धर्म-अध्यात्म

धर्म: किसी भी दवा से ज्यादा तेजी से काम करता है महामृत्युंजय मंत्र, जानें कब और कितनी बार करना चाहिए इसका जाप

Sarita
28 April 2025 6:40 AM IST
धर्म: किसी भी दवा से ज्यादा तेजी से काम करता है महामृत्युंजय मंत्र, जानें कब और कितनी बार करना चाहिए इसका जाप
x
धर्म: भगवान शिव का पवित्र महामृत्युंजय मंत्र एक अत्यंत शक्तिशाली मंत्र है। इसका जाप कभी भी किया जा सकता है, लेकिन धार्मिक ग्रंथों के मुताबिक सूर्योदय के इस समय मंत्र जाप करना सबसे शुभ है, जिसका प्रभाव पूरे दिन भर बना रहता है। जहां तक दिन की बात है, तो सोमवार को इस प्रभावकारी मंत्र का जाप करना अत्यंत शुभ है, क्योंकि यह दिन देवाधिदेव भगवान शिव को समर्पित है। वहीं, व्रत त्योहार की बात है, तो महाशिवरात्रि पर्व और हर महीने की मासिक शिवरात्रि के दिन इसका जाप करना विशेष रूप से लाभकारी माना गया है। लेकिन कुछ विशेष समय और परिस्थितियों में इसे जपने से तुरंत लाभ होता है। आइए जानते हैं, ये परिस्थितियां कौन-सी हैं?
अनिष्ट की आशंका: जब कभी कुछ अशुभ महसूस हो रहा हो या फिर किसी अनिष्ट की आशंका हो, तब का इस मंत्र का 1, 3, 5 या 7 माला जाप करने से अनिष्ट टल जाता है।
तनाव और बेचैनी: यह देखा गया है कि मन की व्याकुलता और घबराहट को कम करने में महामृत्युंजय मंत्र किसी भी दवा से तेज असर करता है। जब भी मन बेचैन हो या तनाव हो, इस मंत्र को 5, 7, 11 या 21 बार जाप करने से तुरंत लाभ होता है।
एक्सीडेंट होने पर: दुर्घटना कभी भी हो सकती है। जब कोई एक्सीडेंट हो जाए, तो उस समय ही महामृत्युंजय मंत्र का जाप करने से बहुत लाभ होता है। इसके ‘निरंतर जाप’ से मृत्यु भी टल सकती है।
बीमार होने पर: महामृत्युंजय मंत्र स्वास्थ्य लाभ और रोगों से बचाने में बहुत प्रभावकारी माना गया है। जब भी आप या घर का कोई सदस्य बीमार हो, तो दवा के साथ-साथ नियमित रूप से इस मंत्र का सुबह-शाम जाप करने से लाभ होता है।
ग्रह शांति और आयु में वृद्धि: धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, महामृत्युंजय मंत्र अकाल मृत्यु से रक्षा करता है। किसी मंदिर में शिवलिंग के सामने या घर में भगवान शिव के चित्र के सामने हर रोज इस मंत्र का जाप 108 बार जाप करने अकाल मृत्यु टल जाता है। प्रतिदिन इसका जाप करने से सभी ग्रहों के दोष भी समाप्त हो जाते हैं।
Next Story