- Home
- /
- अन्य खबरें
- /
- धर्म-अध्यात्म
- /
- Shani Pradosh Vrat...
धर्म-अध्यात्म
Shani Pradosh Vrat 2026: कब है शनि प्रदोष व्रत , विशेष उपाय कर पाएं भाग्य का साथ!
Sarita
4 Feb 2026 1:00 PM IST

x
Shani Pradosh Vrat 2026: सनातन धर्म में प्रदोष व्रत विशेष महत्व बताया गया है. ये व्रत महादेव को समर्पित है. फरवरी महीने में प्रदोष व्रत शनिवार के दिन है ऐसे में इसे शनि प्रदोष कहा जाएगा. हर माह में कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष व्रत रखा जाता है और जब यह शनि प्रदोष होता है तो व्रत करने वाले भक्तों को एक साथ शनिदेव और और भोलेनाथ दोनों का आशीर्वाद प्राप्त होता है. शनि प्रदोष व्रत करने और भगवान शिव और शनि देव की संयुक्त पूजा करने से जीवन के कष्ट, मानसिक तनाव से लेकर आर्थिक बाधाओं का अंत हो जाता है. शनि दोष दूर होता है. आइए जानें साल का पहला शनि प्रदोष व्रत कब है, इस दिन पूजा का शुभ मुहूर्त और विशेष उपाय क्या है|
फरवरी में शनि प्रदोष व्रत कब है?
पंचांग के अनुसार, फाल्गुन कृष्ण त्रयोदशी तिथि 14 फरवरी 2026 को शाम 04:01 बजे शुरू होकर 15 फरवरी 2026 को शाम 05:04 बजे तक होगा. प्रदोष व्रत में शाम को प्रदोष काल में शिव जी की पूजा आराधना की जाएगा. वहीं यह प्रदोष व्रत साल का पहला शनि प्रदोष व्रत होगा|
शनि प्रदोष व्रत पर पूजा का शुभ मुहूर्त :
14 फरवरी 2026 को प्रदोष व्रत है और इस दिन पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 06:10 बजे शुरू होगा और रात 08:44 बजे तक होगा. ऐसे में इस दिन पूजा के लिए करीब 2 घंटे 34 मिनट का समय होगा|
शनि प्रदोष व्रत के उपाय :
शिवलिंग पर अभिषेक: शिव जी की कृपा पाने के लिए शिवलिंग पर दूध, शहद और गंगाजल से अभिषेक करें और 108 बार ॐ नमः शिवाय मंत्र का जाप करें|
सरसों तेल का उपाय: शनिदेव की कृपा पाने के लिए सरसों का तेल और काले तिल का दान करें। इससे शनि दोष शांत होता है और आर्थिक परेशानियां कम होती हैं।
दान का उपाय: शनि प्रदोष पर गरीबों को भोजन कराना घर में धन धान्य को बढ़ाएगा. वस्त्र दान करें तो भाग्य खुलेगा.
दीपक जलाने का उपाय: सूर्यास्त के समय शिव मंदिर और शनि मंदिर जातक दीपक जलाएं. ऐसा करना जीवन में सकारात्मकता आएगी. ऊर्जा बढ़ेगी और धन लाभ के रास्ते खुलेंगे.
काले रंग के कपड़े: शनि प्रदोष व्रत पर काले कपड़े पहनें, इसे अति शुभ माना जाता है. इससे शनि ग्रह की स्थिति में सुधार आता है.
शनि प्रदोष व्रत रखने से शनि देव के प्रकोप और क्रूर दृष्टि से मुक्ति मिलती है. शनि प्रदोष व्रत रखने से शिव जी की विशेष कृपा प्राप्त होती है. सुख, शांति और समृद्धि बढ़ती है और साढ़ेसाती, ढैय्या और कुंडली में स्थित बनी रहती है. राहु-केतु और पितृ शांति के लिए भी यह व्रत अति प्रभावी माना गया है|
TagsShani Pradosh Vratशनि प्रदोष व्रतजनता से रिश्ता न्यूज़जनता से रिश्ताजनता से रिश्ता.कॉमआज की ताजा न्यूज़हिंन्दी न्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारJanta Se Rishta NewsJanta Se RishtaToday's Latest NewsHindi NewsIndia NewsKhabron Ka SilsilaToday's Breaking NewsToday's Big NewsMid Day Newspaperजनताjantasamachar newssamacharहिंन्दी समाचार
Next Story





