धर्म-अध्यात्म

Ravivar Upay: रविवार को आजमाएं नींबू का ये उपाय, रुका हुआ पैसा भी आएगा वापस

Sarita
10 Aug 2025 7:50 AM IST
Ravivar Upay: रविवार को आजमाएं नींबू का ये उपाय, रुका हुआ पैसा भी आएगा वापस
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Ravivar Upay: रविवार का दिन सूर्य देव को समर्पित माना जाता है। इस दिन उनकी पूजा-अर्चना करने से कुंडली में सूर्य की स्थिति मजबूत होती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। मान्यता है कि जैसे सूर्य का प्रकाश पूरे जगत को रोशन करता है, वैसे ही सूर्य की उपासना से व्यक्ति के जीवन में भी सफलता और चमक बढ़ती है।
रविवार को भगवान सूर्य को अर्घ्य अर्पित करना विशेष महत्व रखता है, लेकिन बहुत से लोग यह नहीं जानते कि इस दिन कुछ खास उपाय करने से मनोकामनाएं भी पूरी हो सकती हैं। यदि इन उपायों के साथ कुछ विशेष मंत्रों का जाप किया जाए, तो भाग्य सूर्य की तरह दमकने लगता है। इन उपायों को अपनाने से व्यक्ति को जीवन के हर क्षेत्र में लाभ मिल सकता है।
रविवार को नींबू से करें ये आसान उपाय:
अगर आपको लगता है कि बार-बार बुरी नज़र लग रही है, तो रविवार के दिन एक ताज़ा नींबू लें। इसे बीच से काटकर अंदर काले तिल भरें और काले धागे से कसकर बांध दें। इसके बाद नींबू को घर से दूर किसी जगह फेंक दें।माना जाता है कि इससे नज़र का असर खत्म होता है और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।
अगर घर के किसी सदस्य को भूत-प्रेत या नकारात्मक ऊर्जा से जुड़ी परेशानी है, तो रविवार को उनके सिर से पैर तक नींबू को सात बार घुमाएं। फिर उस नींबू के चार टुकड़े करके किसी सुनसान या वीरान जगह पर फेंक दें। ध्यान रखें, इस उपाय के समय आसपास कोई तीसरा व्यक्ति मौजूद न हो।
अगर काम बार-बार अटक जाते हैं या असफलता मिल रही है, तो रविवार को एक नींबू लेकर अपने सिर से पैर तक सात बार घुमाएं। फिर उसे दो हिस्सों में काटें, दोनों टुकड़े एक-एक हाथ में लेकर विपरीत दिशाओं में फेंक दें। ऐसा करने से बाधाएं दूर होती हैं और रुके हुए काम बनने लगते हैं।
सूर्य देव के चमत्कारी मंत्र:
ॐ हूं सूर्याय नमः – मानसिक शांति और बुद्धि वृद्धि के लिए।
ॐ आदित्याय नमः – आर्थिक समस्या दूर करने और बुद्धि तीव्र करने के लिए।
ॐ भास्कराय नमः – शरीर-मन की शुद्धि और प्रसन्नता के लिए।
सूर्य देव को प्रसन्न करने के उपाय:
ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और साफ-सुथरे वस्त्र पहनें।
पूजा शुरू करने से पहले भगवान गणेश का आवाह्न करें।
तांबे के लोटे में जल भरें और उसमें लाल पुष्प, रोली, चावल और काला तिल डालें।
पूर्व दिशा की ओर मुख करके भगवान सूर्य को अर्घ्य अर्पित करें।
अर्घ्य देते समय जल की धारा में से सूर्य के दर्शन करें।
अर्घ्य अर्पण करते हुए सूर्य मंत्रों का उच्चारण करें।
पूजा के बाद सूर्य चालीसा का पाठ करें।
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