- Home
- /
- अन्य खबरें
- /
- धर्म-अध्यात्म
- /
- Sawan Purnima 2025:...
धर्म-अध्यात्म
Sawan Purnima 2025: सावन पूर्णिमा कब है 8 या 9 अगस्त को, ये है पूजा, दान और व्रत की विधि
Sarita
26 July 2025 6:30 AM IST

x
Sawan Purnima 2025: सावन मास की पूर्णिमा तिथि हर साल धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण होती है। दरअसल, इसी दिन रक्षाबंधन का पावन पर्व भी मनाया जाता है। इस बार लोग इस बात को लेकर असमंजस में हैं कि सावन पूर्णिमा 8 अगस्त को है या 9 अगस्त को। सावन पूर्णिमा पर रक्षाबंधन का संयोग इसे और भी खास बना देता है। आइए जानते हैं इस बार सावन पूर्णिमा कब है और इसके लिए पूजा विधि, व्रत और दान का क्या महत्व है।
सावन पूर्णिमा कब मनाई जाएगी?
पंचांग के अनुसार, सावन शुक्ल पूर्णिमा तिथि 8 अगस्त को दोपहर 2:12 बजे से शुरू होकर 9 अगस्त को दोपहर 1:24 बजे समाप्त होगी। अब नियमानुसार व्रत तिथि के आरंभ में यानी 8 अगस्त, शुक्रवार को रखा जाएगा, जबकि पूजा, स्नान और दान का शुभ मुहूर्त पूर्णिमा के प्रभावी दिन यानी 9 अगस्त, शनिवार को माना जाएगा। दरअसल, हिंदू धर्म में सूर्योदय के साथ आने वाली तिथि का ही महत्व होता है। यही वजह है कि सावन पूर्णिमा का स्नान, पूजा और शुभ मुहूर्त 9 अगस्त को है।
सावन पूर्णिमा का व्रत और पूजा विधि क्या है:
सावन पूर्णिमा का व्रत 8 अगस्त को रखा जाएगा। इस दिन भक्त भगवान शिव और चंद्रमा की पूजा करेंगे और शाम को चंद्र दर्शन के समय लगभग 6:42 बजे अर्घ्य देंगे। इसके साथ ही चंद्र दर्शन और अर्घ्य देने से मानसिक शांति और रोगों से मुक्ति मिलती है। इतना ही नहीं, इस दिन एक और विधि करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। यह विधि है रुद्राभिषेक की। जी हां, इस दिन रुद्राभिषेक करने वाले लोगों को विशेष फल की प्राप्ति होती है। कई लोग अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए भी इस दिन रुद्राभिषेक करते हैं।
स्नान और दान का भी विशेष महत्व है:
वैसे तो सावन का पूरा महीना ही पवित्र और पावन माना जाता है। लेकिन कुछ तिथियां इसे और भी खास बना देती हैं। इन्हीं में से एक है सावन पूर्णिमा। इस दिन दान और स्नान विशेष पुण्यदायी बताया गया है। 9 अगस्त को प्रातः 4:22 से 5:04 बजे के बीच स्नान और दान करना श्रेष्ठ माना गया है। हिंदू मान्यता के अनुसार, इस समय किए गए कर्म पापों का नाश करते हैं और पुण्य का संचय करते हैं।
रक्षाबंधन का शुभ मुहूर्त और योग:
इस दिन रक्षाबंधन का विशेष संयोग बन रहा है। ऐसे में इस दिन यानी 9 अगस्त को दिन में भद्रा दोष नहीं रहेगा, जिससे भाई-बहन के इस पावन पर्व में कोई बाधा नहीं आएगी। राखी बाँधने का सर्वोत्तम मुहूर्त 9 अगस्त को प्रातः 5:47 से दोपहर 1:24 बजे तक रहेगा।
बता दें कि सावन पूर्णिमा पर तीन विशेष योग भी बन रहे हैं। ये तीन विशेष योग हैं - सौभाग्य योग, शोभन योग और सर्वार्थ सिद्धि योग। ये तीनों ही योग किसी भी शुभ कार्य के लिए अत्यंत शुभ माने जाते हैं। आपको बता दें कि 10 अगस्त से पंचक शुरू हो जाएगा, जो 5 दिनों तक चलेगा और कुछ विशेष कार्यों में निषेध लेकर आएगा।
TagsSawan Purnimaसावन पूर्णिमा8 या 9 अगस्तपूजादानव्रतविधिSawan Purnima8th or 9th Augustworshipdonationfastmethod जनता से रिश्तान्यूज़जनता से रिश्ताजनता से रिश्ता.कॉमआज की ताजा न्यूज़हिंन्दीन्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारJANTA SE RISHTANEWSJANTA SE RISHTATODAY'S LATEST NEWSHINDINEWSINDIA NEWSKHABRON KA SILSILATODAY'S BREAKINGNEWSTODAY'S BIG NEWSMID DAY NEWSPAPERजनताJANTASAMACHARNEWSSAMACHARहिंन्दी समाचार
Next Story





