- Home
- /
- अन्य खबरें
- /
- धर्म-अध्यात्म
- /
- Shani Pradosh: शनि...
धर्म-अध्यात्म
Shani Pradosh: शनि प्रदोष के दिन और रात के संगम पर करें ये प्रयोग होगी हर काम में सिद्धि
Sarita
4 Oct 2025 9:10 AM IST

x
Shani Pradosh: आश्विन शनि प्रदोष व्रत 2025 शिव जी की कृपा प्राप्त करने का दिव्य अवसर है। यह व्रत साधक के जीवन से न केवल पाप और दुख दूर करता है बल्कि उसे आत्मिक शांति और भौतिक सुख भी प्रदान करता है। विशेषकर यह शनि प्रदोष व्रत है, इसलिए इस दिन श्रद्धा और नियम से व्रत करने वाले भक्त को शिव जी और शनि देव दोनों का आशीर्वाद प्राप्त होगा। भक्तों को चाहिए कि इस दिन सच्चे मन से पूजा करें, दान-पुण्य करें और हर हर महादेव का जाप करें। भगवान शिव की कृपा से जीवन के सभी संकट दूर होकर सुख और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होगा।
प्रदोष व्रत का महत्व:
शास्त्रों में प्रदोष व्रत को सर्वोत्तम व्रतों में गिना गया है। प्रदोष का अर्थ है संध्या का समय, जब दिन और रात का संगम होता है। यह समय शिव भक्ति के लिए अत्यंत शुभ माना गया है। मान्यता है कि इस व्रत को करने से जीवन के समस्त पाप क्षीण हो जाते हैं। परिवार में सुख, शांति और समृद्धि आती है। विवाह योग्य कन्याओं को योग्य वर की प्राप्ति होती है। मानसिक शांति और स्थिरता प्राप्त होती है। शनि प्रदोष के दिन व्रत करने से शनिदेव की कृपा से शनि दोष और साढ़ेसाती के कष्ट दूर होते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार प्रदोष व्रत रखने से चंद्रमा की स्थिति मजबूत होती है। इससे मानसिक तनाव, चिंता और अस्थिरता दूर होकर साधक को आत्मविश्वास और संतुलन मिलता है।
संकट और बाधा दूर करने के आसान शनि प्रदोष उपाय: शनि प्रदोष का व्रत हर महीने की त्रयोदशी तिथि को पड़ता है, विशेषकर जब यह शनिवार के दिन आए तो इसे शनि प्रदोष कहा जाता है। शनि ग्रह के प्रभाव से जीवन में बाधाएं, विलंब और मानसिक तनाव बढ़ सकते हैं लेकिन पवित्र प्रदोष व्रत और सरल उपाय करने से शनि की दशा सुधरती है और संकट दूर होते हैं-
शनि प्रदोष की शाम तेल का दीपक जलाकर भगवान शिव और शनिदेव की पूजा करें।
काले तिल, काली मूली या काले वस्त्र दान करने से शनि का क्रोध भाव कम होता है।
सूर्यास्त के समय प्रदोषकाल में भगवान शिव का अभिषेक जल, दूध, घी और शहद से करें।
शनिदेव और शिवजी का मंत्र जाप करें: ॐ शं शनैश्चराय नमः ॐ नमः शिवाय
शनिदेव को काले चने, काली उड़द या काली वस्तुएं दान करने से जीवन में लंबी आयु, स्वास्थ्य और मानसिक शांति आती है।
इन उपयों को न केवल प्रदोष के दिन करने से बल्कि नियमित करने से शनि की प्रतिकूलता कम होती है, कार्य सफल होते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। शनि प्रदोष का व्रत और उपाय भक्तों के लिए संकटमोचन और मंगलकारी साबित होता है।
TagsShani Pradoshशनि प्रदोषकामसिद्धिShani Pradoshworksuccess जनता से रिश्ता न्यूज़जनता से रिश्ताजनता से रिश्ता.कॉमआज की ताजा न्यूज़हिंन्दी न्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारJanta Se Rishta NewsJanta Se RishtaToday's Latest NewsHindi NewsIndia NewsKhabron Ka SilsilaToday's Breaking NewsToday's Big NewsMid Day Newspaperजनताjantasamachar newssamacharहिंन्दी समाचार
Next Story





