धर्म-अध्यात्म

Religion:बुध ग्रह के 108 नाम मंत्रों का जाप कर पाएं वाणी बुद्धि और आर्थिक लाभ का आशीर्वाद

Sarita
24 Dec 2025 7:21 AM IST
Religion:बुध ग्रह के 108 नाम मंत्रों का जाप कर पाएं वाणी बुद्धि और आर्थिक लाभ का आशीर्वाद
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Religion: किसी की कुंडली में बुध ग्रह की स्थिति जब मजबूत होती है तो व्यक्ति की बुद्धि स्मरण शक्ति तेज होती है. तार्किक विषयों में व्यक्ति अच्छा प्रदर्शन करता है और किसी बात को समझने की उसी औरो से अधिक शक्ति होती है. ऐसे लोगों की बुद्धिमत्ता इनका हथियार होता है. मजबूत बुध के प्रभाव से व्यक्ति व्यापार में अच्छा मुनाफा कमाता है और वाणिज्य के साथ ही संचार के क्षेत्रों में एक के बाद एक सफलता की प्राप्त करता जाता है. ऐसे लोगों की वाणी आकर्षक होती है. ये लोग अपने शब्दों से किसी का भी दिल जीत लेते हैं. लेकिन अगर किसी व्यक्ति की कुंडली में बुध की स्थिति कमजोर हो तो व्यक्ति पर बुध का बहुत बुरा प्रभाव पड़ने लगता है. बुध ग्रह की स्थिति जब किसी व्यक्ति की कुंडली में कमजोर होता है या बुध ग्रह क्रूर ग्रहों के प्रभाव में होता है तब व्यक्ति मानसिक रूप से खुद को कमजोर महसूस करने लगता है. गणित और तार्किक विषयों से भागने लगता है. कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है. सोचने समझने की क्षमता पर बुरा प्रभाव पड़ता है और अपनी बातों को भी ऐसे लोग अच्छे प्रस्तुत नहीं कर पाते हैं. कमजोर बुध व्यापार में हानि और करियर में असफलता लाता है ऐसे में बुध को मजबूत करने के लिए कुछ उपाय जरूर करने चाहिए. इसके लिए बुधवार के दिन बुध ग्रह के 108 नाम मंत्र का जाप कर सकते हैं जिसे बुध की अष्टोत्तर शतनामावली कहते हैं. इसस व्यक्ति का संचार कौशल अच्छा होगा आर्थिक हानि रुक सकेगी और दरिद्रता दूर होने लगेगी|
||बुध की अष्टोत्तर शतनामावली||
बुध मंत्र
ૐ बुधाय नमः ।
ૐ बुधार्चिताय नमः ।
ૐ सौम्यय नमः ।
ૐ सौम्यचित्ताय नमः ।
ૐ शुभप्रदाय नमः ।
ૐ दृढव्रताय नमः ।
ૐ दृढफलाय नमः ।
ૐ श्रुतिजालप्रबोधकाय नमः ।
ૐ सत्यवासाय नमः ।
ૐ सत्यवचसॆ नमः ॥ 10 ॥
ૐ श्रेयसांपतयॆ नमः ।
ૐ अव्ययाय नमः ।
ૐ सोमजाय नमः ।
ૐ सुखदाय नमः ।
ૐ श्रीमते नमः ।
ૐ सोमवंशप्रदीपकाय नमः ।
ૐ वेदविदे नमः ।
