धर्म-अध्यात्म

शारदीय नवरात्रि से पहले घर से हटा दें ये चीजें

Ashish verma
5 Oct 2026 8:02 PM IST
शारदीय नवरात्रि से पहले घर से हटा दें ये चीजें
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Navratri Vastu Tips: शारदीय नवरात्रि का इंतजार अब खत्म होने वाला है। 11 अक्टूबर से मां दुर्गा की आराधना का पावन पर्व शुरू होगा और नौ दिनों तक भक्त माता के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा-अर्चना करेंगे। नवरात्रि आते ही घरों में साफ-सफाई, पूजा की तैयारी और सजावट का दौर भी शुरू हो जाता है। धार्मिक मान्यताओं में नवरात्रि को शक्ति की उपासना और सकारात्मक ऊर्जा से जोड़कर देखा जाता है। यही कारण है कि पर्व शुरू होने से पहले पूजा स्थल के साथ पूरे घर की सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाता है।
ज्योतिष और वास्तु शास्त्र से जुड़ी मान्यताओं में घर में रखी कुछ टूटी-फूटी या लंबे समय से बेकार पड़ी वस्तुओं को नकारात्मकता से जोड़कर देखा जाता है। देवघर के ज्योतिषाचार्य के अनुसार नवरात्रि से पहले साफ-सफाई करते समय ऐसी चीजों की पहचान करके उन्हें घर से हटा देना चाहिए। मान्यता है कि साफ और व्यवस्थित वातावरण परिवार में सकारात्मकता बनाए रखने में मदद करता है।
टूटी हुई मूर्तियां न रखें
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार घर के मंदिर में खंडित या टूटी हुई देवी-देवताओं की मूर्तियां नहीं रखनी चाहिए। अगर पूजा स्थल में कोई प्रतिमा क्षतिग्रस्त हो गई है तो नवरात्रि से पहले उसे सम्मानपूर्वक हटा देना उचित माना जाता है।
इसी तरह पुराने और खराब हो चुके धार्मिक चित्रों को भी पूजा स्थल पर जमा करके नहीं रखना चाहिए। मंदिर को साफ करके वहां केवल साफ-सुथरी और सही स्थिति में मौजूद पूजा सामग्री रखने की सलाह दी जाती है।
बंद या खराब घड़ी
वास्तु से जुड़ी मान्यताओं में बंद घड़ी को अच्छा संकेत नहीं माना जाता। अगर घर में कोई घड़ी लंबे समय से बंद पड़ी है तो उसे ठीक करा लेना चाहिए। अगर वह ठीक नहीं हो सकती तो उसे घर में बेकार रखने के बजाय हटा देना बेहतर माना जाता है।
व्यावहारिक रूप से भी खराब इलेक्ट्रॉनिक या घरेलू सामान को लंबे समय तक जमा रखने से घर में अनावश्यक सामान बढ़ता जाता है। नवरात्रि की सफाई ऐसे सामान को व्यवस्थित करने का अच्छा मौका हो सकती है।
टूटे कांच और शीशे को हटाएं
घर में टूटा हुआ कांच या दरार वाला शीशा रखना वास्तु की मान्यताओं में शुभ नहीं माना जाता। इसके अलावा टूटा कांच सुरक्षा के लिहाज से भी जोखिम पैदा कर सकता है।
अगर खिड़की, दरवाजे, फोटो फ्रेम या किसी सजावटी वस्तु का कांच टूट गया है तो नवरात्रि से पहले उसे बदल देना चाहिए। इसी तरह दरार वाला
आईना
भी बदलने की सलाह दी जाती है।
सूखे पौधों पर दें ध्यान
घर में पौधे वातावरण को सुंदर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वास्तु मान्यताओं में हरे-भरे पौधों को सकारात्मकता से जोड़ा जाता है, जबकि पूरी तरह सूख चुके पौधों को घर में रखने से बचने की सलाह दी जाती है।
