धर्म-अध्यात्म

Sawan Pradosh Vrat 2025: सावन का दूसरा प्रदोष व्रत, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त

Sarita
30 July 2025 12:06 PM IST
Sawan Pradosh Vrat 2025:  सावन का दूसरा प्रदोष व्रत, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त
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Sawan Pradosh Vrat 2025: सावन मास का आखिरी प्रदोष व्रत इस बार बुधवार को पड़ रहा है, इसलिए इसे बुध प्रदोष व्रत कहा जाता है। यह व्रत श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है। प्रदोष व्रत हर माह की त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है। जो एक माह में दो बार शुक्ल और कृष्ण पक्ष में आता है। सावन भगवान शिव का प्रिय माह माना जाता है। ऐसे में इस माह में आने वाला प्रदोष व्रत विशेष पुण्यदायी होता है। मान्यता है कि इस दिन व्रत और भक्ति भाव से पूजा करने से संतान सुख, समृद्धि, धन और वैभव जैसे शुभ फल प्राप्त होते हैं। सावन समाप्त होने से पहले शिव भक्तों के लिए यह व्रत महत्वपूर्ण है।
सावन प्रदोष व्रत तिथि:
दृक पंचांग के अनुसार सावन शुक्ल त्रयोदशी तिथि की शुरुआत 6 अगस्त, बुधवार को दोपहर 2:08 बजे होगी और यह तिथि 7 अगस्त, गुरुवार को दोपहर 2:27 बजे तक जारी रहेगी। ऐसे में व्रत 6 अगस्त को ही रखा जाएगा।
बुध प्रदोष व्रत पूजा का शुभ मुहूर्त:
इस दिन शिव पूजन के लिए केवल दो घंटे का विशेष मुहूर्त रहने वाला है। यह शाम 7:08 बजे से रात 9:16 बजे तक रहेगा। इसी समय भगवान शिव की आराधना और व्रत पूजन करना श्रेष्ठ माना गया है।
इस दिन ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:20 बजे से 5:03 बजे तक रहेगा। इस दौरान स्नान और दान-पुण्य करना अत्यंत शुभ होता है। हालांकि इस दिन कोई अभिजीत मुहूर्त नहीं है। राहुकाल का समय दोपहर 12:27 से 2:07 बजे तक रहेगा। इस अवधि में भगवान शिव की पूजा करने से कालसर्प दोष से राहत मिलती है।
रुद्राभिषेक का समय:
रुद्राभिषेक कराने के लिए यह दिन उत्तम है। सुबह से लेकर दोपहर 2:08 बजे तक शिव का वास कैलाश पर रहेगा, इसके बाद नंदी पर रहेगा। वैसे तो सावन में किसी भी दिन रुद्राभिषेक शुभ होता है, लेकिन प्रदोष, सोमवार और शिवरात्रि को यह विशेष फलदायी माना गया है।
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