरे ! वारदो भव भास्करे ।
एवं स्तुतस्तदा सौरिर्ग्रहराजो महाबल: ॥10॥
शनिदेव के प्रभावशाली मंत्र-
शनिचर पुराणोक्त मंत्र-
सूर्यपुत्रो दीर्घेदेही विशालाक्ष: शिवप्रिय: द
मंदचार प्रसन्नात्मा पीडां हरतु मे शनि:
तंत्रोक्त मंत्र-
ॐ प्रां. प्रीं. प्रौ. स: शनैश्चराय नम:।
शनि का वेदोक्त मंत्र-
ॐ शमाग्निभि: करच्छन्न: स्तपंत सूर्य शंवातोवा त्वरपा अपास्निधा:
शनिदेव का मंत्र
ॐ नीलाजंन समाभासं रविपुत्रं यमाग्रजम्।
छाया मार्तण्ड सम्भूतं तं नमामि शनैश्चरम्।।
ऊँ श्रां श्रीं श्रूं शनैश्चाराय नमः।
ऊँ हलृशं शनिदेवाय नमः।
ऊँ एं हलृ श्रीं शनैश्चाराय नमः।
Next Story