नवरात्रि से पहले घर के पौधों की देखभाल करें। सूखी पत्तियों को हटाएं और जिन पौधों को बचाया जा सकता है, उन्हें पानी, धूप और उचित देखभाल दें। अगर कोई पौधा पूरी तरह सूख चुका है तो उसे हटाकर उसकी जगह नया पौधा लगाया जा सकता है।
टूटे बर्तन और बेकार सामान
कई घरों में टूटे कप, प्लेट, कटोरी या दूसरे बर्तन लंबे समय तक रखे रहते हैं। वास्तु शास्त्र से जुड़ी मान्यताओं में टूटे बर्तनों को घर में रखना अच्छा नहीं माना जाता। नवरात्रि की सफाई के दौरान ऐसे बर्तनों को अलग किया जा सकता है।
इसके अलावा लंबे समय से इस्तेमाल नहीं हो रहे डिब्बे, खराब इलेक्ट्रॉनिक सामान, पुराने जूते-चप्पल और अनुपयोगी वस्तुओं को भी व्यवस्थित करना चाहिए। जिन चीजों की जरूरत नहीं है और जो इस्तेमाल योग्य हैं, उन्हें जरूरतमंदों को दिया जा सकता है।
पुराने और फटे कपड़ों को करें अलग
अलमारी में लंबे समय से पड़े फटे और अनुपयोगी कपड़ों को भी नवरात्रि से पहले व्यवस्थित किया जा सकता है। अगर कपड़े पहनने योग्य हैं लेकिन इस्तेमाल नहीं किए जा रहे तो उन्हें जरूरतमंदों को देने पर विचार किया जा सकता है।
जो कपड़े पूरी तरह खराब हो चुके हैं, उन्हें अलग कर देना चाहिए। इससे अलमारी व्यवस्थित रहती है और घर में अनावश्यक सामान जमा नहीं होता।
पूजा घर की सफाई सबसे जरूरी
नवरात्रि में नौ दिनों तक मां दुर्गा की पूजा की जाती है, इसलिए पूजा स्थल की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देना चाहिए। मंदिर में जमा धूल, पुराने फूल, इस्तेमाल हो चुकी पूजा सामग्री और खराब सजावटी सामान हटा दें।
पूजा के बर्तन भी अच्छी तरह साफ कर लें। दीपक, घंटी, आरती की थाली और दूसरी पूजा सामग्री को व्यवस्थित करके रखें। अगर मंदिर में कपड़ा बिछाया जाता है तो उसे धोकर या बदलकर साफ कपड़ा लगाया जा सकता है।
घर के मुख्य द्वार को रखें साफ
वास्तु मान्यताओं में घर के मुख्य द्वार को विशेष महत्व दिया जाता है। इसलिए नवरात्रि से पहले प्रवेश द्वार की अच्छी तरह सफाई करने की सलाह दी जाती है। दरवाजे के आसपास जूते-चप्पल, कचरा या अनुपयोगी सामान बिखरा हुआ न रखें।
मुख्य द्वार पर खराब सजावटी सामान लगा हो तो उसे भी बदल सकते हैं। साफ और व्यवस्थित प्रवेश द्वार घर की सुंदरता भी बढ़ाता है।
सफाई के साथ व्यवस्था भी जरूरी
नवरात्रि से पहले घर की सफाई का मतलब केवल धूल-मिट्टी हटाना नहीं है। इस दौरान लंबे समय से जमा बेकार सामान को छांटकर घर को व्यवस्थित भी किया जा सकता है। इससे पूजा और त्योहार के दौरान घर साफ-सुथरा और खुला दिखाई देता है।
हालांकि वास्तु और ज्योतिष से जुड़ी ये बातें धार्मिक और पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित हैं, इन्हें वैज्ञानिक रूप से सिद्ध नियम नहीं माना जाना चाहिए। फिर भी साफ-सफाई, टूटी वस्तुओं को हटाना और घर को व्यवस्थित रखना व्यावहारिक रूप से उपयोगी है।
शारदीय नवरात्रि में मां दुर्गा की आराधना से पहले घर और पूजा स्थल की सफाई करने की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है। ऐसे में इस अवसर पर घर से बेकार और टूटी-फूटी चीजों को हटाकर एक साफ, व्यवस्थित और पूजा के अनुकूल वातावरण तैयार किया जा सकता है।
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