- Home
- /
- अन्य खबरें
- /
- धर्म-अध्यात्म
- /
- Shani Raksha Kavach :...
धर्म-अध्यात्म
Shani Raksha Kavach : साढ़ेसाती-ढैय्या समेत हर कष्ट दूर कर देता है शनि रक्षा कवच स्त्रोत का पाठ
Sarita
11 Jan 2026 12:25 PM IST

x
Shani Raksha Kavach : दंडाधिकारी और न्यायाधिपति शनि कर्मों के अनुसार फल देते हैं. साथ ही एकमात्र शनि ग्रह हैं जिनकी साढ़ेसाती और ढैय्या भी लोगों को अपने जीवन में कभी न कभी जरूर झेलनी पड़ती है. यह समय व्यक्ति को आर्थिक, मानसिक, शारीरिक कष्ट देता है. करीबी रिश्तों पर वार करता है. ऐसे में शनि रक्षा कवच का पाठ करना बहुत लाभ देता है. विशेष तौर पर हर शनिवार को सूर्यास्त के बाद इसका पाठ करना सबसे उत्तम माना जाता है. शनि का शक्तिशाली कवच दुर्घटनाओं, चोट, बीमारियों से बचाता है. अकाल मृत्यु का संकट टालता है, साथ ही मानसिक शांति देता है. हानि, बाधाओं से बचाता है. यहां पढ़ें संपूर्ण शनि रक्षा कवच पाठ|
।।विनियोग।।
अस्य श्री शनैश्चरकवचस्तोत्रमंत्रस्य कश्यप ऋषिः ।।
अनुष्टुप् छन्दः ।। शनैश्चरो देवता ।। शीं शक्तिः ।।
शूं कीलकम् ।। शनैश्चरप्रीत्यर्थं जपे विनियोगः ।।
निलांबरो नीलवपुः किरीटी गृध्रस्थितस्त्रासकरो धनुष्मान् ।।
चतुर्भुजः सूर्यसुतः प्रसन्नः सदा मम स्याद्वरदः प्रशान्तः ।। 1 ।।
श्रुणूध्वमृषयः सर्वे शनिपीडाहरं महत् ।
कवचं शनिराजस्य सौरेरिदमनुत्तमम् ।। 2 ।।
कवचं देवतावासं वज्रपंजरसंज्ञकम् ।
शनैश्चरप्रीतिकरं सर्वसौभाग्यदायकम् ।। 3 ।।
ॐ श्रीशनैश्चरः पातु भालं मे सूर्यनंदनः ।
नेत्रे छायात्मजः पातु पातु कर्णौ यमानुजः ।। 4 ।।
नासां वैवस्वतः पातु मुखं मे भास्करः सदा ।
स्निग्धकंठःश्च मे कंठं भुजौ पातु महाभुजः ।। 5 ।।
स्कंधौ पातु शनिश्चैव करौ पातु शुभप्रदः ।
वक्षः पातु यमभ्राता कुक्षिं पात्वसितत्सथा ।। 6 ।।
नाभिं ग्रहपतिः पातु मंदः पातु कटिं तथा ।
ऊरू ममांतकः पातु यमो जानुयुगं तथा ।। 7 ।।
पादौ मंदगतिः पातु सर्वांगं पातु पिप्पलः ।
अङ्गोपाङ्गानि सर्वाणि रक्षेन्मे सूर्यनंदनः ।। 8 ।।
इत्येतत्कवचं दिव्यं पठेत्सूर्यसुतस्य यः ।
न तस्य जायते पीडा प्रीतो भवति सूर्यजः ।। 9 ।।
व्ययजन्मद्वितीयस्थो मृत्युस्थानगतोSपि वा ।
कलत्रस्थो गतो वापि सुप्रीतस्तु सदा शनिः ।। 10 ।।
अष्टमस्थे सूर्यसुते व्यये जन्मद्वितीयगे ।
कवचं पठतो नित्यं न पीडा जायते क्वचित् ।। 11 ।।
इत्येतत्कवचं दिव्यं सौरेर्यनिर्मितं पुरा ।
जन्मलग्नास्थितान्दोषान्सर्वान्नाशयते प्रभुः ।। 12 ।।
।। इति श्रीब्रह्मांडपुराणे ब्रह्म–नारदसंवादे शनैश्चरकवचं संपूर्णं ।।
TagsShani RakshaKavachसाढ़ेसाती-ढैय्याकष्टदूरशनि रक्षाकवच स्त्रोतSade SatiDhaiyatroublesremovesShani Raksha Kavach mantra जनता से रिश्ता न्यूज़जनता से रिश्ताजनता से रिश्ता.कॉमआज की ताजा न्यूज़हिंन्दी न्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारJanta Se Rishta NewsJanta Se RishtaToday's Latest NewsHindi NewsIndia NewsKhabron Ka SilsilaToday's Breaking NewsToday's Big NewsMid Day Newspaperजनताjantasamachar newssamacharहिंन्दी समाचार
Next Story





