- Home
- /
- अन्य खबरें
- /
- धर्म-अध्यात्म
- /
- Ravi Pradosh Vrat...
धर्म-अध्यात्म
Ravi Pradosh Vrat 2025: रवि प्रदोष व्रत पर बनने जा रहा है दुर्लभ संयोग, भोलेनाथ बरसाएंगे अपनी कृपा
Sarita
7 Jun 2025 8:57 AM IST

x
Ravi Pradosh Vrat 2025: हिंदू पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ माह का आखिरी प्रदोष व्रत रविवार 8 जून को है. रविवार के दिन पड़ने के कारण इसे रवि प्रदोष व्रत कहा जाएगा. यह व्रत हमेशा दोनों पक्षों की त्रयोदशी तिथि पर रखा जाता है. इस दिन देवों के देव महादेव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना की जाती है. साथ ही, मनोकामना पूर्ति के लिए व्रत भी रखा जाता है|
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर कई मंगलकारी और दुर्लभ योगों का निर्माण हो रहा है. ऐसे में इन शुभ योगों में भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा करने से हर एक मनोकामना पूरी हो सकती है. ऐसे में आइए जानते हैं कि रवि प्रदोष व्रत पर कौन से योग बन रहे हैं|
रवि प्रदोष व्रत शुभ मुहूर्त :
ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि 8 जून को सुबह 07:17 मिनट पर शुरू होगी. वहीं, इस तिथि का समापन 9 जून को सुबह 09:35 मिनट पर होगा. ऐसे में इस शुभ अवसर पर शिव पूजा का समय शाम को 7:18 मिनट से लेकर 09:19 मिनट तक रहेगा|
शिव योग:
ज्योतिष के अनुसार, रवि प्रदोष व्रत पर मंगलकारी शिव योग का संयोग बनने जा रहा है. इस योग का निर्माण 8 जून को रात 12:19 मिनट होकर इसका समापन 9 जून को दोपहर 1:19 मिनट पर होगा. ऐसे में इस योग में महादेव की पूजा करने से व्यक्ति की हर एक मनोकामना पूरी हो सकती है|
शिववास योग:
रवि प्रदोष व्रत पर देवों के देव महादेव 8 जून को सुबह 7:17 मिनट तक कैलाश पर विराजमान रहेंगे. इसके बाद भोलेनाथ नंदी की सवारी करेंगे. इस दौरान भगवान शिव की पूजा करने से व्यक्ति को सुख और सौभाग्य की प्राप्ति होगी|
विशाखा नक्षत्र का संयोग:
ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर स्वाति और विशाखा नक्षत्र का संयोग भी बन रहा है. इसके साथ ही बव, बालव और तैतिल करण के योग का भी निर्माण हो रहा है. इन योग में देवों के देव महादेव की भक्ति भाव से पूजा करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है|
प्रदोष व्रत के दिन क्या करना चाहिए:
अगर आप इन दोनों योग में भोलेनाथ की पूजा करते हैं, तो आपकी मनचाही मनकामना पूरी हो सकती है. प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव और माता पार्वती की विधिवत पूजा करनी चाहिए. शिवलिंग पर गंगाजल, दूध, दही, शहद और बेलपत्र चढ़ाना चाहिए. इसके अलावा, प्रदोष व्रत में “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें और प्रदोष व्रत की कथा सुननी चाहिए|
TagsRavi Pradosh Vratरवि प्रदोष व्रतभोलेनाथकृपाRavi Pradosh VratRavi Pradosh fastBholenathblessingsजनता से रिश्ता न्यूज़जनता से रिश्ताआज की ताजा न्यूज़हिंन्दी न्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारJanta Se Rishta NewsJanta Se RishtaToday's Latest NewsHindi NewsIndia NewsKhabron Ka SilsilaToday's Breaking NewsToday's Big NewsMid Day Newspaperजनताjantasamachar newssamacharहिंन्दी समाचार
Next Story





