धर्म-अध्यात्म

Shaniwar Niyam: शनिवार की एक गलती पड़ सकती है भारी, जानें इस दिन क्या करें क्या न करें

Sarita
19 Dec 2025 10:17 AM IST
Shaniwar Niyam: शनिवार की एक गलती पड़ सकती है भारी, जानें इस दिन क्या करें क्या न करें
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Shaniwar Niyam: हिंदू धर्म में शनिवार का दिन न्याय के देवता शनि महाराज की उपासना के लिए विशेष माना जाता है। इस दिन विधि-विधान से पूजा करने और काले तिल, काले कपड़े, लोहे अथवा उड़द जैसी वस्तुओं का दान करने से शनि महाराज की कृपा प्राप्त होती हैं। मान्यता है कि, शनिवार की सच्चे मन से की गई साधना व्यक्ति के जीवन से बाधाओं को दूर करती हैं। यही नहीं साधक के कर्मों के अनुरूप शुभ फल भी शनि महाराज देते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जहां शनिवार को किए गए शुभ कर्म शनि महाराज को प्रसन्न करते हैं, वहीं इस दिन कुछ कार्य ऐसे भी हैं, जिनका नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। इसी कारण से शनिवार को कुछ कार्यों से परहेज करने की परंपरा लंबे समय चली आ रही है। माना जाता है कि, इन नियमों का पालन करने से जीवन में अनावश्यक कष्ट, आर्थिक परेशानियां और मानसिक तनाव से बचा जा सकता है। आइए जानते हैं, इसके बारे में जानते हैं।
शनिवार को भूलकर भी न करें ये काम :
धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, शनिवार को भूलकर भी तेल नहीं खरीदना चाहिए। यह अशुभ होता है। इसके प्रभाव से घर में नकारात्मकता व बरकत प्रभावित होती हैं। वहीं शनिवार को आप सरसों का तेल भी न खरीदें। इससे जीवन में कई तरह की समस्याएं आती हैं। इस दिन आप काली उड़द, नमक, काले वस्त्र या कोई भी लोहा न खरीदें। यह दुख का कारण बन सकता है। शनिवार के दिन आप बाल भी न कटवाएं।
शनिवार को क्या करें:
शनिवार के दिन शनि महाराज की पूजा करनी चाहिए। साथ ही काली चीजों का दान करें। इस दिन शनिदेव के इन मंत्रों का जाप अवश्य करना चाहिए। इसके प्रभाव से आर्थिक लाभ, करियर में सफलता और संघर्षों का परिणाम मिलता है।
शनिदेव के प्रमुख मंत्र:
शनि गायत्री मंत्र
ॐ शनैश्चराय विदमहे छायापुत्राय धीमहि ।
शनि बीज मंत्र
ॐ प्रां प्रीं प्रों स: शनैश्चराय नमः ।।
शनि स्तोत्र
ॐ नीलांजन समाभासं रवि पुत्रं यमाग्रजम ।
छायामार्तंड संभूतं तं नमामि शनैश्चरम ।।
शनि पीड़ाहर स्तोत्र
सुर्यपुत्रो दीर्घदेहो विशालाक्ष: शिवप्रिय: ।
दीर्घचार: प्रसन्नात्मा पीडां हरतु मे शनि: ।।
तन्नो मंद: प्रचोदयात ।।
शनिदेव को प्रसन्न करने वाले सरल मंत्र
"ॐ शं शनैश्चराय नमः"
"ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः"
"ॐ शन्नो देविर्भिष्ठयः आपो भवन्तु पीतये। सय्योंरभीस्रवन्तुनः।।
शनि का पौराणिक मंत्र
ऊँ ह्रिं नीलांजनसमाभासं रविपुत्रं यमाग्रजम। छाया मार्तण्डसम्भूतं तं नमामि शनैश्चरम्।।
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