धर्म-अध्यात्म

धर्म: शनि की बुरी नजर से बचना है तो शनिवार को करें ये काम

Sarita
8 March 2025 9:04 AM IST
धर्म: शनि की बुरी नजर से बचना है तो शनिवार को करें ये काम
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धर्म: सप्ताह का हर दिन किसी न किसी देवी देवता की पूजा अर्चना को समर्पित है वही शनिवार का दिन भगवान शनिदेव की पूजा के लिए उत्तम माना जाता है इस दिन भक्त भगवान शनिदेव की विधिवत पूजा करते हैं और व्रत आदि भी रखते हैं माना जाता है कि ऐसा करने से प्रभु की कृपा प्राप्त होती है|
लेकिन अगर हर शनिवार के दिन भक्ति भाव से शनि देव की पूजा कर श्री शनि कवच का पाठ किया जाए साथ ही गरीबों और जरूरतमंदों को दान किया जाए तो कुंडली का शनि मजबूत हो जाता है और शुभ परिणाम प्राप्त होते हैं तो आज हम आपके लिए लेकर आए हैं श्री शनि कवच पाठ।
यहां पढ़ें श्री शनि कवच पाठ—
ओं अस्य श्री शनैश्चर कवच स्तोत्रमहामन्त्रस्य काश्यप ऋषिः, अनुष्टुप्चन्दः, शनैश्चरो देवता, शं बीजं, वां शक्तिः यं कीलकं, मम शनैश्चरकृतपीडापरिहारार्थे जपे विनियोगः ॥
करन्यासः ॥
शां अङ्गुष्ठाभ्यां नमः ।
शीं तर्जनीभ्यां नमः ।
शूं मध्यमाभ्यां नमः ।
शैं अनामिकाभ्य़ां नमः ।
शौं कनिष्ठिकाभ्यां नमः ।
शः करतलकरपृष्ठाभ्यां नमः ॥
अङ्गन्य़ासः ॥
शां हृदयाय नमः ।
शीं शिरसे स्वाहा ।
शूं शीखायै वषट्
ध्यानम् ॥
चतुर्भुजं शनिं देवं चापतूणी कृपाणकं ।
वरदं भीमदम्ष्ट्रं च नीलाङ्गं वरभूषणं ।
नीलमाल्यानुलेपं च नीलरत्नैरलङ्कृतं ।
ज्वालोर्ध्व मकुटाभासं नीलगृध्र रथावहं ।
मेरुं प्रदक्षिणं कृत्वा सर्वलोकभयावहं ।
कृष्णाम्बरधरं देवं द्विभुजं गृध्रसंस्थितं ।
सर्वपीडाहारं नॄणां ध्यायेद्ग्रहगणोत्तमम् ॥
अथ कवचम् ॥
शनैश्चरः शिरो रक्षेत् मुखं भक्तार्तिनाशनः ।
कर्णौ कृष्णाम्बरः पातु नेत्रे सर्वभयङ्करः ।
कृष्णाङ्गो नासिकां रक्षेत् कर्णौ मे च शिखण्डिजः ।
भुजौ मे सुभुजः पातु हस्तौ नीलोत्पलप्रभः ।
पातु मे हृदयं कृष्णः कुक्षिं शुष्कोदरस्तथा ।
कटिं मे विकटः पातु ऊरू मे घोररूपवान् ।
जानुनी पातु दीर्घो मे जङ्घे मे मङ्गलप्रदः ।
गुल्फौ गुणाकरः पातु पादौ मे पङ्गुपादकः ।
सर्वाणि च ममाङ्गानि पातु भास्करनन्दनः ।
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