ૐ वेदतत्वज्ञाय नमः ।
ૐ वेदांतज्ञानभास्कराय नमः ।
ૐ विद्याविचक्षणाय नमः ॥ 20 ॥
ૐ विदूषे नमः ।
ૐ विद्वत्प्रीतिकराय नमः ।
ૐ ऋजवे नमः ।
ૐ विश्वानुकूलसंचारिणे नमः ।
ૐ विशेषविनयान्विताय नमः ।
ૐ विविधागमसारज्ञाय नमः ।
ૐ वीर्यावते नमः ।
ૐ विगतज्वराय नमः ।
ૐ त्रिवर्गफलदाय नमः ।
ૐ अनंताय नमः ॥ 30 ॥
ૐ त्रिदशाधिपपूजिताय नमः ।
ૐ बुद्धिमते नमः ।
ૐ बहुशास्त्रज्ञाय नमः ।
ૐ बलिने नमः ।
ૐ बंधविमोचकाय नमः ।
ૐ वक्रातिवक्रगमनाय नमः ।
ૐ वासवाय नमः ।
ૐ वसुधाधिपाय नमः ।
ૐ प्रसन्नवदनाय नमः ।
ૐ वंद्याय नमः ॥ 40 ॥
ૐ वरेण्याय नमः ।
ૐ वाग्विलक्षणाय नमः ।
ૐ सत्यवते नमः ।
ૐ सत्यसंकल्पाय नमः ।
ૐ सत्यसंधाय नमः ।
ૐ सदादराय नमः ।
ૐ सर्वरोगप्रशमनाय नमः ।
ૐ सर्वमृत्युनिवारकाय नमः
ૐ वाणिज्यनिपुणाय नमः ।
ૐ वश्याय नमः ॥ 50 ॥
ૐ वातांगिने नमः ।
ૐ वातरोगहृते नमः ।
ૐ स्थूलाय नमः ।
ૐ स्थैर्यगुणाध्यक्षाय नमः ।
ૐ स्थूलसूक्ष्मादिकारणाय नमः ।
ૐ अप्रकाशाय नमः ।
ૐ प्रकाशात्मने नमः ।
ૐ घनाय नमः ।
ૐ गगनभूषणाय नमः ।
ૐ विधिस्तुत्याय नमः ॥ 60 ॥
ૐ विशालाक्षाय नमः ।
ૐ विद्वज्जनमनोहराय नमः ।
ૐ चारुशीलाय नमः ।
ૐ स्वप्रकाशाय नमः ।
ૐ चपलाय नमः ।
ૐ चलितेंद्रियाय नमः ।
ૐ उदन्मुखाय नमः ।
ૐ मुखासक्ताय नमः ।
ૐ मगधाधिपतये नमः ।
ૐ हरये नमः ॥ 70 ॥
ૐ सौम्यवत्सरसंजताय नमः ।
ૐ सोमप्रियकराय नमः ।
ૐ महते नमः ।
ૐ सिंहादिरूढाय नमः ।
ૐ सर्वज्ञाय नमः ।
ૐ शिखिवर्णाय नमः ।
ૐ शिवंकराय नमः ।
ૐ पीतांबराय नमः ।
ૐ पीतवपुषे नमः ।
ૐ पीतच्छत्रध्वजांकिताय नमः ॥ 80 ॥
ૐ खड्गचर्मधराय नमः ।
ૐ कार्यकर्ते नमः ।
ૐ कलुषहारकाय नमः ।
ૐ आत्रेयगोत्रजाय नमः ।
ૐ अत्यंतविनयाय नमः ।
ૐ विश्वपावनाय नमः ।
ૐ चांपेयपुष्पसंकाशाय नमः ।
ૐ चरणाय नमः ।
ૐ चारुभूषणाय नमः ।
ૐ वीतरागाय नमः ॥ 90 ॥
ૐ वीतभयाय नमः ।
ૐ विशुद्धकनकप्रभाय नमः ।
ૐ बंधुप्रियाय नमः ।
ૐ बंधमुक्ताय नमः ।
ૐ बाणमंडलसंश्रिताय नमः ।
ૐ अर्कशानप्रदेशस्थाय नमः ।
ૐ तर्कशास्त्रविशारदाय नमः ।
ૐ प्रशांताय नमः ।
ૐ प्रीतिसंयुक्ताय नमः ।
ૐ प्रियकृते नमः ॥ 100 ॥
ૐ प्रियभाषणाय नमः ।
ૐ मेधाविने नमः ।
ૐ माधवासक्ताय नमः ।
ૐ मिथुनाधिपतयॆ नमः ।
ૐ सुधिये नमः ।
ૐ कन्याराशिप्रियाय नमः ।
ૐ घनफलाशाय नमः ॥ 108 ॥
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