धर्म-अध्यात्म

धर्म: इस व्रत को करने से भगवान शिव होते हैं प्रसन्न, भोलेनाथ करते हैं सभी कष्टों का निवारण

Sarita
3 Jun 2025 11:36 AM IST
धर्म: इस व्रत को करने से भगवान शिव होते हैं प्रसन्न, भोलेनाथ करते हैं सभी कष्टों का निवारण
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धर्म: हिंदू धर्म में हर व्रत और त्योहार का विशेष महत्व होता है.भगवान शिव के लिए रखा जाने वाला यह विशेष व्रत कष्टों और हर प्रकार के दोष से मुक्ति दिलाता है. जून 2025 में यह व्रत कब रखा जाएगा, नोट करें इस व्रत को रखने की सही डेट.भगवान शिव के लिए रखे जाने वाले प्रदोष व्रत के कई लाभ हैं. प्रदोष व्रत हर माह में दो बार शुक्ल पक्ष और कृ्ष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि के दिन पड़ता है. इस दिन प्रदोष काल में पूजा करने का विशेष महत्व होता है. प्रदोष काल यानि जो समय सूर्यास्त से शुरू हो जाता है. जब त्रयोदशी तिथि और प्रदोष साथ-साथ होते हैं.इस काल को शिव पूजा के लिए सर्वश्रेष्ठ माना जाता है. जानते हैं जून माह में कब पड़ेगा पहला प्रदोष व्रत|
प्रदोष व्रत 2025 तिथि :
त्रयोदशी तिथि की शुरूआत 8 जून, 2025 को सुबह 7.17 मिनट पर होगी.
त्रयोदशी तिथि समाप्त 9 जून, 2025 सुबह 09.35 मिनट पर होगी
इस दिन प्रदोष काल में पूजा का समय रहेगा शाम 6:34 से 8:48 मिनट तक
इसीलिए प्रदोष व्रत 8 जून, 2025 रविवार के दिन रखा जाएगा.
प्रदोष व्रत अगर रविवार के दिन पड़ता है तो इसे रवि प्रदोष व्रत कहा जाता है. रवि प्रदोष व्रत के दिन पितृ दोष से मुक्ति पाने के लिए उपाय किए जाते हैं.साथ ही भोलेनाथ की आराधना करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है. साथ ही इस दिन प्रदोष काल में की गईं पूजा-अर्चना शुभ लाभ प्रदान करती है|
प्रदोष व्रत के लाभ:
भोलेनाथ के लिए रखा जाने वाला प्रदोष व्रत हर प्रकार के दुखों का नाश करता है और संकटों से मुक्ति दिलाता है.
इस व्रत को रखने से जीवन और घर परिवार में सुख समृद्धि का वास होता है|
इस व्रत को रखने से भक्तों पर भोलेनाथ की कृपा सदैव बनी रहती है.
ऐसी मान्यता है कि जो व्यक्ति पूर्ण भक्तिभाव और मन से रवि प्रदोष का व्रत करता है उसे पारिवारिक सुख, समाज में मान-सम्मान प्राप्त होता है और जीवन में खुशहाली आती है|
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