धर्म-अध्यात्म

धर्म: गुरुवार को पहनें यह रत्न और चमकाएं अपना भाग्य,ऐसा मौका दोबारा नहीं मिलेगा

Sarita
10 July 2025 8:52 AM IST
धर्म: गुरुवार को पहनें यह रत्न और चमकाएं अपना भाग्य,ऐसा मौका दोबारा नहीं मिलेगा
x
धर्म: ज्योतिष शास्त्र में कई रत्नों का वर्णन मिलता है. माना जाता है कि रत्न पहनने से सीधे तौर पर हम अपने ग्रहों के प्रभाव को नियंत्रित कर सकते हैं लेकिन रत्न पहनने की सलाह किसी ज्योतिषी या विशेषज्ञ की से लेना जरूरी है. कुंडली के अनुसार ही रत्न पहनने की सलाह दी जाती है. कौन सा रत्न किस व्यक्ति विशेष को सूट करेगा इसका पता ग्रहों की दशा देखकर ही किया जा सकता है|
हम जैसे रत्न की बात कर रहे हैं वह है फिरोजा जिसे इंग्लिश में टरकॉइस भी कहा जाता है. यह एक हरे और नीले रंग की आभा लिए हुए रत्न होता है जिसे बृहस्पति ग्रह से जोड़कर देखा जाता है. माना जाता है कि यह एक भाग्यशाली रत्न है और इसे पहनने वाले के जीवन में समृद्धि, भाग्य और ज्ञान में बढ़ोतरी होती है. फिरोजा को गुरु का रत्न माना गया है इसलिए यह गुरु के प्रभाव को और बढ़ा देता है जिससे आपके जीवन में समृद्धि और धन की वृद्धि होती है|
फिरोजा रत्न की विशेषता:
यह एक हरे और नीले आभा का पत्थर होता है जिसे प्राचीन काल से आभूषणों में इस्तेमाल किया जा रहा है. बौद्ध धर्म के लोग इस पवित्र रत्न मानते हैं. यह कोई तीव्र असर दिखाने वाला रत्न नहीं है इसलिए इसे पहनने से कोई नुकसान भी नहीं होता. यही कारण है कि इसे प्राचीन काल से आभूषणों, हार, अंगूठी में जड़ा जाता है. इसका संबंध बृहस्पति ग्रह से होता है|
फिरोजा के गुण:
अगर फिरोजा के गुणों की बात करें तो यह भाग्य वृद्धि समृद्धि वृद्धि, ज्ञान और स्वास्थ्य स्वास्थ्य के लिए पहना जाता है. धनु और मीन राशि के लोगों के लिए के उपयुक्त होता है क्योंकि यह राशियां गुरु ग्रह से प्रभावित होती हैं.
फिरोजा को धारण करने के नियम:
फिरोजा को किसी भी शुभ मुहूर्त पर धारण किया जा सकता है. वैसे इसे गुरुवार और शुक्रवार को ही पहना जाता है|
इसे पहनने के लिए सुबह का समय सबसे उपयुक्त होता है.
इसे पहनने से पहले रात को गंगाजल और कच्चे दूध में डुबोकर रखना होता है.
इसे चांदी या पांच धातु में जड़कर ही पहना जाता है.
इसे आप अंगूठी, लॉकेट के रूप में पहन सकते हैं. फिरोजा को पहनने के लिए अनामिका उंगली उपयुक्त होती है|
फिरोजा पहनने के फायदे:
माना जाता है कि फिरोजा पहनने से भाग्य वृद्धि होती है.
अगर यह किसी की कुंडली में ग्रहों के साथ उचित योग बनता है तो इंसान का भाग्य चमक सकता है.
इसे धन और बुद्धि की वृद्धि के लिए भी पहना जाता है.
कभी-कभी ज्योतिषी इसे स्वास्थ्य को सुधारने के लिए भी पहनाते हैं. वहीं करियर में सफलता के लिए भी फिरोजा पहना जाता है.
यह मान सम्मान में वृद्धि करता है और हमारे ज्ञान और आत्मविश्वास को बढ़ाता है.
श्र्वास संबंधी समस्याओं को काम करने के लिए भी फिरोजा पहनने की सलाह दी जाती है|
Next Story