छत्तीसगढ़

बंद कमरे से निकला धुआं, अंदर जिंदा जला मिला 11वीं का छात्र

Shantanu Roy
12 Sept 2026 5:57 PM IST
बंद कमरे से निकला धुआं, अंदर जिंदा जला मिला 11वीं का छात्र
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Korba. कोरबा। जिले के दीपका बस्ती में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक घटना में 17 वर्षीय छात्र की जलने से मौत हो गई। घटना के समय परिवार के सदस्य घर में ही मौजूद थे, लेकिन जिस कमरे में छात्र था उसका दरवाजा अंदर से बंद होने के कारण समय रहते उस तक मदद नहीं पहुंच सकी। परिजनों ने दरवाजा तोड़ा तो कमरा धुएं से भरा हुआ था और छात्र गंभीर रूप से जली अवस्था में पड़ा मिला। उसकी मौके पर ही मौत हो चुकी थी। फिलहाल आग लगने की वास्तविक वजह स्पष्ट नहीं है। मामला दीपका थाना क्षेत्र का है। पुलिस के मुताबिक मृतक की पहचान 17 वर्षीय दिलीप कंवर के रूप में हुई है। वह आत्मानंद स्कूल दीपका में कक्षा 11वीं का छात्र था। जानकारी के अनुसार शुक्रवार सुबह करीब साढ़े दस बजे दिलीप की बड़ी मां घर की छत पर कपड़े सुखाने गई थीं। इसी दौरान उनकी नजर नीचे स्थित एक कमरे से निकल रहे धुएं पर पड़ी। उन्होंने तत्काल परिवार के अन्य सदस्यों को आवाज देकर इसकी जानकारी दी।

दरवाजा तोड़ा तो अंदर जला मिला छात्र
परिजन दौड़कर कमरे के पास पहुंचे, लेकिन दरवाजा अंदर से बंद था। कमरे से लगातार धुआं निकल रहा था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए परिजनों ने दरवाजा तोड़ दिया। दरवाजा खुलते ही अंदर का दृश्य देखकर परिवार के लोग स्तब्ध रह गए। पूरा कमरा धुएं से भरा था और दिलीप गंभीर रूप से जली अवस्था में पड़ा हुआ था। उसे तत्काल कमरे से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। घटना की जानकारी दीपका थाना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू की। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।

कमरे में मिला ऑयल पेंट और माचिस
जांच के दौरान पुलिस को कमरे से ऑयल पेंट और माचिस मिलने की जानकारी सामने आई है। अब पुलिस इन वस्तुओं सहित घटनास्थल से मिले अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है। घटना के बाद आसपास के लोगों और परिजनों के बीच आग लगने के कारण को लेकर अलग-अलग आशंकाएं जताई जा रही हैं। कुछ लोगों के बीच मोबाइल फोन फटने से आग लगने की चर्चा है, वहीं आत्महत्या की आशंका भी जताई गई है। हालांकि पुलिस ने फिलहाल इनमें से किसी भी संभावना की पुष्टि नहीं की है। पुलिस का कहना है कि घटना के वास्तविक कारण का पता फॉरेंसिक जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। ऐसे में मोबाइल ब्लास्ट या आत्महत्या से जुड़ी चर्चाओं को अभी केवल आशंका के तौर पर देखा जा रहा है।

तीन दिन पहले ही शुरू किया था स्कूल जाना
बताया जा रहा है कि दिलीप ने सप्लीमेंट्री परीक्षा पास करने के बाद करीब तीन दिन पहले ही दोबारा स्कूल जाना शुरू किया था। कुछ दिनों बाद उसकी अर्धवार्षिक परीक्षा होने वाली थी और वह इसकी तैयारी कर रहा था। दिलीप के पिता एसईसीएल की बगदेवा खदान के ब्लास्टिंग विभाग में कार्यरत बताए गए हैं। अचानक हुई इस घटना से परिवार गहरे सदमे में है। मोहल्ले में भी शोक का माहौल है। पुलिस ने मामले में जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच और घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि कमरे में आग कैसे लगी और छात्र किन परिस्थितियों में उसकी चपेट में आया।
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