- Home
- /
- अन्य खबरें
- /
- धर्म-अध्यात्म
- /
- धर्म: रविवार को सूर्य...
धर्म-अध्यात्म
धर्म: रविवार को सूर्य भगवान को अर्घ्य देते समय जल में मिलाएं ये चीजें, मिलता है कई गुना फल
Sarita
30 Nov 2025 12:59 PM IST

x
धर्म: हिंदू धर्म में रविवार का दिन भगवान सूर्य नारायण की उपासना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार सूर्य देव को साक्षात देवता माना गया है । इसलिए रविवार प्रातःकाल उदय होते सूर्य को निहारते हुए अर्घ्य देना न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह मन, शरीर और आत्मा को ऊर्जा से भी भरता है। ऐसा माना जाता है कि सूर्य देवता को अर्घ्य देने से आयु, स्वास्थ्य, तेज, सम्मान और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है। मान्यता है कि सूर्य देव को दिया गया जल अर्घ्य तभी पूर्ण फल देता है जब उसमें कुछ विशेष वस्तुएं मिलाई जाएं।
1. लाल चंदन :
अर्घ्य के जल में लाल चंदन मिलाना अत्यंत शुभ माना गया है। लाल चंदन सूर्य देव का प्रिय माना जाता है। मान्यता है कि लाल चंदन युक्त अर्घ्य देने से व्यक्ति के जीवन में सौभाग्य बढ़ता है, बाधाएँ दूर होती हैं और व्यक्तित्व में तेज तथा आकर्षण बढ़ता है। लाल चंदन मन को शांत करता है और सूर्य की ऊर्जा को सौम्य रूप में ग्रहण करने में सहायक माना गया है।
2. लाल पुष्प:
सूर्य देव को लाल रंग अत्यंत प्रिय है। लाल पुष्प ऊर्जा, दृढ़ता और साहस का प्रतीक माने जाते हैं। अर्घ्य के जल में एक लाल पुष्प रखने से सूर्य देव की कृपा शीघ्र प्राप्त होती है। यह उपाय आत्मविश्वास बढ़ाने, करियर में उन्नति पाने और सम्मान प्राप्त करने में बेहद प्रभावी माना गया है।
3. अक्षत (चावल के दाने):
अक्षत अक्षयता और पूर्णता का प्रतीक है। कहा जाता है कि अर्घ्य के जल में अक्षत मिलाने से व्यक्ति के जीवन में स्थिरता आती है। जो लोग आर्थिक अस्थिरता, काम में बार-बार रुकावट या निर्णय लेने में असमंजस का सामना कर रहे हों, उन्हें अक्षत युक्त अर्घ्य अवश्य देना चाहिए। यह उपाय जीवन में सकारात्मक ऊर्जा को स्थायी रूप से बढ़ाता है।
4. गुड़ :
गुड़ सूर्य देवता का विशेष प्रिय भोग माना गया है। गुड़ अग्नि तत्व को बढ़ाता है और शरीर में ऊर्जा का संचार करता है। अर्घ्य के जल में थोड़ा सा गुड़ मिलाकर देने से मानसिक तनाव कम होता है, स्वास्थ्य में सुधार होता है और मनोबल बढ़ता है। इसके अतिरिक्त पारिवारिक सुख-शांति में भी इसकी महत्वपूर्ण भूमिका मानी गई है।
5. रोली या कुमकुम :
कुमकुम सौभाग्य का प्रतीक है और इसे अर्घ्य के जल में मिलाना अत्यंत शुभ माना गया है। इससे सूर्य की कृपा के साथ-साथ मंगल ग्रह भी प्रसन्न होता है। यह उपाय विशेषकर उन लोगों के लिए शुभ बताया गया है जिनकी कुंडली में सूर्य कमजोर हो या आत्मविश्वास की कमी रहती हो। रोली युक्त अर्घ्य जीवन में नई ऊर्जा और सकारात्मकता का संचार करता है।
प्रत्येक रविवार, सप्तमी तिथि,सूर्य संक्रांति या नित्यप्रति सूर्य की उपासना का विधान शास्त्रों में बताया गया है। प्रातःकाल नहाकर उगते हुए सूर्य को जल देने के लिए तांबे के लोटे में जल,लालचन्दन,चावल,लालफूल आदि डालकर प्रसन्न मन से सूर्य की ओर मुख करके कलश को छाती के बीचों-बीच लाकर सूर्य मंत्र का जप करते हुए जल की धारा धीरे-धीरे प्रवाहित कर भगवान सूर्य को अर्घ्य देकर पुष्पांजलि अर्पित करना चाहिए।इस समय अपनी दृष्टि को कलश की धारा वाले किनारे पर रखेंगे तो सूर्य का प्रतिबिम्ब एक छोटे बिंदु के रूप में दिखाई देगा, एवं एकाग्रमन से देखने पर सप्तरंगों का वलय नज़र आएगा।अर्घ्य के बाद सूर्यदेव को नमस्कार कर तीन परिक्रमा करें ।
Tagsधर्मरविवारसूर्यअर्घ्य ReligionSundaySunoffering prayers जनता से रिश्ता न्यूज़जनता से रिश्ताजनता से रिश्ता.कॉमआज की ताजा न्यूज़हिंन्दी न्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारJanta Se Rishta NewsJanta Se RishtaToday's Latest NewsHindi NewsIndia NewsKhabron Ka SilsilaToday's Breaking NewsToday's Big NewsMid Day Newspaperजनताjantasamachar newssamacharहिंन्दी समाचार
Next Story





