धर्म-अध्यात्म

Sawan Shivratri: सावन शिवरात्रि के पावन अवसर पर मंडरा रहा है भद्रा का साया

Sarita
19 July 2025 8:35 AM IST
Sawan Shivratri: सावन शिवरात्रि के पावन अवसर पर मंडरा रहा है भद्रा का साया
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Sawan Shivratri: वैसे तो हर महीने मासिक शिवरात्रि का पर्व आता है लेकिन सावन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर मनाई जाने वाली शिवरात्रि पर भगवान शिव की भव्य पूजा का विधान है। हर साल सावन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर शिवरात्रि मनाई जाती है। यह दिन भगवान शिव की भव्य पूजा को समर्पित है। इस दिन महादेव को केवल जल चढ़ाने से वह प्रसन्न होते हैं। इस रोज बहुत सारे भक्त उपवास रखते हैं। धन लाभ, सुख-समृद्धि और यश-कीर्ति की प्राप्ति के लिए यह दिन श्रेष्ठ है।
पौराणिक कथाओं के अनुसार सावन माह की शिवरात्रि को शिव-पार्वती के पुनर्मिलन का प्रतीक माना गया है। अत: जो स्त्री-पुरुष श्रद्धा भाव से शिवशक्ति की पूजा कर उनके निमित्त व्रत सेवा करता है, उसके वैवाहिक जीवन में चल रही नीरसता हो या लव मैरिज की इच्छा पूरी होती है।
वर्ष 2025 में 23 जुलाई को सावन शिवरात्रि का मंगलमय पर्व है लेकिन इस बार शिवरात्रि पर भद्रा का साया मंडरा रहा है है। ऐसे में शिवलिंग की पूजा और जलाभिषेक किस मुहूर्त में किया जाना चाहिए जानते हैं-
सावन शिवरात्रि पर शिवलिंग पूजा और जलाभिषेक का शुभ समय:
सावन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि का आरंभ 23 जुलाई की सुबह 04:39 पर होगा और 24 जुलाई, देर रात 02:28 मिनट पर।
चतुर्दशी तिथि समाप्त होगी। उदया तिथि को ध्यान में रखते हुए 23 जुलाई 2025 को सावन माह की शिवरात्रि का पर्व मनाया जाएगा।
भद्रा का समय:
सावन शिवरात्रि पर भद्रा का समय सुबह 05 बजकर 37 मिनट से लेकर दोपहर 03 बजकर 31 मिनट तक रहेगा।
ब्रह्म मुहूर्त- सुबह 4 बजकर 15 मिनट से लेकर प्रातः 4 बजकर 56 मिनट तक है।
चार प्रहर की पूजा का समय:
प्रथम प्रहर- शाम 6:59 से लेकर रात 9:36 तक रहेगा।
द्वितीय प्रहर- रात्रि 9:36 से आरंभ होकर 12:13 तक रहने वाला है।
तृतीय प्रहर- रात 12:13 से देर रात्रि 2:50 तक है।
चतुर्थ प्रहर- देर रात्रि 2:50 से सुबह 5:27 तक होगा।
सावन शिवरात्रि व्रत पारण समय:
सावन शिवरात्रि पर व्रत पारण का समय 24 जुलाई 2025 को प्रातः 05 बजकर 27 मिनट से शुरू होगा।
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