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धर्म-अध्यात्म
Sarva Pitra Amavasya 2025: सर्व पितृ अमावस्या पर कैसे करें पिंडदान और तर्पण, जानें पूरी विधि
Sarita
20 Sept 2025 6:26 AM IST

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Sarva Pitra Amavasya 2025: सर्व पितृ अमावस्या का दिन पितरों की तृप्ति और मोक्ष प्राप्ति के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या को सर्व पितृ अमावस्या कहते हैं। 2025 में सर्व पितृ अमावस्या रविवार, 21 सितंबर को पड़ रही है। इस दिन पिंडदान, तर्पण और श्राद्ध करने से पितृ प्रसन्न होते हैं और उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है, जिससे परिवार के सभी संकट दूर होते हैं। यदि पूरे पितृ पक्ष में श्राद्ध करना संभव न हो, तो केवल सर्व पितृ अमावस्या पर किया गया श्राद्ध और तर्पण ही पूर्ण फल देता है।
सर्व पितृ अमावस्या पर पिंडदान और तर्पण की विधि:
प्रातः स्नान और संकल्प
ब्रह्म मुहूर्त में उठकर गंगाजल मिश्रित जल से स्नान करें।
पीले वस्त्र धारण करें और घर पर या नदी तट पर पितरों के नाम पर संकल्प लें।
संकल्प में अपने गोत्र, नाम और अपने पूर्वजों के नाम का उच्चारण करें।
पिंडदान की तैयारी:
पिंड बनाने के लिए, चावल का आटा, तिल, जौ का आटा, शहद और घी मिलाकर गोल आकार दें।
पिंडों को पीपल के पत्ते या कुशा के आसन पर रखें।
पिंडदान विधि:
पिंडों को पीपल के पेड़ के नीचे, नदी के किनारे या किसी पवित्र स्थान पर रखें।
पितरों के नाम पर जल अर्पित करते समय "ॐ पितृभ्याः स्वधा नमः" मंत्र का जाप करें।
पिंडों पर तिल और कुशा मिश्रित जल अर्पित करें।
तर्पण तांबे या पीतल के बर्तन में किया जाता है।
दक्षिण दिशा की ओर मुख करके दोनों हाथों से तिल मिश्रित जल अर्पित करें।
हर बार "ॐ पितृभ्याः स्वधा" का जाप करें।
तर्पण तीन बार, या कुल 11 बार करें।
ब्राह्मण और गौ सेवा:
पिंडदान और तर्पण के बाद, किसी ब्राह्मण को भोजन कराएँ और दक्षिणा दें।
गायों की सेवा करें और भोजन, वस्त्र और दान दें।
ऐसा माना जाता है कि ऐसा करने से पितरों की आत्माएँ तृप्त होती हैं और घर में समृद्धि आती है।
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