- Home
- /
- अन्य खबरें
- /
- धर्म-अध्यात्म
- /
- शनिवार के नियम: भूलकर...

x
ज्योतिष न्यूज़: हिंदू धर्म में हर वार किसी न किसी देवी-देवता को समर्पित होता है। शनिवार का दिन भगवान शनिदेव की पूजा और नियमों में प्रति बाध्य है। ज्योतिष में शनिदेव को न्याय, कर्म और अनुशासन आदि का कारक माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शनिदेव व्यक्तियों को उनके कर्म के अनुसार फल प्रदान करते हैं। ऐसे में शनिवार के दिन को लेकर कुछ नियम बनाए गए हैं जिनका पालन करना जरूरी होता है। आइए जानते हैं शनिवार के दिन क्या-क्या नहीं करना चाहिए।
शनिवार के दिन बाल-दाढ़ी कटवाना वर्जित
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शनिवार का दिन बाल और दाढ़ी कटवाने से बचना चाहिए। ऐसी मान्यता है कि इस दिन बाल और दाढ़ी कटवाने से शनिदेव रुष्ट हो जाते हैं और व्यक्तियों के जीवन में परेशानियां बढ़ जाती है। ऐसे में शनिवार के दिन बाल या दाढ़ी कटवाने से बचें।
शनिवार के सादा भोजन करें तामसिक चीजों से दूर बनाएं
शनिवार का दिन भगवान शनि को समर्पित होता है। ऐसे में शनिवार के दिन मांस-मदिरा और दूसरी तामसिक भोजन करने से बचना चाहिए। ऐसे में इस दिन सात्विक भोजन करें और क्रोध से बचें। ऐसा करने से शनिदेव के साथ-साथ भगवान बजरंगबली की पूजा-ध्यान करें।
शनिवार के दिन सरसों का तेल खरीदना वर्जित
शास्त्रों के अनुसार शनिवार के दिन भगवान शनि को तेल अर्पित करने परंपरा है, ऐसे में शनिवार के दिन भूलकर भी सरसों का तेल ना खरीदें, बल्कि दान करें। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शनिदेव को तेल अर्पित करने और तेल को जरूरमंदों को दान करना ज्यादा शुभ और लाभकारी माना जाता है। ऐसे में कभी भी शनिवार के दिन सरसों का तेल ना खरीदें।
शनिवार के दिन झाड़ू खरीदना वर्जित
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शनिवार के दिन झाड़ू नहीं खरीदना चाहिए। ऐसी मान्यता है शनिवार के दिन झाड़ू खरीदने से मां लक्ष्मी रूठ जाती है। वहीं एक दूसरी मान्यता है कि शनि का संबंध श्रम से होता है। ऐसे में इस दिन झाड़ू नहीं खरीदना चाहिए।
शनिवार के दिन लोहे की चीजें खरीदना वर्जित
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, लोहे का संबंध शनिदेव से माना जाता है। ऐसे में शनिवार के दिन लोहे की चीजों को खरीदनें से बचना चाहिए। शनिवार के दिन लोहे के सामान खरीदने से शनिदेव नाराज होते है। ऐसे में भूलकर भी शनिवार के दिन लोहा या फिर लोहे से बनी चीजों को खरीदें।
शनिवार के दिन ये काम करना शुभ
शनि देव की पूजा में सरसों या तिल का तेल अर्पित करना बहुत लाभदायक माना गया है। तेल चढ़ाने से साढ़ेसाती और ढैय्या के कारण आ रहे जीवन में कष्टों से छुटकारा मिलता है और रुके हुए कार्य पूर्ण होने लगते हैं। ऐसा करने से सुख-समृद्धि, मान-सम्मान और धन-यश की प्राप्ति होती है एवं नौकरी और व्यापार में सफलता मिलती है। शनि देव को तेल चढ़ाने से हनुमानजी की भी कृपा बनी रहती है।
Next Story





